राजधानी रायपुर में डेंगू से 1 की मौत: सीजन आते ही बढ़ी मरीजों की संख्या, जानें बचने के उपाय और लक्षण
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में इस सीजन की डेंगू से पहली मौत होने की खबर सामने आई है। बीते 20 अगस्त को देवेंद्रनगर स्थित एक निजी अस्पताल में डेंगू से पीड़ित युवक की मृत्यु हो गई।
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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में इस सीजन की डेंगू से पहली मौत होने की खबर सामने आई है। बीते 20 अगस्त को देवेंद्रनगर स्थित एक निजी अस्पताल में डेंगू से पीड़ित युवक की मृत्यु हो गई। बरसात में डेंगू का सीजन आते ही राजधानी रायपुर में डेंगू के शक से काफी लोग हॉस्पिटल में एडमिट हो रहे हैं। मरीज प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं। वहीं अम्बेडकर अस्पताल में 10 से अधिक डेंगू पीड़ितों को भर्ती किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अस्पताल में भर्ती हुए तीन लोगों की ही डेंगू हुआ है। स्वास्थ्य अमला बाकी को डेंगू पीड़ित नहीं मान रहा है। बाकी लोगों के ब्लड सैंपल की जांच नहीं की गई है।
प्रदेश में जन-जागरुकता और जानकारी नहीं होने के कारण अधिक लोग डेंगू के चपेट में आ जाते हैं। इसके लिए डेंगू के सीजन में लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। आबादी वाले क्षेत्रों में बरसात के पानी की सही निकासी नहीं होने के कारण गंदगी का फैलाव डेंगू के प्रसार का सबसे बड़ा कारण है। डेंगू के प्रति सचेत रहें, घर के आसपास पानी का जमाव न करें। इससे मच्छर नहीं पनपेगा और डेंगू से बचाव होगा।
ऐसे समय में तुरंत कराएं चेक
डेंगू होने से शुरुआती लक्षण सामान्य बुखार लगता है। इसे लोग अनदेखा कर देते हैं। इस दौरान तबीयत बहुत ज्यादा बिगड़ने लगती है, तब डॉक्टर के पास पहुंचते हैं। इस लापरवाही से लोगों को जान गंवानी पड़ती है। बारिश के मौसम में बुखार, सिर में तेज दर्द जैसी समस्याएं लगातार होने से तुरंत डेंगू का टेस्ट कराएं।
इन जगहों को रखें साफ
संचालक, महामारी नियंत्रण डॉ. सुभाष मिश्रा ने बताया कि डेंगू एडीस नामक मच्छर के काटने से होता है। यह मच्छर साफ पानी में पनपता है। मच्छर सामान्यतः दिन में काटता है। ये मच्छर स्थिर पानी जैसे कूलर, टंकी या घर में खुले में रखे बर्तन जिसमें पानी बदला न गया हो। अन्य जगहों पर पानी जमा हुआ हो, वहां पनपता है। इसलिए इन जगहों पर सप्ताह में एक दिन ड्राई-डे मनाते हुए पानी को पूरा बदलना चाहिए।
डेंगू के लक्षण
डॉ. मिश्रा ने बताया की बरसात शुरू होते ही मच्छरजनित रोग जैसे डेंगू का खतरा बढ़ता है। तेज बुखार, बदन, सर और जोड़ों में दर्द, जी मचलाना, उल्टी होना, आंख के पीछे दर्द, त्वचा पर लाल धब्बे या चकते का निशान, नाक, मसूढ़ों से रक्तस्त्राव, काला मल का आना जैसे डेंगू के लक्षण हैं। इस तरह के लक्षण हों, तो शासकीय स्वास्थ्य केंद्र जाकर डेंगू की जांच कराएं। उन्होंने बताया कि डेंगू का असर तीन से नौ दिनों तक रहता है। इससे शरीर में कमजोरी आ जाती है। शरीर में प्लेटलेट्स लगातार गिरने लगता है। इन लक्षणों से सावधान रहने की जरूरत है।
डेंगू से बचने के उपाय
डेंगू से बचाव के लिए घर में साफ-सफाई करें। कूलर, गमले, बर्तन आदि में पानी जमा न होने दें। पानी रोज बदलें। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। पूरे शरीर को ढंकने वाले कपड़े पहने, कमरों की साफ-सफाई के साथ उसे हवादार रखें। घर के आसपास गंदगी जमा न होने दें। जमा पानी और गंदगी पर कीटनाशक का प्रयोग करें। खाली बर्तन, टायर और पुराने बर्तन जैसे अन्य समानों में पानी जमा न होने दें। जमे हुए पानी में मच्छर के लार्वा दिखने पर लर्विसायिड या मिट्टी का तेल डालें। 24 घंटे के बाद इस पानी को फेंके। मच्छरों से बचने घरों के दरवाजे और खिड़कियों में जाली जरूर लगाएं। डेंगू के लक्षण मिलने पर तुरंत अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर स्वास्थ्य की जांच कराएं।