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बेमिसालः अब यूएनओ के बटन और टी-शर्ट पर दिखेगा 14 साल की भारतीय बेटी का बनाया डिजाइन
Mon, 25 Mar 2019 03:29 PM IST
दुष्यंत शर्मा
सुशील सिंगला, अमर उजाला, टोहाना(फतेहाबाद)
सुशील सिंगला, अमर उजाला, टोहाना(फतेहाबाद)
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 25 Mar 2019 03:29 PM IST
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यूएनओ में भारतीय बेटी अंजलि राज
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भारतीय मूल की 14 साल की बेटी अंजलिराज ने यूनाइटेड नेशंस ऑर्गनाइजेशन के हेड क्वार्टर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हेल्थ डिजाइन प्रतियोगिता में देश का परचम लहरा दिया है। अंजलिराज ने इस प्रतियोगिता में दुनिया भर के देशों से आए बच्चों को पछाड़ते हुए सर्वश्रेष्ठ डिजाइन तैयार किया, जिसे प्रथम स्थान मिला है।
यूएनओ अब अंजलि के डिजाइन को अपने स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत बटन व टी-शर्ट पर इस्तेमाल करेगा। अंजलिराज की इस उपलब्धि को देखते हुए यूएनओ ने उसे इंस्पायर यूथ का खिताब दिया और यूएनओ के हेडक्वार्टर की मुख्य असेंबली में बोलने का मौका भी दिया। अंजलि के टोहाना निवासी चाचा व सिंचाई विभाग के कनिष्ठ अभियंता पवन खिचड़ ने इसकी जानकारी दी।
आस्ट्रेलिया में परिवार के साथ रहती है अंजलि
अंजलि राज मूल रूप से हरियाणा के हिसार जिले के अग्रोहा की निवासी हैं। उनके पिता राजेंद्र पिछले काफी समय से आस्ट्रेलिया में अध्यापन का कार्य कर रहे हैं। करीब चार साल पहले अंजलि व उसकी मां को भी आस्ट्रेलिया की नागरिकता मिल गई। इसके बाद अंजलि राज वहीं पर रहकर पढ़ाई करने लगी।
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अंजलि आस्ट्रेलिया मॉडल स्कूल में फिलहाल कक्षा आठवीं की छात्रा है। अंजलि के चाचा पवन खिचड़ टोहाना सिंचाई विभाग में कनिष्ठ अभियंता के पद पर कार्यरत हैं। अंजलि ने अपनी शुरुआती पढ़ाई अपने चाचा के घर पर ही टोहाना में की थी। वह चौथी कक्षा तक टोहाना में पढ़ी और इसके बाद आस्ट्रेलिया अपने पिता के पास चली गई।
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यूएनओ अब अंजलि के डिजाइन को अपने स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत बटन व टी-शर्ट पर इस्तेमाल करेगा। अंजलिराज की इस उपलब्धि को देखते हुए यूएनओ ने उसे इंस्पायर यूथ का खिताब दिया और यूएनओ के हेडक्वार्टर की मुख्य असेंबली में बोलने का मौका भी दिया। अंजलि के टोहाना निवासी चाचा व सिंचाई विभाग के कनिष्ठ अभियंता पवन खिचड़ ने इसकी जानकारी दी।
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आस्ट्रेलिया में परिवार के साथ रहती है अंजलि
