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कोरोना और लॉकडाउनः हरियाणा में होमगार्ड की तैनाती लटकी, हथियार चलाना सिखाने की ट्रेनिंग बंद
Wed, 01 Apr 2020 10:57 AM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
Published by: अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Wed, 01 Apr 2020 10:57 AM IST
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कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव के कारण हरियाणा में लॉकडाउन का असर अब सरकार के विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यों पर भी पड़ने लगा है। इस लॉकडाउन की वजह से सैकड़ों होमगार्ड जवानों की सरकारी अस्पतालों में तैनाती लटक गई है। तैनाती की प्रक्रिया अब लॉकडाउन के बाद शुरू की जाएगी। इसके अलावा, हर जिले में नागरिक सुरक्षा एवं गृह रक्षी विभाग द्वारा लोगों को हथियार चलाने की दी जाने वाली ट्रेनिंग भी अगले आदेशों तक बंद कर दी गई है।
स्वास्थ्य महकमा अभी नहीं चाहता तैनाती हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने सभी सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों, मरीज़ों और अस्पताल परिसर की सुरक्षा के लिए 1652 होमगार्ड जवानों को नियुक्त करने की योजना बनाई थी। सरकार ने भी इस योजना को स्वीकृति देते हुए 1 अप्रैल 2020 से इन होमगार्ड जवानों की तैनाती सरकारी अस्पतालों में करने के आदेश दिए थे। सरकार के इस फैसले से 1652 होमगार्ड जवानों को लंबी समयावधि तक रोजगार मिलने की उम्मीद जगी थी।
लॉकडाउन ने होमगार्ड जवानों की इन उम्मीदों को तोड़ दिया है। स्वास्थ्य महकमे की ओर से नागरिक सुरक्षा एवं गृह रक्षी विभाग हरियाणा को पत्र भेजा गया है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए इस तैनाती को फिलहाल रोक दिया जाए। तैनाती की इस प्रक्रिया को लॉकडाउन के बाद अमल में लाया जाएगा। हर माह 1 से 5 तक होने वाली वेपन ट्रेनिंग बंद नागरिक सुरक्षा एवं गृह रक्षी विभाग द्वारा सभी जिलों में हर महीने 1 से 5 तारीख तक दी जाने वाली हथियार चलाने की ट्रेनिंग अगले आदेशों तक बंद रहेगी। विभाग द्वारा ये ट्रेनिंग इच्छुक आम लोगों को दी जाती है।
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इसके अंतर्गत ट्रेनिंग लेने वाले व्यक्ति को 1 हज़ार रुपये फीस जमा करवानी पड़ती है। उसके बाद 5 दिन तक रोजाना तो 2 घंटे की ट्रेनिंग विभाग के विशेषज्ञों द्वारा दी जाती है। इस ट्रेनिंग में चेकोस्लोवाकिया निर्मित पॉइंट 22 राइफल चलाना और थ्योरी का ज्ञान दिया जाता है। इस दौरान पॉइंट 22 राइफल की 10-10 राउंड फायरिंग भी करवाई जाती है। यह ट्रेनिंग इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस ट्रेनिंग के बाद विभाग संबंधित व्यक्ति को सर्टिफिकेट देता है और इसी सर्टिफिकेट के आधार पर ही व्यक्ति अपनी सुरक्षा के लिए हथियार रखने का लाइसेंस प्रशासन के समक्ष अप्लाई कर सकता है।
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स्वास्थ्य महकमा अभी नहीं चाहता तैनाती हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने सभी सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों, मरीज़ों और अस्पताल परिसर की सुरक्षा के लिए 1652 होमगार्ड जवानों को नियुक्त करने की योजना बनाई थी। सरकार ने भी इस योजना को स्वीकृति देते हुए 1 अप्रैल 2020 से इन होमगार्ड जवानों की तैनाती सरकारी अस्पतालों में करने के आदेश दिए थे। सरकार के इस फैसले से 1652 होमगार्ड जवानों को लंबी समयावधि तक रोजगार मिलने की उम्मीद जगी थी।
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लॉकडाउन ने होमगार्ड जवानों की इन उम्मीदों को तोड़ दिया है। स्वास्थ्य महकमे की ओर से नागरिक सुरक्षा एवं गृह रक्षी विभाग हरियाणा को पत्र भेजा गया है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए इस तैनाती को फिलहाल रोक दिया जाए। तैनाती की इस प्रक्रिया को लॉकडाउन के बाद अमल में लाया जाएगा। हर माह 1 से 5 तक होने वाली वेपन ट्रेनिंग बंद नागरिक सुरक्षा एवं गृह रक्षी विभाग द्वारा सभी जिलों में हर महीने 1 से 5 तारीख तक दी जाने वाली हथियार चलाने की ट्रेनिंग अगले आदेशों तक बंद रहेगी। विभाग द्वारा ये ट्रेनिंग इच्छुक आम लोगों को दी जाती है।
