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प्रगट सिंहः उम्र 75 पार, खेल के मैदान में जिंदादिली देख सब हो जाते हैरान

Sat, 16 Sep 2017 02:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 16 Sep 2017 02:37 PM IST
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chandigarh 75 years old athlete pragat singh
75 साल के एथलीट प्रगट सिंह
मिलिए एक ऐसे शख्स से, जिनकी उम्र 75 पार है, लेकिन खेल के मैदान में इनकी जिंदादिली देखकर अच्छो अच्छों के पसीने छूट जाते हैं। बढ़ती उम्र में यदि आप खुद को खेलकूद के जरिए फिट रख सकते हैं तो बीमारियां आपसे कोसों दूर रहेंगी। उम्र चाहे जो भी हो, देश के लिए मेडल जीतना भी बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। अमर उजाला की ओर से शुरू की गई ऐसे ही लोगों पर सीरीज में आज हम प्रगट सिंह के बारे में बताने जा रहे हैं।
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वे रिटायरमेंट के बाद खेलों के माध्यम से खुद को चुस्त और दुरुस्त रखने में जुटे हुए हैं। वह वेटरनंस की श्रेणी में जरूर आते हैं, लेकिन एथलेटिक्स ट्रैक पर जब खेलते हैं तो उनसे आधी उम्र के लोग भी हैरान रह जाते हैं। प्रगट सिंह उम्र 75, हैमर थ्रो और डिस्कस थ्रो में रिकार्ड बना चुके हैं। देश के किसी भी कोने में आयोजित होने वाले नेशनल या मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हर बार हिस्सा लेकर मेडल जीतने में कामयाब रहते हैं।
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यही नहीं, विदेशी धरती पर भी अपने खेल कौशल से सबको अपना कायल बना लेते हैं। कॉरपोरेट शुगर मिल में मैनेजिंग डायरेक्टर पद से रिटायर हो चुके प्रगट सिंह कई वर्षों तक अपने विभाग में होने वाली बैडमिंटन चैंपियनशिप के विजेता रहे। स्कूल में आठवीं कक्षा तक हाकी खेली। साल 1961 में खालसा कॉलेज में पंजाब यूनिवर्सिटी वालीबाल ओवरऑल चैंपियनशिप की विजेता टीम के सदस्य रहे।
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भाई के कहने पर वेटरनंस प्रतियोगिताओं में आए
 प्रगट सिंह ने बताया कि उनके भाई जीएस सिद्धू वेटरनंस टूर्नामेंट में लगातार हिस्सा लेते हैं। रिटायरमेंट के बाद एक दिन वह घर आए और कहा कि खाली बैठने से अच्छा है खेलकूद में हिस्सा लो। उन्होंने सेक्टर-46 स्थित स्टेडियम में शाम को बुलाया और वहां पर मैंने अभ्यास करना शुरू कर दिया। हैमर थ्रो और डिस्कस थ्रो में हाथ अजमाया। आज इन्हीं खेलों में मेडल जीतने पर काफी सुकून मिलता है।

सप्ताह में तीन दिन अभ्यास
प्रगट सिंह वेटरनंस गेम्स में हिस्सा लेने के लिए खुद को हमेशा फिट रखना चाहते हैं। इसके लिए वह हैमर थ्रो और डिस्क्स थ्रो का हफ्ते में तीन दिन्र कड़ा अभ्यास करते हैं। बाकी दिन वह अपने आप को वार्मअप करने के लिए रोजाना सुबह में साइकिलिंग करते हैं।

हैमर थ्रो किए बिना नींद नहीं आती
प्रगट सिंह ने कहा कि उनके परिवार वालों को इस बात की चिंता रहती है कि इस उम्र में खेलने के दौरान कहीं चोट न लग जाए। बच्चे कहते हैं कि यह छोड़ दो, लेकिन जिस दिन हैमर थ्रो नहीं करता मुझे रात में नींद नहीं आती।


चीन की तैयारी
प्रगट सिंह इसी महीने चीन में होने वाली 20वें एशियन मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए चयनित हुए हैं। यह गेम्स 24-28 सितंबर तक खेले जाने हैं। इस इवेंट में वह हैमर थ्रो और डिस्कस थ्रो में मैदान पर उतरेंगे।
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