फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   102 year old woman build toilet in her village

102 साल की वृद्धा ने पूरा कर दिखाया मोदी का सपना

Mon, 07 Sep 2015 08:39 AM IST
Updated Mon, 07 Sep 2015 08:39 AM IST
विज्ञापन
102 year old woman build toilet in her village

प्रधानमंत्री मोदी ने सत्ता में आने के बाद जो सपना देखा था उसे जहां बड़ी-बड़ी कारपोरेट कंपनियां पूरा नहीं कर पाई उसे एक 102 साल की वृद्धा ने पूरा कर दिखाया। छत्तीसगढ़ की रहने वाली 102 वर्षीय वृद्धा ने प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान को गति देते हुए क्षेत्र में मिसाल कायम की है।

विज्ञापन


टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार छत्तीसगढ़ के दूर दराज क्षेत्र की रहने वाली कुवरबाई यादव ने शौचालय निर्माण के लिए अपनी बकरियों को 22 हजार में बेच डाला।
विज्ञापन


उनके इस कार्य के बाद गांव में लोगों ने अपने घरों में शौचालय निर्माण की मुहिम छेड़ दी। धमतरी जिले के कोटाबारी गांव की रहने वाली वृद्धा कुवरबाई ने लोगों को खुले में शौच से रोकने के लिए घर घर जाकर उन्हें जागरूक करने की मुहिम चला रखी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बकरियों को बेचकर गांव में बनवाया शौचालय

102 year old woman build toilet in her village

कुवरबाई कहती हैं कि जंगलों से भरे गांवों की जिंदगी काफी संघर्षपूर्ण होती है। वो बताती हैं कि मैं एक बार एक चौपाल में गई थी जहां मुझे खुले में शौच से होने वाली विभिन्न बीमारियों के बारे में पता चला।

वो बताती हैं कि तब मैने इस संबंध में कुछ करने का फैसला किया। मैंने अपनी बकरियों को बेच दिया और हर किसी को शौचालय निर्माण की अपनी योजना के बारे में बताया।

उनकी इस मुहिम के बाद लगभग 450 लोगों की आबादी वाले गांव में एक उत्साह फैल गया और लोगों में अपने घरों में शौचालय निर्माण की होड़ लग गई। धमतरी जिला प्रशासन ने भी वृद्धा की इस मुहिम में उनका साथ दिया और घरों में शौचालय निर्माण कराने वालों को नरेगा योजना के तहत सब्सिडी उपलब्‍ध करानी शुरू कर दी।

पहला खुले में शौच मुक्त गांव घोषित

102 year old woman build toilet in her village

102 साल की इस वृद्धा की इस मुहिम का ऐसा असर हुआ कि कोटाबारी गांव को खुले में शौच विहीन गांव घोषित कर दिया गया है।

स्वच्छता के इस अभियान का ग्रामीणों पर काफी अच्छा असर हुआ कि कमर प्रजाति के नजदीकी गांव में भी घरों में शौचालय निर्माण की मुहिम शुरू हो गई।

उनके समुदाय के नेता लवकुश ध्रुव और बघेलराम कहते हैं कि ग्रामीणों ने कभी खुले में शौच से होने वाले नुकसान के बारे में सोचा नहीं ‌था इसलिए उन्हें इसकी जानकारी भी नहीं थी। वो कहते हैं कि यह इस सारे अभियान को दिशा देने के लिए एक अच्छा प्रयास था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed