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एक शख्स, जिसने लोगों को किताबों से जोड़ने के लिए गांव में खोल दी लाइब्रेरी, फ्री मिलती हैं मेंबरशिप

Wed, 24 Apr 2019 03:14 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली Published by: खुशबू गोयल Updated Wed, 24 Apr 2019 03:14 PM IST
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Success Story, Free Books and Membership in Liberary in Mohali
शहीद भगत सिंह लाइब्रेरी
भले ही मोबाइल और इंटरनेट के चलते लोग किताबों से दूर हो रहे हैं, लेकिन शहीद भगत सिंह लाइब्रेरी 12 साल से लोगों को किताबों से जोड़ने के लिए यत्नशील है। इतना ही नहीं बलौंगी में स्थित इस लाइब्रेरी में इंटरनेट की सुविधा भी है। यहां रोजाना लोग किताबों को पढ़ने के लिए पहुंचते हैं। लाइब्रेरी की खास बात यह है कि हफ्ते के सातों दिन खुलती है। इसके अलावा लाइब्रेरी में किसी भी तरह कोई शुल्क नहीं रखा गया है।
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ऐसे शुरू हुआ था लाइब्रेरी का सफर
यह लाइब्रेरी तर्कशील सोसायटी की मोहाली इकाई द्वारा चलाई जा रही है। लाइब्रेरी में करीब 2500 प्रसिद्ध किताबें हैं। लाइब्रेरी की शुरुआत सेवामुक्त अध्यापक जरनैल क्रांति ने अपनी दो मंजिला दुकान में 2007 से की थी। वह पंजाब तर्कशील सोसायटी के साथ जुड़े हुए हैं। लाइब्रेरी में बच्चों के लिए 500 से अधिक किताबें व मैगजीन हैं। वहीं, विशेष बात यह है कि लाइब्रेरी बिना किसी छुट्टी से रोजाना 11 से 2 बजे तक खुलती है। कोई भी व्यक्ति लाइब्रेरी में बैठकर किताबें पढ़ सकता है। इसके अलावा अपने साथ ले जा भी सकता है। किसी तरह की कोई फीस नहीं ली जाती है।
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काफी पड़ताल के बाद सिलेक्ट करते हैं किताबें

मास्टर जरनैल क्रांति ने कहा कि वह काफी पड़ताल के बाद किताबों को लाइब्रेरी में शामिल करते हैं। लाइब्रेरी में पुराने व नए लेखकों की पुस्तकों के अलावा पाठक की हर रुचि की किताब लाइब्रेरी में मौजूद है। इतना ही नहीं लाइब्रेरी में इंटरनेट की सुविधा भी है। लाइब्रेरी के मुलाजिम नजदीक के समागमों में जाकर किताबों की प्रदर्शनी भी लगाते हैं।

किताबें ही मानव की सबसे बड़ी दोस्त
जरनैल क्रांति ने कहा कि असल में किताबें मानव की सबसे सही दोस्त होती हैं। पुस्तकें जहां लोगों को अकल देती हैं, साथ ही जीने की सही राह दिखाती हैं। उन्होंने कहा कि पंजाबी भाषा की किताबों का उनके पास काफी बड़ा भंडार है, जोकि लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

पुस्तक प्रदर्शनी लगाई
23 अप्रैल को हर साल वर्ल्ड बुक डे मनाया जाता है। इसके उपलक्ष्य में मंगलवार को लाइब्रेरी के बाहर पुस्तक प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसे देखने के लिए काफी संख्या में लोग पहुंचे।
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