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Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali Man Karamvir Singh Completed Tour from Chandigarh to Kashmir in 58 hours

बेमिसालः साइकिल से 58 घंटों में पूरा किया चंडीगढ़ से कश्मीर का 650 किलोमीटर का सफर

Fri, 01 Nov 2019 02:01 PM IST
खुशबू गोयल अमित शर्मा, अमर उजाला, मोहाली
अमित शर्मा, अमर उजाला, मोहाली Published by: खुशबू गोयल Updated Fri, 01 Nov 2019 02:01 PM IST
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Mohali Man Karamvir Singh Completed Tour from Chandigarh to Kashmir in 58 hours
कर्मवीर सिंह - फोटो : अमर उजाला
पर्यावरण बचाने का संदेश लेकर मोहाली के एक युवक ने चंडीगढ़ से कश्मीर की 650 किलोमीटर का सफर साइकिल पर मात्र 58 घंटों में पूरा करके नया रिकॉर्ड बनाया है। यात्रा के दौरान वह जिस शहर से गुजरे, वहां के लोगों को पर्यावरण बचाने का संदेश दिया। इस सफर में वह किसी होटल या धर्मशाला में नहीं ठहरे बल्कि सड़क किनारे रात बिताई।
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जी हां! बात हो रही फेज-3ए निवासी करमवीर सिंह की। मूलरूप से होशियारपुर के शहर दसूहा के रहने वाले करमवीर कैफे कॉफी डे में बतौर मैनेजर तैनात हैं। उनका अगली मंजिल भी पर्यावरण जागरूकता से जुड़ी है। उनकी कोशिश है कि अगली बार वह कोई वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम करें। उनका यह सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। करमवीर सिंह ने बताया कि 2009 में उन्होंने होटल मैनेजमेंट में अपनी ग्रेजुएशन पूरी की। बाद में अच्छी जॉब न मिल पाने के चलते वह डिप्रेशन का शिकार हो गए थे।
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उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि आखिर इससे कैसे बाहर निकला जाए। इसी बीच उनके पिता जोगिंदर सिंह ने नसीहत दी कि खुद को फिट रखने के लिए साइकिल चलाए। इस पर वह रोजाना सुबह-शाम साइकिल चलाने लगे। फरवरी 2017 की एक सुबह उनकी लाइफ बदली। उन्हें कैफे कॉफी डे में बतौर मैनेजर नौकरी मिल गई। वह काफी खुश थे। उन्होंने यह बात अपने पिता से शेयर की तो पिता ने सुझाव दिया कि अब नौकरी अच्छी हो गई है तो ऐसे में कोई ऐसा लक्ष्य चुनो जिससे तुम समाज के काम आ सको।
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इसके बाद वह साइकिल पर ही छोटे-छोटे ट्रिप लगाकर लोगों को पर्यावरण बचाने का संदेश देते रहे। इसके बाद उन्होंने चंडीगढ़ से कश्मीर की यात्रा का प्लान बनाया। सफर आसान नहीं था। राह में कई मुश्किलें आईं लेकिन उन्होंने 16 अक्तूबर से 19 अक्तूबर तक अपनी यात्रा पूरी की। यह यात्रा श्री गुरु नानक देव के 550वें प्रकाश पर्व को समर्पित है।

...जब पानी को तरसे तो फौजी बने फरिश्ते

करमवीर सिंह ने बताया कि जम्मू के पास से जब वह गुजर रहे थे तो एक रात पीने का पानी खत्म हो गया। उन्हें साइकिल चलाने से प्यास ज्यादा लग रही थी। इसके बाद उन्होंने रोड के किनारे रात गुजारी। इस दौरान आर्मी वाले आए। उन्होंने पानी पिलाया। वे उनके लिए किसी फरिश्ते से कम नहीं थे।

लाल चौक पर पहुंच आर्मी वालों से खिंचवाई फोटो
करमवीर सिंह ने बताया कि जब वह 19 अक्तूबर की सुबह 11 बजे लाल चौक पर साइकिल लेकर पहुंचे तो वहां पर माहौल बिल्कुल शांत था। आर्मी का कड़ा पहरा था। इस दौरान आर्मी वालों ने पूछा कि चौक पर क्या कर रहे हो। उन्होंने अपना लक्ष्य बताया। इस पर आर्मी आफिसर भी हैरान थे। इसके बाद उन्होंने उन्हें बधाई दी और साथ ही आर्मी की टीम ने ही लाल चौक पर उनकी साइकिल संग तस्वीर खींची।

अब तक लगा चुके हैं 2500 के करीब पौधे
करमवीर सिंह ने बताया कि वह धरती को बचाने के लिए काफी काम कर रहे है। वह अब तक 2500 के करीब पौधे लगाए हैं। इनमें आम, अमरूद व शंखपुष्पी के पौधे शामिल हैं। इसके अलावा कुछ एरिया में सफेदे के पौधे भी लगाए हैं। करमवीर ने बताया कि आम और अमरूद लगाने के पीछे भी एक कहानी है। महाराजा रणजीत सिंह के समय में पंजाब के दोआबा को आमों का बगीचा कहा जाता था क्योंकि उन्होंने सबसे ज्यादा आम के पौधे दोआबा में लगवाए थे। यही नहीं इन पौधों से लोगों व जानवरों को फल और छाया दोनों मिलते हैं।
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