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संजीवः बचपन से पांव खराब, हौंसले ने बनाया बैडमिंटन चैंपियन
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 01 May 2016 07:31 PM IST
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पैरा बैडमिंटन प्लेयर संजीव कुमार
- फोटो : अमर उजाला
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कड़ी मेहनत के आगे दिव्यांगता भी आड़े नही आती। यह बात फिट बैठती है संजीव पर, जो अपने खेल से देश मे ही नही विदेशों में अपनी जलवा दिखा रहे हैं। बचपन में पोलियों के कारण ख्रराब होने के बावजूद भी किसी का सहारा नही लिया और आज दूसरों के लिए प्ररेणा के स्त्रोत बने हुए हैं।
संजीव बैडमिंटन के खिलाड़ी है और व्हील चेयर इवेंट में नेशनल और इंटरनेशनल स्तर पर खेलते हैं। वह अपने जैसे कई लोगों को अपने दम पर जीना सीखाने में लगे हुए हैं। इनके अनुसार इंसान को कभी भी हार नही माननी चाहिए और लगातार संघर्ष करते हुए आगे बढ़ते रहना चाहिए।
बचपन में पैर खराब- संजीव ने बताया कि जन्म के 10 मीहने केबाद ही पोलिया हो गया था जिस कराण दाहिना पांव खराब हो गया था। इसके बावजूद भी हिम्मत नही हारी आज
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बैडमिंटन में अपनी पहचान बनाई।
पीयू में ली ट्रेनिंग- संजीव ने 2008 से पंजाब यूनिवर्सिटी के पीयू जिम्नेजियम हॉल में सुरेंद्र महाजन से बैडमिंटन की ट्रेनिंग ली। यहीं पर की गई कड़ी ट्रेनिंग ही इस खिलाड़ी के काम आई। पीयू से एम की पढ़ाई कर रहे हैं।
उपलब्धियां- 2009 में भारत में वल्ड पैरा गेम्स में बैडमिंटन में सिल्वर मेडल जीता
- 2010 में इसराईल में वर्ल्ड पैरा बैडमिंटन चैंपियनशिप ब्रांज मेडल
-2012 में फ्रांस में वर्ल्ड पैरा बैडमिंटन चैंपियनशिप में सिंगल्स में ब्रांज मेडल
-2013 में जर्मनी में खेली गई वर्ल्ड पैरा बैडमिंटन चैंपियनशिप में ब्रांज मेडल जीतने में सफलता पाई।
नेशनल में जीते मेडल- संजीव ने अब तक नेशनल में 15 गोल्ड मेडल, 3 सिल्वर,1ब्रांज मेडल जीत चुका हैं।
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संजीव बैडमिंटन के खिलाड़ी है और व्हील चेयर इवेंट में नेशनल और इंटरनेशनल स्तर पर खेलते हैं। वह अपने जैसे कई लोगों को अपने दम पर जीना सीखाने में लगे हुए हैं। इनके अनुसार इंसान को कभी भी हार नही माननी चाहिए और लगातार संघर्ष करते हुए आगे बढ़ते रहना चाहिए।
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बचपन में पैर खराब- संजीव ने बताया कि जन्म के 10 मीहने केबाद ही पोलिया हो गया था जिस कराण दाहिना पांव खराब हो गया था। इसके बावजूद भी हिम्मत नही हारी आज
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बैडमिंटन में अपनी पहचान बनाई।
पीयू में ली ट्रेनिंग- संजीव ने 2008 से पंजाब यूनिवर्सिटी के पीयू जिम्नेजियम हॉल में सुरेंद्र महाजन से बैडमिंटन की ट्रेनिंग ली। यहीं पर की गई कड़ी ट्रेनिंग ही इस खिलाड़ी के काम आई। पीयू से एम की पढ़ाई कर रहे हैं।
उपलब्धियां- 2009 में भारत में वल्ड पैरा गेम्स में बैडमिंटन में सिल्वर मेडल जीता
- 2010 में इसराईल में वर्ल्ड पैरा बैडमिंटन चैंपियनशिप ब्रांज मेडल
-2012 में फ्रांस में वर्ल्ड पैरा बैडमिंटन चैंपियनशिप में सिंगल्स में ब्रांज मेडल
-2013 में जर्मनी में खेली गई वर्ल्ड पैरा बैडमिंटन चैंपियनशिप में ब्रांज मेडल जीतने में सफलता पाई।
नेशनल में जीते मेडल- संजीव ने अब तक नेशनल में 15 गोल्ड मेडल, 3 सिल्वर,1ब्रांज मेडल जीत चुका हैं।