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सवि शर्माः दो किताबें लिखीं और लोकप्रियता में चेतन भगत को भी पीछे छोड़ दिया
ब्यूरो/अमर उजाला, भिवानी(हरियाणा)
Updated Sun, 19 Feb 2017 09:21 AM IST
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मिलिए एक ऐसी लड़की से, जिसने अभी तक केवल दो किताबें लिखीं और लोकप्रियता इतनी मिली कि चेतन भगत को भी पीछे छोड़ दिया। दिलचस्प है सफलता की कहानी। हरियाणा में भिवानी जिले के बहल में जन्मी और पली-बढ़ी और इंडियाज फास्टेस्ट सेलिंग डेब्यू ऑथर का खिताब पाने वाली सवि शर्मा की लिखी दूसरी पुस्तक गत 12 फरवरी को सूरत के क्रॉसवर्ड बुक स्टोर से लांच की गई।
‘दिस इज नॉट योअर स्टोरी’ पुस्तक को लोग हाथों हाथ ले रहे हैं। साहित्य के क्षेत्र में देश भर में बेटी की पहचान से बहल के लोग खुश हैं। गुजरात में सेटल हो चुकी 24 साल की सवि की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसकी पहली पुस्तक ‘एवरी वन हैज ए स्टोरी’ की महज 100 दिनों में एक लाख प्रतियां बिक गईं, जिसे देश भर में सबसे तेज बिकने वाली पुस्तक का दर्जा दिया गया।
इस पुस्तक की सबसे ज्यादा रीडरशिप होने के कारण सवि की पुस्तक एचटी नीलसन बुक स्कैन में 24 सप्ताह तक टॉप टेन में शामिल रही। इसमें सात सप्ताह पहले, छह सप्ताह दूसरे तथा दस सप्ताह तक तीसरे स्थान पर रही। 6 अगस्त 2016 को जारी सर्वेक्षण में सवि की पुस्तक की लोकप्रियता ने प्रसिद्ध अंग्रेजी ऑथर पाओलो कोएलो की पुस्तक ‘दी अलकेमिस्ट’ तथा चेतन भगत की पुस्तक ‘हॉफ गर्लफ्रेंड’ को भी पीछे छोड़ दिया है।
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सवि की यह पुस्तक का अंग्रेजी, गुजराती, मराठी, बंगाली, तेलगू व हिन्दी सहित छह भाषाओं में अनुवादित हो चुकी है।
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‘दिस इज नॉट योअर स्टोरी’ पुस्तक को लोग हाथों हाथ ले रहे हैं। साहित्य के क्षेत्र में देश भर में बेटी की पहचान से बहल के लोग खुश हैं। गुजरात में सेटल हो चुकी 24 साल की सवि की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसकी पहली पुस्तक ‘एवरी वन हैज ए स्टोरी’ की महज 100 दिनों में एक लाख प्रतियां बिक गईं, जिसे देश भर में सबसे तेज बिकने वाली पुस्तक का दर्जा दिया गया।
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इस पुस्तक की सबसे ज्यादा रीडरशिप होने के कारण सवि की पुस्तक एचटी नीलसन बुक स्कैन में 24 सप्ताह तक टॉप टेन में शामिल रही। इसमें सात सप्ताह पहले, छह सप्ताह दूसरे तथा दस सप्ताह तक तीसरे स्थान पर रही। 6 अगस्त 2016 को जारी सर्वेक्षण में सवि की पुस्तक की लोकप्रियता ने प्रसिद्ध अंग्रेजी ऑथर पाओलो कोएलो की पुस्तक ‘दी अलकेमिस्ट’ तथा चेतन भगत की पुस्तक ‘हॉफ गर्लफ्रेंड’ को भी पीछे छोड़ दिया है।
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सवि की यह पुस्तक का अंग्रेजी, गुजराती, मराठी, बंगाली, तेलगू व हिन्दी सहित छह भाषाओं में अनुवादित हो चुकी है।
पांच लाख से ज्यादा फॉलोअर
