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Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Anti-social elements have made Jheeram Shaheed Smarak in Jagdalpur their base

Chhattisgarh: झीरम शहीद स्मारक में असामाजिक तत्वों का कब्जा, शराब पीकर करते मूर्तियों के साथ छेड़छाड़

Thu, 19 Jun 2025 09:51 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर Published by: श्याम जी. Updated Thu, 19 Jun 2025 09:51 PM IST
सार

जगदलपुर के झीरम शहीद स्मारक में असामाजिक तत्वों ने अड्डा बना लिया है, जहां शहीदों की प्रतिमाओं के साथ तोड़-फोड़ और शराब की बोतलें फोड़ने की घटनाएं हो रही हैं। देखरेख के अभाव से स्मारक की गरिमा को ठेस पहुंच रही है, जिससे कांग्रेस कार्यकर्ता नाराज हैं।

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Anti-social elements have made Jheeram Shaheed Smarak in Jagdalpur their base
झीरम शहीद स्मारक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

25 मई 2013 को दरभा के झीरम घाटी में हुए नक्सली हमले में कांग्रेस नेताओं और सुरक्षाकर्मियों की शहादत की याद में बनाया गया शहीद स्मारक अब असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गया है। लालबाग में आईजी बंगले के सामने स्थित इस स्मारक में स्थापित शहीदों की प्रतिमाओं के साथ छेड़छाड़ और तोड़-फोड़ की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में गहरा रोष है।

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बस्तर टाइगर महेंद्र कर्मा की प्रतिमा पर शराब की बोतलें फोड़ने की घटना ने स्मारक की गरिमा को तार-तार कर दिया है। पहले जहां यह स्थान शहीदों को श्रद्धांजलि देने का प्रतीक था, अब यह शराबियों और असामाजिक तत्वों का ठिकाना बन चुका है। इस स्थिति पर यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता जावेद खान ने कहा, 'देखरेख के अभाव में स्मारक की यह दुर्दशा हो रही है। पहले भी प्रतिमाओं के साथ तोड़-फोड़ हो चुकी है, जिस पर कांग्रेस ने शहीदों के अपमान का आरोप लगाया था। महापौर संजय पांडे ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज की थी, लेकिन समय के साथ स्मारक की गरिमा को फिर से नजरअंदाज कर दिया गया।'
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सीएसपी आकाश श्रीश्रीमाल ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने नियमित गश्त शुरू करने का निर्णय लिया है। स्मारक में कम लोगों के आने और देखरेख के अभाव के कारण ऐसी घटनाएं हो रही हैं। परिसर की घेराबंदी की गई है, लेकिन मुख्य गेट पर ताला नहीं लगाया जाता और न ही कोई केयरटेकर तैनात है।
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कांग्रेस शासनकाल में निर्मित इस स्मारक की स्थिति अब दयनीय हो चुकी है। शराब की टूटी बोतलों के कांच, गंदगी और उखड़ी हुई नेम प्लेट्स स्मारक की बदहाली की कहानी बयां कर रही हैं। खास बात यह है कि स्मारक से मात्र 200-250 मीटर की दूरी पर सिटी कोतवाली और सीएसपी कार्यालय स्थित हैं। कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से स्मारक की सुरक्षा और रखरखाव सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि शहीदों की स्मृति का सम्मान बना रहे।

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