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मरवाही बंद का असर : सर्वदलीय संघर्ष समिति ने सौंपा ज्ञापन, कहा- सात दिन में निर्णय नहीं हुआ तो होगा चक्काजाम
Fri, 11 Aug 2023 08:03 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला पेंड्रा मरवाही
अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला पेंड्रा मरवाही
Published by: श्याम जी.
Updated Fri, 11 Aug 2023 08:03 PM IST
सार
सर्वदलीय संघर्ष समिति ने कलेक्ट्रेट एवं कंपोजिट बिल्डिंग मध्य क्षेत्र में बनाने की मांग को लेकर मरवाही महाबंद का आयोजन किया था। महाबंद आयोजन का मरवाही विधानसभा क्षेत्र पर व्यापक असर देखने को मिला। मरवाही विधायक डॉ. केके ध्रुव ने इस आयोजन में शामिल होकर ज्ञापन सौंपा है।
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सर्वदलीय संघर्ष समिति
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गौरेला पेंड्रा मरवाही जिला गठन के दो साल बाद गुरुकुल सेनेटोरियम में बनाए जा रहे कलेक्ट्रेट एवं कंपोजिट बिल्डिंग के निर्माण को लेकर प्रतिनिधियों में विरोधाभास है। पंचायत प्रतिनिधियों ने विभिन्न दलों के जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों में उत्पन्न विरोधाभास की परिणिति स्वरूप 11 अगस्त को संपूर्ण मरवाही विधानसभा क्षेत्र के बंद का आह्वान किया था। इसमें सर्वदलीय संघर्ष समिति विकासखंड मुख्यालय मरवाही में धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया है।
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इस महाबंद का असर विकासखंड मुख्यालय मरवाही सहित दानीकुंडी गांव में आज लगने वाले सप्ताहिक बाजार पर विशेष रूप से देखा गया। आदिवासी अंचल के सबसे बड़े दो साप्ताहिक बाजार में आज सन्नाटा पसरा हुआ था। वहीं, मरवाही विकासखंड मुख्यालय की दुकानें साप्ताहिक बाजार के दिन भी आश्चर्यजनक रूप से बंद थी। महाबंद के समर्थन में मरवाही विधानसभा क्षेत्र के गांव-गांव में दुकान बंद की गईं तथा लोगों ने स्वस्फूर्त इस महाबंद को समर्थन दिया।
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वहीं, मरवाही विकासखंड मुख्यालय में सर्वदलीय संघर्ष समिति मरवाही विधानसभा क्षेत्र द्वारा धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया है, जिसमें सत्तासीन कांग्रेस के ज्यादातर वरिष्ठ पदाधिकारी सहित मरवाही के कांग्रेस विधायक डॉ. केके ध्रुव अपने सभी समर्थकों के साथ धरना स्थल पर मंच पर बैठ गए। सर्वदलीय धरना प्रदर्शन होने के कारण भाजपा एवं छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस जोगी के नेता एवं कार्यकर्ताओं सहित मरवाही विधानसभा क्षेत्र के अधिकांश पंचायत प्रतिनिधियों, जिला पंचायत सदस्य, जनपद सदस्य, सरपंच एवं पंचगढ़ सहित ग्रामीणों का समर्थन पहले से मिला हुआ था, लेकिन जिला मुख्यालय मध्य क्षेत्र में बनाने की मांग को लेकर जिस तरह से मरवाही विधायक डॉ. केके ध्रुव महाबंद के समर्थन में आए उससे आंदोलन में एक नई जान आ गई।
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गौरेला पेंड्रा मरवाही का जिला मुख्यालय वैसे तो पेंड्रा और गौरेला के मध्य गुरुकुल परिसर में बनाने का निर्णय स्वयं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और जिले के प्रभारी मंत्री जय सिंह अग्रवाल ने कर दिया था, जिसकी परिणति स्वरूप वहां गुरुकुल सेनेटोरियम परिसर में जिला कलेक्ट्रेट एवं कंपोजिट बिल्डिंग का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। वहीं, इसे लेकर बीते एक महीने से आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति चल रही थी, जो अब थमती दिखाई नहीं दे रही है। जनप्रतिनिधियों की मांग है कि जिला मुख्यालय कंपोजिट बिल्डिंग जिले के मध्य में बनाई जाए। इसके लिए कुछ स्थानों का भी सुझाव जनप्रतिनिधियों सहित स्थानीय लोगों ने दिया है। इसके पहले प्रशासन को इस मामले का ज्ञापन भी सौंपा गया था, लेकिन प्रशासन ने ज्ञापन पर किसी भी प्रकार से कोई निर्णय नहीं लिया। विरोध में आज महाबंद का आयोजन किया गया।
सर्वदलीय मंच का मरवाही के पूर्व विधायक पहलवान सिंह मरावी सहित मरवाही जनपद के अध्यक्ष, मरवाही जनपद के उपाध्यक्ष, मरवाही पेंड्रा के सरपंच, संघ अध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज क्षेत्र के सभी जिला एवं जनपद पंचायत सदस्यों ने महाबंध के मंच में बैठकर खुला समर्थन दिया। इसमें कांग्रेस-भाजपा सहित जेसीसीजे कार्यकर्ता एवं व्यापारी प्रकोष्ठ के सभी सदस्य शामिल हुए। महाबंद को स्थानीय नागरिकों ने भी पूरा समर्थन दिया। सर्वदलीय मंच ने ज्ञापन के साथ प्रशासन को चेतावनी भी दी है कि यदि 7 दिनों के अंदर इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ तो 'जेल भरो आंदोलन' के साथ-साथ 'काम रोको आंदोलन' और चक्का जाम भी किया जाएगा। हालांकि विधायक ने आश्वासन दिया है कि जन भावनाओ का सम्मान करते हुए सात दिनों के भीतर मुख्यमंत्री से चर्चा कर इस मामले में ठोस निर्णय ले लिया जाएगा।