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मोहाली के सफाई सिस्टम पर फिदा हुए 21 निगमों के डेलीगेट्स
अमित शर्मा/अमर उजाला, मोहाली
Updated Fri, 03 Jun 2016 12:43 PM IST
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मोहाली के सफाई सिस्टम पर वर्कशॉप
- फोटो : अमर उजाला
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नगर निगम भवन में वीरवार को जीआईएस बेस्ड मेकेनाइज्ड सिटी क्लिनिंग सिस्टम पर एक वर्कशॉप आयोजित की गई। इसमें 22 राज्यों की नगर निगमों के 40 डेलिगेट्स शामिल हुए। वर्कशॉप का उद्घाटन नगर निगम के मेयर कुलवंत सिंह ने किया। जबकि निगम कमिश्नर उमा शंकर गुप्ता, सीनियर डिप्टी मेयर रिशव जैन व डिप्टी मेयर मनजीत सेठी हाजिर रहे।
जीआईएस सिस्टम पर ब्रॉशर रिलीज
इस मौके मेयर कुलवंत सिंह ने कहा कि उनके सिस्टम को देश का सबसे बेहतर बनाया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरिंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने के लिए अहम योगदान डालने की अपील की गई। इस मौके उन्होंने जीआईएस बेस्ड मेकेनाइज्ड क्लीनिंग संबंधी तैयार किया गया ब्रॉशर भी रिलीज किया गया।
गंदगी की फोटो पहुच जाती है अपने आप निगम
वहीं, कमिश्नर उमा शंकर गुप्ता ने बताया कि जीआईएस बेस्ड सिस्टम के तहत रात के समय एक कैटेगरी में सड़कों को आटो मेटिक मशीनों के साथ सफाई की जाती है। फुटपाथों को पानी से धोया जाता है। जबकि बी व सी रोड पर मैनुअल स्वीपिंग सिस्टम के माध्यम से सफाई की जाती है। जो कि पूरी तरह डिजीटल है।
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जहां पर गंदगी होती है उसकी फोटो निगम को चली जाती है। उसके बाद सफाई करने के बाद दोबारा फोटो कंट्रोल रूम में भेजी जाती है। उन्होंने बताया कि टेक्नोलॉजी की मदद से हर तरह सेनिटेशन प्रक्रिया को मेनुअल व कंट्रोल रूम की देखरेख की जाती है।
यहां से आए थे डेलीगेट्स
वर्कशॉम में मैसूर, कोच्चि, सूरत, चेन्नई, अहमदाबाद, पुन्ने, कोलकत्ता, मुदरई समेत २१ नगर निगमों के उच्च अधिकारियों ने हिस्सा लिया। सारे लोग मोहाली के सिस्टम पर पूरी तरह फिदा हो गए थे।
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जीआईएस सिस्टम पर ब्रॉशर रिलीज
इस मौके मेयर कुलवंत सिंह ने कहा कि उनके सिस्टम को देश का सबसे बेहतर बनाया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरिंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने के लिए अहम योगदान डालने की अपील की गई। इस मौके उन्होंने जीआईएस बेस्ड मेकेनाइज्ड क्लीनिंग संबंधी तैयार किया गया ब्रॉशर भी रिलीज किया गया।
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गंदगी की फोटो पहुच जाती है अपने आप निगम
वहीं, कमिश्नर उमा शंकर गुप्ता ने बताया कि जीआईएस बेस्ड सिस्टम के तहत रात के समय एक कैटेगरी में सड़कों को आटो मेटिक मशीनों के साथ सफाई की जाती है। फुटपाथों को पानी से धोया जाता है। जबकि बी व सी रोड पर मैनुअल स्वीपिंग सिस्टम के माध्यम से सफाई की जाती है। जो कि पूरी तरह डिजीटल है।
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जहां पर गंदगी होती है उसकी फोटो निगम को चली जाती है। उसके बाद सफाई करने के बाद दोबारा फोटो कंट्रोल रूम में भेजी जाती है। उन्होंने बताया कि टेक्नोलॉजी की मदद से हर तरह सेनिटेशन प्रक्रिया को मेनुअल व कंट्रोल रूम की देखरेख की जाती है।
यहां से आए थे डेलीगेट्स
वर्कशॉम में मैसूर, कोच्चि, सूरत, चेन्नई, अहमदाबाद, पुन्ने, कोलकत्ता, मुदरई समेत २१ नगर निगमों के उच्च अधिकारियों ने हिस्सा लिया। सारे लोग मोहाली के सिस्टम पर पूरी तरह फिदा हो गए थे।