{"_id":"6766d8c933ce5c107503e31f","slug":"all-tribal-communities-condemned-amit-shah-remarks-on-constitution-maker-dr-ambedkar-2024-12-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijapur: आंबेडकर पर की गई टिप्पणी पर सर्व आदिवासी समाज ने की निंदा, कहा- प्रतिकूल टिप्पणी बर्दाश्त नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijapur: आंबेडकर पर की गई टिप्पणी पर सर्व आदिवासी समाज ने की निंदा, कहा- प्रतिकूल टिप्पणी बर्दाश्त नहीं
Sat, 21 Dec 2024 08:35 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर
Published by: श्याम जी.
Updated Sat, 21 Dec 2024 08:35 PM IST
सार
डॉ. भीमराव आंबेडकर पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा की गई टिप्पणी को लेकर बीजापुर में सर्व आदिवासी समाज ने निंदा प्रस्ताव पारित किया है।
विज्ञापन
सर्व आदिवासी समाज के संभागीय अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा संसद सत्र के दौरान संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर पर की गई टिप्पणी को लेकर सर्व आदिवासी समाज ने निंदा प्रस्ताव पारित किया है। शनिवार को सर्व आदिवासी समाज के बस्तर संभाग के सभी जिला अध्यक्ष और पदाधिकारियों के वर्चुअल बैठक में सर्व सहमति से निंदा प्रस्ताव पारित किया गया।
विज्ञापन
सर्व आदिवासी समाज के संभागीय अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर ने बताया कि संसद भवन में भारत के संविधान के 75 वर्ष पूरे होने पर विशेष चर्चा के दौरान भारत के संविधान सभा के मुख्य सदस्य डॉ. भीमराव आंबेडकर पर की गई टिप्पणी को देखकर, सुनकर और समझकर बहुत ही दुख हुआ। उक्त टिप्पणी से देश में दलित, आदिवासी, पिछड़ा वर्ग समुदाय अपमानित महसूस करते हुए आक्रोशित हैं।
विज्ञापन
संविधान निर्माता के संदर्भ में इस तरह की टिप्पणी करने वाले सांसद को संवैधानिक मंत्री मंडल के सदस्य के रूप में रखने का नैतिक अधिकार नहीं रह जाता है। आंबेडकर के नेतृत्व में संकलित संविधान से देश के करोड़ों दलित, आदिवासी, ओबीसी, महिलाओं एवं वंचित समुदाय के व्यक्तियों को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार प्राप्त हुआ है अतः संविधान निर्माताओं के लिए प्रतिकूल टिप्पणी सर्व आदिवासी समाज बर्दाश्त नहीं करता है।
विज्ञापन