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बेमिसालः महिला सशक्तीकरण और दिव्यांग बच्चों को आत्मनिर्भर बना रही हैं मिसेज इंडिया 2019

Mon, 02 Dec 2019 03:04 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Mon, 02 Dec 2019 03:04 PM IST
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Success Story of Social Activist Mrs. India 2019 Mili Garg
मिसेज इंडिया 2019 मिलि गर्ग - फोटो : अमर उजाला
मिसेज इंडिया 2019 मिलि गर्ग महिला सशक्तीकरण के लिए काम शुरू किया। दिव्यांग बच्चों की शिक्षा और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी मिलि काम कर रही हैं। पंजाब की बेटी मिलि ने विदेशी धरती पर देश का नाम रोशन किया है। बाल शिक्षा, महिला सशक्तीकरण व दिव्यांग बच्चों के लिए काम कर रही मिलि गर्ग के सिर अलोरा मिसेज इंडिया 2019 का ताज सज चुका है।
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वहीं हाल ही में मिलि गर्ग को ब्रिटिश संसद के द हाउस ऑफ लॉर्ड्स में उनकी उपलब्धियों के लिए आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। 23 सितंबर, 2019 को मिलि के सिर मिसेज इंडिया का ताज सजा। मिलि बताती हैं जब वह लोरा मिसेज इंडिया कांटेस्ट के ऑडिशन के लिए गईं तो काफी घबराई हुईं थीं, पर हिम्मत नहीं हारी और आखिरकार जीत हासिल हुई।
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हिम्मत हो तो हर मंजिल आसान हो जाती है। पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ तालमेल बैठाकर यहां तक पहुंचना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी। अपने सपनों को साकार करने के लिए हमेशा प्रयासरत रहीं। नाभा की बिजनेस फैमिली में जन्मी मिलि ने 12वीं तक शिक्षा नाभा से ही ली। पटियाला से स्नातक करने के बाद आगे की शिक्षा पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से हुई।
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वहां से उन्होंने एमए इंग्लिश और लॉ की डिग्री हासिल की। मिलि बताती हैं कि परिवार चाहता था कि ग्रेजुएशन के बाद शादी कर दी जाए, लेकिन वह पढ़ना चाहती थीं। थोड़ी परेशानी जरूर हुई, लेकिन आखिरकार परिवार आगे की शिक्षा के लिए राजी हो गया।

शादी पलवल (हरियाणा) में हुई। पति के साथ यूरोप चली गईं। कई साल वहां बिताए। इस बीच उन्हें एक बेटे और बेटी की मां बनने का सुख प्राप्त हुआ। मिलि कहती हैं सब ठीक था, लेकिन अपने समाज के लिए कुछ करने की चाह में वह वापस अपनी धरती पर लौट आईं। देश वापसी पर उन्होंने चंडीगढ़ को अपनाया।

शुरुआत एक टीवी एंकर के तौर पर की। फिर स्कूल टीचर के तौर पर काम किया। यहीं से उन्होंने वीकर सेक्शन के बच्चों की एजुकेशन के लिए काम करना शुरू किया। आज मिलि गर्ग मोहाली में रह रही हैं। कई स्कूलों में बतौर वॉलंटियर टीचर बच्चों को पढ़ा रही हैं। इसके साथ ही महिला सशक्तीकरण के लिए काम शुरू किया। दिव्यांग बच्चों की शिक्षा और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी मिलि काम कर रही हैं।

द हाउस ऑफ लॉर्ड्स में भारत के फैशन सेक्टर का किया प्रतिनिधित्व
इंडो यूरोपियन रिलेशनशिप पर मिलि गर्ग ने द हाउस ऑफ लॉर्ड्स में भारत के फैशन सेक्टर का प्रतिनिधित्व किया। इस इंडो यूरोपियन मीट में स्पोर्ट्स सेक्टर का प्रतिनिधित्व कपिल देव ने, बॉलीवुड से स्टार सुनील शेट्टी और बिजनेस सेक्टर का प्रतिनिधित्व जीपी हिंदुजा ने किया।

16 से 18 नवंबर तक हुई इस मीट में यूरोपीय देशों के कई प्रमुख राजनेताओं व सरकारी प्रतिनिधियों ने भी शिरकत की। हाउस ऑफ लॉर्ड्स में मिलि को जब सम्मानित किया गया तो उन्हें लगा जैसे उन्होंने अपने सपनों को जी लिया और अपनी धरती का नाम भी रोशन किया।
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