बुक राइटर सवि शर्मा
सवि शर्मा मोटिवेशनल मीडिया ब्लॉक लाइफ एंड पीपल की सह संस्थापक भी है। जहां वह आकर्षण के कानून, सकारात्मकता, आध्यात्मिकता, यात्रा और कहानी के बारे में लिखती है। सवि शर्मा के फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर पांच लाख से ज्यादा फॉलोवर है। सवि ने अपनी पहली पुस्तक को शुरू में ई-बुक के तौर पर पेश किया था और अमेजन पर आने के बाद इसकी पांच हजार कापियां बिक गईं।
उस समय सवि खुद ही प्रकाशक और वितरक थी। बाद में इसे वेस्टलैंड को इसे छापने का अधिकार दिया गया। सवि की पहली पुस्तक स्व कथात्मक है जिसमें मीरा के किरदार में एक नवोदित लेखिका है। जो एक ऐसी कहानी की तलाश में है जो लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित कर सके। जबकि, दूसरी पुस्तक में फ्लैश बैक से शुरू होती है और बहुत जल्दी वर्तमान में आ जाती है। नए उपन्यास का किरदार एक सीए है।
रिजल्ट की प्रतीक्षा ने दिया नया मुकाम
जिंदगी को कौन सा अवसर जिंदगी की राह बदल दे, कुछ कहा नहीं जा सकता है। 18 जुलाई 1993 को जन्मी 24 वर्षीय सवि की जिंदगी में भी एक ऐसा बदलाव आया है। सवि का शुरूआती लक्ष्य सीए बनने का था। ‘अमर उजाला’ से विशेष बातचीत में सवि ने बताया कि आईपीपीसी की परीक्षा देने के बाद रिजल्ट आने के दस दिन के समय में उसने 12 पुस्तकें पढ़ डालीं।
और यहीं से उसको एक नया मुकाम मिला और अपने पहले उपन्यास से ही प्रसिद्ध हो गईं। कस्बे के समाजसेवी मुरारीलाल शर्मा एवं पूर्व पंच रुकमणी देवी के ज्येष्ठ पुत्र मनोज और पुत्रवधू मंजू की सबसे बड़ी संतान सवि की तीसरी कक्षा तक की पढ़ाई बीआरसीएम ज्ञानकुंज में हुई है। पिता मनोज सूरत में कामकाजी होने के कारण सवि बाद में परिवार के साथ सूरत चली गई।
उस समय सवि खुद ही प्रकाशक और वितरक थी। बाद में इसे वेस्टलैंड को इसे छापने का अधिकार दिया गया। सवि की पहली पुस्तक स्व कथात्मक है जिसमें मीरा के किरदार में एक नवोदित लेखिका है। जो एक ऐसी कहानी की तलाश में है जो लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित कर सके। जबकि, दूसरी पुस्तक में फ्लैश बैक से शुरू होती है और बहुत जल्दी वर्तमान में आ जाती है। नए उपन्यास का किरदार एक सीए है।
रिजल्ट की प्रतीक्षा ने दिया नया मुकाम
जिंदगी को कौन सा अवसर जिंदगी की राह बदल दे, कुछ कहा नहीं जा सकता है। 18 जुलाई 1993 को जन्मी 24 वर्षीय सवि की जिंदगी में भी एक ऐसा बदलाव आया है। सवि का शुरूआती लक्ष्य सीए बनने का था। ‘अमर उजाला’ से विशेष बातचीत में सवि ने बताया कि आईपीपीसी की परीक्षा देने के बाद रिजल्ट आने के दस दिन के समय में उसने 12 पुस्तकें पढ़ डालीं।
और यहीं से उसको एक नया मुकाम मिला और अपने पहले उपन्यास से ही प्रसिद्ध हो गईं। कस्बे के समाजसेवी मुरारीलाल शर्मा एवं पूर्व पंच रुकमणी देवी के ज्येष्ठ पुत्र मनोज और पुत्रवधू मंजू की सबसे बड़ी संतान सवि की तीसरी कक्षा तक की पढ़ाई बीआरसीएम ज्ञानकुंज में हुई है। पिता मनोज सूरत में कामकाजी होने के कारण सवि बाद में परिवार के साथ सूरत चली गई।