अंजलि राज मूल रूप से हरियाणा के हिसार जिले के अग्रोहा की निवासी हैं। उनके पिता राजेंद्र पिछले काफी समय से आस्ट्रेलिया में अध्यापन का कार्य कर रहे हैं। करीब चार साल पहले अंजलि व उसकी मां को भी आस्ट्रेलिया की नागरिकता मिल गई। इसके बाद अंजलि राज वहीं पर रहकर पढ़ाई करने लगी।
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अंजलि आस्ट्रेलिया मॉडल स्कूल में फिलहाल कक्षा आठवीं की छात्रा है। अंजलि के चाचा पवन खिचड़ टोहाना सिंचाई विभाग में कनिष्ठ अभियंता के पद पर कार्यरत हैं। अंजलि ने अपनी शुरुआती पढ़ाई अपने चाचा के घर पर ही टोहाना में की थी। वह चौथी कक्षा तक टोहाना में पढ़ी और इसके बाद आस्ट्रेलिया अपने पिता के पास चली गई।
दुनिया भर के 500 बच्चों ने प्रतियोगिता में लिया हिस्सा
संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था मोंटेसरी मॉडल की ओर से न्यूयार्क में अंतरराष्ट्रीय हेल्थ डिजाइन प्रतियोगिता का आयोजन 21 से 23 मार्च को किया गया। इसमें दुनिया भर से 14 साल तक के करीब 500 बच्चों ने भाग लिया था। अंजलि ने आस्ट्रेलिया स्कूल की ओर से इस प्रतियोगिता में अपना डिजाइन प्रदर्शित किया। इस प्रतियोगिता के मुख्यातिथि बुल्गारिया के एंबेसडर थे।
मोंटेसरी मॉडल यूनाइटेड नेशंस की डायरेक्टर जुड़िथ कनिंघम ने रिजल्ट घोषित करते हुए अंजलि के डिजाइन को प्रथम स्थान दिया व उसको गोल्ड मेडल से नवाजा। अंजलि के इस डिजाइन को यूएनओ की एसेंबली ने भी मान्यता दी है। प्राइज सेरेमनी के दौरान कनिंघम ने घोषणा की कि अंजलि के डिजाइन को यूएनओ अपने हेल्थ प्रोग्राम के लिए बटन व टी-शर्ट पर प्रिंट करवाएगा। यही नहीं अंजलि को यूएनओ के हेडक्वार्टर में भी अपनी बात रखने का अवसर दिया गया।
बचपन से है प्रतिभा की धनी
अंजलिराज के चाचा पवन खिचड़ ने बताया कि अंजलि बचपन से ही प्रतिभा की धनी है। उसका अंग्रेजी ज्ञान काफी अच्छा रहा है। जब वह उनके पास रहती थी, तब भी हर प्रतियोगिताओं में अव्वल आती थी। अब उसने यूएनओ में गोल्ड मेडल हासिल करके पूरे देश का नाम रोशन किया है। उसकी इस उपलब्धि पर परिजनों ने मिठाई बांटकर खुशियां मनाई।
मोंटेसरी मॉडल यूनाइटेड नेशंस की डायरेक्टर जुड़िथ कनिंघम ने रिजल्ट घोषित करते हुए अंजलि के डिजाइन को प्रथम स्थान दिया व उसको गोल्ड मेडल से नवाजा। अंजलि के इस डिजाइन को यूएनओ की एसेंबली ने भी मान्यता दी है। प्राइज सेरेमनी के दौरान कनिंघम ने घोषणा की कि अंजलि के डिजाइन को यूएनओ अपने हेल्थ प्रोग्राम के लिए बटन व टी-शर्ट पर प्रिंट करवाएगा। यही नहीं अंजलि को यूएनओ के हेडक्वार्टर में भी अपनी बात रखने का अवसर दिया गया।
बचपन से है प्रतिभा की धनी
अंजलिराज के चाचा पवन खिचड़ ने बताया कि अंजलि बचपन से ही प्रतिभा की धनी है। उसका अंग्रेजी ज्ञान काफी अच्छा रहा है। जब वह उनके पास रहती थी, तब भी हर प्रतियोगिताओं में अव्वल आती थी। अब उसने यूएनओ में गोल्ड मेडल हासिल करके पूरे देश का नाम रोशन किया है। उसकी इस उपलब्धि पर परिजनों ने मिठाई बांटकर खुशियां मनाई।