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पंचकूला में अनशन पर बैठी शिक्षिका की तबीयत बिगड़ी
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला।
Updated Sun, 20 Mar 2016 12:21 AM IST
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शिक्षिका, जिसकी तबीयत बिगड़ी।
- फोटो : अमर उजाला
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ज्वाइनिंग की मांग को लेकर अनशन पर बैठी चयनित जेबीटी शिक्षका सोनिया की शनिवार को तबीयत बिगड़ गई। इसकी सूचना मिलते ही महिला थाना प्रभारी समेत पुलिस टीम एंबुलेंस के साथ धरनास्थल पर पहुंची। टीम ने सोनिया को तत्काल अस्पताल में भर्ती करवाया। लेकिन सोनिया ने इलाज और ग्लूकोज लगवाने से साफ मनाकर दिया।
सोनिया की जिद के आगे पुलिस और डाक्टरों की टीम को बैकफुट पर आना पड़ा। पुलिस ने सोनिया को दोबारा एंबुलेंस से ही धरनास्थल पर छोड़ा। वह बिना इलाज करवाए ही धरने पर फिर से बैठ गईं। हालांकि सोनिया को डाक्टरों ने एक घंटे अपनी निगरानी में रखा।
वहीं, सोनिया ने कहा कि जब तक सरकार उसकी मांग को मान नहीं लेती है तब तक वह लोग अनशन पर रहेंगे। गौरतलब है कि पंचकूला के हैफेड ग्राउंड में जेबीटी शिक्षकों के अनिश्चितकालीन धरने को 104 दिन हो चुके हैं। धरने पर अंबाला निवासी सोनिया, जींद निवासी संदीप कुमार, पिलानिया निवासी संदीप, झज्जर निवासी मंदीप सिंह, पलवल निवासी दिनेश कुमार, अमित वर्मा और धर्मवीर लठवाल अनशन पर बैठे हैं। इस दौरान बहादुरगढ़ से महिमा, शहजादपुर से प्रीतपाल, बहादुरगढ़ से सविता, प्रीति, वीके वत्स, प्रवीण आर्य, जय सिंह कोसली, चंद्रशेखर, महिपाल पूनिया, पवन पूनिया, दिलबाग, रोहतक से पिंकी सहित काफी संख्या में चयनित जेबीटी शिक्षक मौजूद रहे।
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21 से सभी शिक्षक अनशन पर
अनशन पर बैठे साथियों की हालत बिगड़ते देख अन्य चयनित जेबीटी शिक्षकों ने भी अनशन बैठने का ऐलान किया है। शनिवार को पंचकूला पहुंचे जितेंद्र मलिक, वीरेंद्र, धर्मेंद्र स्वामी, धनखड़ी और आनंद कोसली ने भी आमरण अनशन पर बैठने का निर्णय लिया है। 9455 चयनित जेबीटी अध्यापक हरियाणा के प्रधान आनंद कलकल के अनुसार 21 मार्च से सभी जेबीटी शिक्षक सामूहिक धरने पर बैठेंगे।
जबरदस्ती करने पर तुला है पुलिस प्रशासन
अनिश्चितकालीन धरने और अनशन पर बैठे जेबीटी शिक्षकों ने कहा कि पुलिस-प्रशासन उनके मौलिक अधिकारों को छीनने का प्रयास कर रहा है। उन्हें हटाने के लिए लगातार चेतावनियां और धमकियां मिल रही हैं, जबकि वे शांतिपूर्वक धरने और अनशन पर बैठे हैं। बावजूद इसके पुलिस के एक उच्चाधिकारी द्वारा उन्हें हैफेड ग्राउंड छोड़ने को कहा जा रहा है।
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सोनिया की जिद के आगे पुलिस और डाक्टरों की टीम को बैकफुट पर आना पड़ा। पुलिस ने सोनिया को दोबारा एंबुलेंस से ही धरनास्थल पर छोड़ा। वह बिना इलाज करवाए ही धरने पर फिर से बैठ गईं। हालांकि सोनिया को डाक्टरों ने एक घंटे अपनी निगरानी में रखा।
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वहीं, सोनिया ने कहा कि जब तक सरकार उसकी मांग को मान नहीं लेती है तब तक वह लोग अनशन पर रहेंगे। गौरतलब है कि पंचकूला के हैफेड ग्राउंड में जेबीटी शिक्षकों के अनिश्चितकालीन धरने को 104 दिन हो चुके हैं। धरने पर अंबाला निवासी सोनिया, जींद निवासी संदीप कुमार, पिलानिया निवासी संदीप, झज्जर निवासी मंदीप सिंह, पलवल निवासी दिनेश कुमार, अमित वर्मा और धर्मवीर लठवाल अनशन पर बैठे हैं। इस दौरान बहादुरगढ़ से महिमा, शहजादपुर से प्रीतपाल, बहादुरगढ़ से सविता, प्रीति, वीके वत्स, प्रवीण आर्य, जय सिंह कोसली, चंद्रशेखर, महिपाल पूनिया, पवन पूनिया, दिलबाग, रोहतक से पिंकी सहित काफी संख्या में चयनित जेबीटी शिक्षक मौजूद रहे।
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21 से सभी शिक्षक अनशन पर
अनशन पर बैठे साथियों की हालत बिगड़ते देख अन्य चयनित जेबीटी शिक्षकों ने भी अनशन बैठने का ऐलान किया है। शनिवार को पंचकूला पहुंचे जितेंद्र मलिक, वीरेंद्र, धर्मेंद्र स्वामी, धनखड़ी और आनंद कोसली ने भी आमरण अनशन पर बैठने का निर्णय लिया है। 9455 चयनित जेबीटी अध्यापक हरियाणा के प्रधान आनंद कलकल के अनुसार 21 मार्च से सभी जेबीटी शिक्षक सामूहिक धरने पर बैठेंगे।
जबरदस्ती करने पर तुला है पुलिस प्रशासन
अनिश्चितकालीन धरने और अनशन पर बैठे जेबीटी शिक्षकों ने कहा कि पुलिस-प्रशासन उनके मौलिक अधिकारों को छीनने का प्रयास कर रहा है। उन्हें हटाने के लिए लगातार चेतावनियां और धमकियां मिल रही हैं, जबकि वे शांतिपूर्वक धरने और अनशन पर बैठे हैं। बावजूद इसके पुलिस के एक उच्चाधिकारी द्वारा उन्हें हैफेड ग्राउंड छोड़ने को कहा जा रहा है।