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बेमिसालः रीढ़ की हड्डी में चोट के बाद कोमा में रही, पर वो हिम्मत नहीं हारी, आज मशहूर सिंगर हैं
Wed, 20 Feb 2019 04:14 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 20 Feb 2019 04:14 PM IST
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सिंगर शीनू
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40 वर्षीय शीनू पहले एक नर्तकी के रूप में पहचानी जाती थीं, लेकिन अब वह एक गायिका हैं, पर इनके जीवन की अब तक का सफर कई मुश्किलों से होकर गुजरा है। उन्होंने एनसीसी की एयरफोर्स विंग में रहते हुए पायलट की ट्रेनिंग ली। चंडीगढ़ सेक्टर-26 स्थित एक रेस्टोरेंट में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान शीनू ने यह बात बताई।
शीनू ने बताया कि वर्ष 2001 में हुए सड़क हादसे के कारण उनके डांसिंग कैरियर में विराम लग गया। 24 वर्ष की उम्र में वह पानीपत से गोहाना जा रही थी तो उनकी कार का एक्सीडेंट हो गया। इस हादसे में वह डेढ़ महीने कोमा में रहीं। उनकी रीढ़ की हड्डी और सिर पर गंभीर चोटें आईं। डेढ़ माह के बाद जब वह कोमा से बाहर आई तो उनकी याददाश्त चली गई।
शीनू ने उम्मीद नहीं खोई और अपने पति के सहयोग से ठीक हो गईं। गहन फिजियोथेरेपी और योग के माध्यम से उन्होंने सहारा लेकर चलना शुरू कर दिया। इसके बाद उन्होंने गायकी का जुनून पकड़ लिया। वह इससे उबरीं तो एक दिन उनकी मुलाकात सुखपाल सुख से हुई। उन्होंने जब उनका गीत सुना तो उन्होंने एक पंजाबी एलबम का ऑफर दे दिया।
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शीनू ने कहा कि ईश्वर ने उनको दूसरा जीवन दिया है। हालात खराब होने के बाद भी वह वह जी सकीं। इस गीत को प्रदीप सिंह ने डायरेक्ट किया है। इस गीत में चंडीगढ़ की ही जसलीन ने एक्ट किया है। सुखपाल सुख ने कहा कि शीनू की मधुर आवाज़ और उतार चढ़ाव उनको बाकी सिंगर्स से अलग करता है और इन्हें पूरी तरह से एक अलग तरह का सिंगर बनाता है।
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शीनू ने बताया कि वर्ष 2001 में हुए सड़क हादसे के कारण उनके डांसिंग कैरियर में विराम लग गया। 24 वर्ष की उम्र में वह पानीपत से गोहाना जा रही थी तो उनकी कार का एक्सीडेंट हो गया। इस हादसे में वह डेढ़ महीने कोमा में रहीं। उनकी रीढ़ की हड्डी और सिर पर गंभीर चोटें आईं। डेढ़ माह के बाद जब वह कोमा से बाहर आई तो उनकी याददाश्त चली गई।
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शीनू ने उम्मीद नहीं खोई और अपने पति के सहयोग से ठीक हो गईं। गहन फिजियोथेरेपी और योग के माध्यम से उन्होंने सहारा लेकर चलना शुरू कर दिया। इसके बाद उन्होंने गायकी का जुनून पकड़ लिया। वह इससे उबरीं तो एक दिन उनकी मुलाकात सुखपाल सुख से हुई। उन्होंने जब उनका गीत सुना तो उन्होंने एक पंजाबी एलबम का ऑफर दे दिया।
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शीनू ने कहा कि ईश्वर ने उनको दूसरा जीवन दिया है। हालात खराब होने के बाद भी वह वह जी सकीं। इस गीत को प्रदीप सिंह ने डायरेक्ट किया है। इस गीत में चंडीगढ़ की ही जसलीन ने एक्ट किया है। सुखपाल सुख ने कहा कि शीनू की मधुर आवाज़ और उतार चढ़ाव उनको बाकी सिंगर्स से अलग करता है और इन्हें पूरी तरह से एक अलग तरह का सिंगर बनाता है।