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ये हैं रिटायर्ड DIG, रीढ़ में था फ्रैक्चर, पीठ पर बांधी बेल्ट और जीता सोना
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Sun, 26 Feb 2017 09:18 AM IST
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रिटायर्ड डीआईजी परमजीत सिंह मंड
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रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर के बावजूद सीआरपीएफ से रिटायर्ड डीआईजी परमजीत सिंह मंड (69) ने शनिवार को 26वीं राज्य मॉस्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 800 मीटर की रेस में गोल्ड मेडल जीता है। नोटबंदी के दौरान 29 नवंबर 2016 को सुबह एटीएम से पैसे निकलवाने जाते समय एक बाइक सवार ने उन्हें टक्कर मार दी थी।
इससे उनकी रीढ़ की हड्डी (एल थ्री) में फ्रैक्चर आ गया था। लेेकिन उन्हें इसका पता नहीं चला। दर्द होने पर वह पेन किलर ले लेते थे। लेकिन जनवरी में हाफ मैराथन में गोल्ड जीतने के बाद जब दर्द अधिक होने लगा तो वह पीजीआई पहुंचे। यहां डॉक्टर भी अचरज में पड़ गए और उन्होंने कहा कि हड्डी में फ्रैक्चर के बावजूद आपने मैराथन जैसी गेम में कैसे हिस्सा ले लिया।
इसके बाद डॉक्टरों ने उनसे कंपलीट बेड को कहा तो उन्होंने कहा कि ‘हम फौजी हैं छोटी मोटी चोट पर ध्यान नहीं देते’। शनिवार को ताऊ देवी लाल स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में आयोजित हरियाणा मॉस्टर्स एथलेटिक एसोसिएशन की चैंपियनशिप में उन्होंने इसे साबित भी कर दिया।
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बता दें कि परमजीत सिंह मंड पंजाब में 1982 से 1985 तक पोस्टेड रह चुके हैं। इसके अलावा जे एंड के में 1999 से 2001 तक सेवाएं दे चुके हैं। 1969 में सीआरपीएफ में बतौर डीएसपी उन्होंने ज्वाइन किया था। इस समय परमजीत सिंह जीरकपुर के ढकोली में रहते हैं।
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इससे उनकी रीढ़ की हड्डी (एल थ्री) में फ्रैक्चर आ गया था। लेेकिन उन्हें इसका पता नहीं चला। दर्द होने पर वह पेन किलर ले लेते थे। लेकिन जनवरी में हाफ मैराथन में गोल्ड जीतने के बाद जब दर्द अधिक होने लगा तो वह पीजीआई पहुंचे। यहां डॉक्टर भी अचरज में पड़ गए और उन्होंने कहा कि हड्डी में फ्रैक्चर के बावजूद आपने मैराथन जैसी गेम में कैसे हिस्सा ले लिया।
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इसके बाद डॉक्टरों ने उनसे कंपलीट बेड को कहा तो उन्होंने कहा कि ‘हम फौजी हैं छोटी मोटी चोट पर ध्यान नहीं देते’। शनिवार को ताऊ देवी लाल स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में आयोजित हरियाणा मॉस्टर्स एथलेटिक एसोसिएशन की चैंपियनशिप में उन्होंने इसे साबित भी कर दिया।
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बता दें कि परमजीत सिंह मंड पंजाब में 1982 से 1985 तक पोस्टेड रह चुके हैं। इसके अलावा जे एंड के में 1999 से 2001 तक सेवाएं दे चुके हैं। 1969 में सीआरपीएफ में बतौर डीएसपी उन्होंने ज्वाइन किया था। इस समय परमजीत सिंह जीरकपुर के ढकोली में रहते हैं।
हर साल पांच लड़कियों की शादी कराएंगे पंजाब के डीजीपी
पंजाब के डीजीपी सुरेश अरोड़ा
- फोटो : फाइल फोटो
डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने शनिवार को एलान किया है कि वे हर साल पांच लड़कियों की शादी खुद अपने खर्च से करवाएंगे। डीजीपी यहां सामाजिक संस्था निष्काम कीर्तन सेवा सोसाइटी के वार्षिक कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शामिल होने आए थे।
डीजीपी ने कहा कि बड़ी बेटी की शादी के बाद उन्हें लगा कि उन्हें भी सोसाइटी के कामों में भागीदार बनना चाहिए। डीजीपी ने एलान किया कि हर साल वह सोसाइटी की पांच लड़कियों की शादी खुद अपने खर्च से करवाएंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस सांझ केंद्र में इकट्ठा होते पैसे, जो पासपोर्ट या असलाह की वेरिफिकेशन के दौरान लिए जाते हैं, लोगों के हैं। इस फंड के पांच लाख रुपये इस संस्था को दिए जाएंगे।
सोसाइटी इससे कोई भी अपना सामाजिक काम आगे जारी रख सकती है। इस दौरान उन्होंने 10 सिलाई सेंटरों की करीब 300 लड़कियों को सर्टिफिकेट बांटे। वहीं 10 जरूरतमंदों को ट्राईसाइकिल, 21 महिलाओं को सिलाई मशीन और 7 कैंसर पीड़ितों को सहायता राशि दी गई। इस दौरान सोसाइटी की तरफ से डीजीपी को पंजाब दा महान सुपुत्र अवार्ड दिया गया।
डीजीपी ने कहा कि बड़ी बेटी की शादी के बाद उन्हें लगा कि उन्हें भी सोसाइटी के कामों में भागीदार बनना चाहिए। डीजीपी ने एलान किया कि हर साल वह सोसाइटी की पांच लड़कियों की शादी खुद अपने खर्च से करवाएंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस सांझ केंद्र में इकट्ठा होते पैसे, जो पासपोर्ट या असलाह की वेरिफिकेशन के दौरान लिए जाते हैं, लोगों के हैं। इस फंड के पांच लाख रुपये इस संस्था को दिए जाएंगे।
सोसाइटी इससे कोई भी अपना सामाजिक काम आगे जारी रख सकती है। इस दौरान उन्होंने 10 सिलाई सेंटरों की करीब 300 लड़कियों को सर्टिफिकेट बांटे। वहीं 10 जरूरतमंदों को ट्राईसाइकिल, 21 महिलाओं को सिलाई मशीन और 7 कैंसर पीड़ितों को सहायता राशि दी गई। इस दौरान सोसाइटी की तरफ से डीजीपी को पंजाब दा महान सुपुत्र अवार्ड दिया गया।