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इसके अंतर्गत ट्रेनिंग लेने वाले व्यक्ति को 1 हज़ार रुपये फीस जमा करवानी पड़ती है। उसके बाद 5 दिन तक रोजाना तो 2 घंटे की ट्रेनिंग विभाग के विशेषज्ञों द्वारा दी जाती है। इस ट्रेनिंग में चेकोस्लोवाकिया निर्मित पॉइंट 22 राइफल चलाना और थ्योरी का ज्ञान दिया जाता है। इस दौरान पॉइंट 22 राइफल की 10-10 राउंड फायरिंग भी करवाई जाती है। यह ट्रेनिंग इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस ट्रेनिंग के बाद विभाग संबंधित व्यक्ति को सर्टिफिकेट देता है और इसी सर्टिफिकेट के आधार पर ही व्यक्ति अपनी सुरक्षा के लिए हथियार रखने का लाइसेंस प्रशासन के समक्ष अप्लाई कर सकता है।
1 जुलाई तक होमगार्ड जवानों की अस्पतालों में नियुक्ति नहीं होगी
होमगार्ड जवानों को हरियाणा के अस्पतालों में सुरक्षाकर्मी के तौर पर तैनात करने के खिलाफ याचिका पर मंगलवार को हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि लाक डाउन के चलते सरकार ने अपने इस फैसले को 1 जुलाई तक स्थगित कर दिया है। मंगलावर को इस मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस गिरीश अग्निहोत्री ने अपने घर से और हरियाणा के एडिशनल एडवोकेट जनरल दीपक बल्याण व याची के वकील घर से ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये ही सुनवाई में शामिल हुए।
मामले में सुनवाई के दौरान याची के वकील ने कोर्ट को बताया कि हरियाणा के स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक ने होमगार्ड के महानिदेशक को 6 जनवरी को एक पत्र लिख कर एक अप्रैल से होमगार्ड जवानों की सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा जिला अस्पतालों में तैनात चिकित्सकों की सुरक्षा तथा सुरक्षा प्रबंधों के लिए आउटसोर्सिंग पर करने को लिखा। सरकार ने भी निर्णय लिया कि इस काम के लिए कुल 1652 होमगार्ड जवानों की भर्ती की जाएगी। याचिका में बताया गया सरकार का यह कदम उचित नहीं है।
होमगार्ड जवानों को अस्पताल में लगाना उचित नहीं है। सरकार कार्यरत जवानों को हटा कर नए आउटसोर्सिंग जवानों की भर्ती की जा रही है। हरियाणा के एडिशनल एडवोकेट जनरल दीपक बल्याण ने कोर्ट को विश्वास दिलाया कि फैसले को स्थगित कर दिया गया है। उनके जवाब पर हाईकोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी कर साफ कर दिया कि याचिकाकर्ता को वर्तमान तैनाती के उनके पदों पर काम करने दिया जाए। कोर्ट ने अगली सुनवाई पर सरकार को इस बाबत जवाब भी दायर करने का निर्देश दिया।
मामले में सुनवाई के दौरान याची के वकील ने कोर्ट को बताया कि हरियाणा के स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक ने होमगार्ड के महानिदेशक को 6 जनवरी को एक पत्र लिख कर एक अप्रैल से होमगार्ड जवानों की सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा जिला अस्पतालों में तैनात चिकित्सकों की सुरक्षा तथा सुरक्षा प्रबंधों के लिए आउटसोर्सिंग पर करने को लिखा। सरकार ने भी निर्णय लिया कि इस काम के लिए कुल 1652 होमगार्ड जवानों की भर्ती की जाएगी। याचिका में बताया गया सरकार का यह कदम उचित नहीं है।
होमगार्ड जवानों को अस्पताल में लगाना उचित नहीं है। सरकार कार्यरत जवानों को हटा कर नए आउटसोर्सिंग जवानों की भर्ती की जा रही है। हरियाणा के एडिशनल एडवोकेट जनरल दीपक बल्याण ने कोर्ट को विश्वास दिलाया कि फैसले को स्थगित कर दिया गया है। उनके जवाब पर हाईकोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी कर साफ कर दिया कि याचिकाकर्ता को वर्तमान तैनाती के उनके पदों पर काम करने दिया जाए। कोर्ट ने अगली सुनवाई पर सरकार को इस बाबत जवाब भी दायर करने का निर्देश दिया।