बस्तर में शाह का विकास मॉडल: केंद्रीय गृह मंत्री बोले- नक्सलवाद खत्म अब रोजगार के नए अवसर
गृह मंत्री अमित शाह ने बस्तर में नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे और क्षेत्र के तीव्र विकास पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद का वास्तविक उन्मूलन अगले पांच साल में हुई क्षति की भरपाई से होगा।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बस्तर में नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे और क्षेत्र के तीव्र विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भी नक्सलवाद के समाप्त होने के बावजूद शांति से न बैठने का आग्रह किया है। शाह ने बताया कि नक्सलवाद का वास्तविक उन्मूलन तभी होगा जब अगले 5 साल में हुई क्षति की पूरी भरपाई कर दी जाएगी।
गृह मंत्री ने कहा कि सभी गांवों को जीवंत आदिवासी समुदायों में बदला जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डेयरी क्षेत्र और वनोपज मिलकर रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगे। शाह ने कहा देश को 77-78 साल पहले आजादी मिली, लेकिन बस्तर के लिए सच्ची आजादी 31 मार्च, 2026 के बाद ही आएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि इस देरी से हुए नुकसान की भरपाई तेजी से की जाएगी। भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार क्षेत्र के लोगों के विकास के लिए हर संभव प्रयास करेंगी। शाह ने नक्सलवादियों के इस गलत प्रचार को खारिज किया कि उन्होंने विकास न होने के कारण हथियार उठाए थे। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि क्षेत्र का विकास इसलिए नहीं हुआ क्योंकि नक्सलवादी हथियारों के साथ वहां बैठे थे। उनके आत्मसमर्पण से अब विकास की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
#WATCH | Bastar, Chhattisgarh: Union Home Minister Amit Shah says, "PM Modi has also urged that even though Naxalism has come to an end, we must not rest or sleep peacefully. Naxalism will be considered truly eradicated only when we have fully compensated for the damage it has… pic.twitter.com/7eeQOAJwBN
— ANI (@ANI) May 18, 2026
सरकार की गांवों तक पहुंच
शाह ने घोषणा की कि एक साल के भीतर सरकार सीधे गांवों तक पहुंचेगी। अब किसी को भी रायपुर तक जाने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने बताया कि बस्तर में वर्तमान में 196 शिविर हैं, कुल मिलाकर लगभग 200 शिविर हैं। अगले 1.5 साल में इनमें से 70 शिविरों को 'सेवा गांव' में बदला जाएगा।
आदिवासी कल्याण केंद्र
इन 'सेवा गांव' को आदिवासी कल्याण के लिए समर्पित केंद्रों के रूप में स्थापित किया जाएगा। शाह ने कहा कि वह कल एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पूरे देश को इसकी घोषणा करेंगे। यह पहल आदिवासी समुदायों के उत्थान और सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि इन केंद्रों के माध्यम से आदिवासियों को सभी आवश्यक सुविधाएं मिलें।
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