ओलंपिक की दौड़ नहीं रही आसान, बजरंग, सुशील जैसे दिग्गज पहलवानों को देनी होगी ये 'परीक्षा'
पहलवान चाहे कितना बड़ा हो, लेकिन ट्रायल के मामले में उसे किसी प्रकार की छूट नहीं मिलेगी। हर अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप के लिए ट्रायल देना होगा। यह दुनिया के नंबर वन पहलवान बजरंग पूनिया, ओलंपिक के दो बार के मेडलिस्ट सुशील कुमार, विनेश फोगाट और साक्षी मलिक पर भी लागू होगा। भारतीय कुश्ती संघ ने 2020 के ओलंपिक को देखते हुए ट्रायल में किसी भी पहलवान को छूट नहीं देने का आदेश लागू कर दिया है।
साथ ही सभी पहलवानों को नेशनल कैंप ज्वाइन करना जरूरी कर दिया है। एशिया चैंपियनशिप के लिए नेशनल कैंप मंगलवार से पुरुषों के लिए सोनीपत के साई सेंटर और महिलाओं के लिए लखनऊ में शुरू हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप के लिए कई बार बजरंग पूनिया, सुशील कुमार, विनेश फोगाट, साक्षी मलिक समेत कई अन्य बड़े पहलवानों को ट्रायल की छूट दी जाती थी।
इन्हें अपने भार वर्ग में ट्रायल दिलाए बिना चैंपियनशिप में भेजा जाता था। लेकिन 2020 में टोक्यो में ओलंपिक होना है, जिसमें क्वालीफाई करने के लिए इस साल से चैंपियनशिप शुरू हो जाएगी। इसे देखते हुए किसी भी पहलवान को अब ट्रायल की छूट नहीं मिलेगी। हर किसी को अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप भी खेलनी है।
भारतीय कुश्ती संघ की ओर से साफ कर दिया गया है, ताकि कोई भी पहलवान ट्रायल में छूट देने के लिए आवेदन न करे। चीन में अप्रैल में होने वाली एशियन चैंपियनशिप में भी इस नियम को लागू किया जाएगा।
सोनीपत और लखनऊ में आज से शुरू होगा कैंप
चीन में अप्रैल में होने वाली एशियन कुश्ती चैंपियनशिप के लिए मंगलवार से पुरुष पहलवानों के लिए सोनीपत के साई सेंटर और महिला पहलवानों के लिए लखनऊ में कैंप शुरू हो रहा है। इसमें सभी को शामिल होने की हिदायत दी गई है। मार्च के दूसरे सप्ताह में ट्रायल होगा। इसके बाद चीन के लिए टीम चुनी जाएगी। कैंप में विनेश फोगाट को 57 किलो भार वर्ग में रखा गया है। पहले वह 50 किलो भार वर्ग में खेलती थीं।
नेशनल कैंप में सभी पहलवानों को शामिल होना होगा। किसी को ट्रायल में छूट नहीं मिलेगी। ओलंपिक 2020 के लिए पहलवानों को हर तकनीक के साथ प्रैक्टिस कराई जाएगी। इससे पहले एशिया चैंपियनशिप और वर्ल्ड चैंपियनशिप होनी है, जिसमें अच्छा प्रदर्शन करने वाले ही ओलंपिक की दौड़ में शामिल हो सकेंगे। - कुलदीप मलिक, चीफ कोच भारतीय महिला कुश्ती