तीनों अपहृत छात्र नक्सलियों के चंगुल से रिहा, बस्तर IG ने की पुष्टि
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छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाके बीजापुर से अपहृत मैनेजमेंट के तीनों छात्रों को सुकमा में छोड़ दिया गया। बस्तर जिले के आईजी पुलिस एसआरपी कल्लुरी के मुताबिक नक्सलियों ने इनका अपहरण किया था जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। नक्सलियों द्वारा छोड़े जाने के बाद ये छात्र चिंतलनार पुलिस स्टेशन पहुंचे।
बताया जा रहा है कि पुणे के एक मैनेजमेंट कॉलेज में पढ़ने वाले ये छात्र नक्सल प्रभावित इलाके में शांति का संदेश फैलाने के लिए साइकिल टूर पर निकले थे।
'भारत जोड़ो' अभियान के तहत उन्होंने ये साइकिल टूर शुरू किया। लेकिन जैसे ही ये छत्तीसगढ़ के बीजापुर में पहुंचे इनका अपहरण कर लिया गया। बस्तर रेंज के आईजी पुलिस एसआरपी कल्लुरी ने बताया था कि छात्रों का अपहरण बीजापुर के जंगली इलाके बासागुडा में किया गया। हालांकि अब उनकी रिहाई की जानकारी बस्तर पुलिस की ओर से दी गई है।
20 दिसंबर को पुणे से शुरू किया था सफर
जिन छात्रों को अपहरण के बाद छोड़ा गया है उनकी पहचान आदर्श पाटील, विलास वलाके और श्रीकृष्ण शेवले के रूप में हुई। बताया जा रहा है कि इन छात्रों ने अपना साइकिल टूर 20 दिसंबर को पुणे से शुरू किया था।
इनकी योजना महाराष्ट्र, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति संदेश देने की थी। टूर के दौरान ये छात्र महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के कई इलाकों से होकर गुजरे।
इनका साइकिल टूर ओडिशा के बालामेला में 10 जनवरी को सम्पन्न होना था। लेकिन इसके पहले ही इनके अपहरण और फिर रिहाई की खबर आ गई।