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बॉबी सिंह: परिवार और व्यापार भूलकर करते हैं आपदा पीड़ितों की सहायता, 68 बार किया रक्तदान
Fri, 19 Apr 2019 01:54 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 19 Apr 2019 01:54 PM IST
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बॉबी सिंह
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बॉबी सिंह में समाजसेवा का ऐसा जुनून है कि देश की कहीं भी आपदा पीड़ितों की सहायता के लिए अपने परिवार और व्यापार को भूलकर पहुंच जाते हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 21 अप्रैल को शहर के प्रसिद्ध समाजसेवी बॉबी सिंह जेम ऑफ इंडिया अवार्ड से सम्मानित होंगे। उन्हें यह अवार्ड ऑल इंडिया अचीवर्स कांफ्रेंस द्वारा उनकी सराहनीय समाजसेवा को देखते हुए प्रदान किया जाएगा।
कांफ्रेंस में मुख्यातिथि के रूप में यूनियन मिनिस्टर ऑफ स्टेट फॉर टेक्सटाइल्स अजय तामता शिरकत करेंगे। वहीं, वरिष्ठ भाजपा नेता विजय जौली, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महा सचिव अनुरुद्ध लाल, अभिनेता रजामुराद, राकेश बेदी, सुरेंद्रपाल सिंह, अवतार गिल विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।
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कांफ्रेंस में मुख्यातिथि के रूप में यूनियन मिनिस्टर ऑफ स्टेट फॉर टेक्सटाइल्स अजय तामता शिरकत करेंगे। वहीं, वरिष्ठ भाजपा नेता विजय जौली, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महा सचिव अनुरुद्ध लाल, अभिनेता रजामुराद, राकेश बेदी, सुरेंद्रपाल सिंह, अवतार गिल विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।
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इसलिए सम्मानित होंगे बॉबी सिंह
पंचकूला निवासी बॉबी सिंह किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। ट्राइसिटी में या फिर देश में कहीं पर भी कोई आपदा आती है तो बॉबी सिंह अपने परिवार व व्यापार को भूलकर लोगों की मदद के लिए टीम के साथ पहुंच जाते हैं। कारगिल युद्ध के दौरान भी बॉबी सिंह अपने 40 वॉलंटियर्स के साथ पीड़ितों की मदद के लिए जम्मू गए थे।
बॉबी सिंह अब तक 68 बार रक्तदान कर चुके हैं। इनमें से 30 बार उन्होंने आर्मी के जवानों के लिए ब्लड डोनेट किया है। बॉबी सिंह ने चार साल पहले ‘चिट्ठी आई है’ के नाम अभियान चलाया था। जिसके अंतर्गत बच्चों ने आर्मी के सम्मान में लेटर लिखे और कार्ड बनाए थे। इन लेटर और कार्ड को बॉर्डर पर तैनात सेना के जवानों को प्रेरित करने के लिए भेजा गया था।
केरला में जब बाढ़ आई थी तो आपदा पीड़ितों की मदद के लिए बॉबी सिंह महीनों तक वहां पर रहे और दिन-रात सेवा की। हाल ही में अमृतसर ट्रेन हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों को वित्तीय मदद देने के अलावा बॉबी सिंह ने घायल लोगों के उपचार में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।
बॉबी सिंह अब तक 68 बार रक्तदान कर चुके हैं। इनमें से 30 बार उन्होंने आर्मी के जवानों के लिए ब्लड डोनेट किया है। बॉबी सिंह ने चार साल पहले ‘चिट्ठी आई है’ के नाम अभियान चलाया था। जिसके अंतर्गत बच्चों ने आर्मी के सम्मान में लेटर लिखे और कार्ड बनाए थे। इन लेटर और कार्ड को बॉर्डर पर तैनात सेना के जवानों को प्रेरित करने के लिए भेजा गया था।
केरला में जब बाढ़ आई थी तो आपदा पीड़ितों की मदद के लिए बॉबी सिंह महीनों तक वहां पर रहे और दिन-रात सेवा की। हाल ही में अमृतसर ट्रेन हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों को वित्तीय मदद देने के अलावा बॉबी सिंह ने घायल लोगों के उपचार में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।
चार एंबुलेंस करती हैं लोगों की सेवा
समाज सेवी बॉबी सिंह ने चार एंबुलेंस ट्राइसिटी में लगा रखी हैं, जो लोगों की सेवा में दिन-रात चल रही हैं। एंबुलेंस घायलों को मुफ्त में अस्पताल छोड़कर आती हैं। इतना ही नहीं, एंबुलेंस का चालक तब तक अस्पताल में मरीज की मदद करता है जब तक उसके परिजन नहीं पहुंच जाते हैं।
बॉबी सिंह कैंसर डिटेक्शन शिविर लगाकर पुरुषों और महिलाओं को जांच करवाने के लिए भी प्रेरित करते हैं। वे अब तक पंचकूला में ऐसे सात-आठ शिविर लगाकर कई लोगों की जान बचा चुके हैं। चंडीगढ़ स्थित गुरु का लंगर आई अस्पताल में रोजाना सैकड़ों मरीजों की आंखों का निशुल्क इलाज किया जाता है। बॉबी सिंह दिन में ज्यादातर समय वहां के मरीजों की सेवा में ही व्यतीत करते हैं।
सर्वे के बाद नाम का हुआ चयन
ऑल इंडिया अचीवर्स कांफ्रेंस द्वारा कई दिनों तक ट्राइसिटी में प्रमुख समाज सेवियों का सर्वे करवाया गया, जिसमें बॉबी सिंह की सेवाओं को देखते हुए उन्हें सर्वोपरि समझा गया। गोल्डन अचीवर अवार्ड्स को लेकर बॉबी सिंह से बात की गई तो उन्होंने कांफ्रेंस द्वारा समाज सेवा के क्षेत्र में सराहनीय योगदान के लिए चयनित किए जाने पर वाहे गुरु का शुक्राना अदा किया।
उन्होंने कहा कि समाज सेवा वे अपने मन की शांति के लिए करते हैं, परंतु अगर किसी संस्था द्वारा उन्हें सम्मानित किया जाता है तो समाज सेवा की भावना और बढ़ जाती है और दूसरों को भी प्रेरणा मिलती है।
बॉबी सिंह कैंसर डिटेक्शन शिविर लगाकर पुरुषों और महिलाओं को जांच करवाने के लिए भी प्रेरित करते हैं। वे अब तक पंचकूला में ऐसे सात-आठ शिविर लगाकर कई लोगों की जान बचा चुके हैं। चंडीगढ़ स्थित गुरु का लंगर आई अस्पताल में रोजाना सैकड़ों मरीजों की आंखों का निशुल्क इलाज किया जाता है। बॉबी सिंह दिन में ज्यादातर समय वहां के मरीजों की सेवा में ही व्यतीत करते हैं।
सर्वे के बाद नाम का हुआ चयन
ऑल इंडिया अचीवर्स कांफ्रेंस द्वारा कई दिनों तक ट्राइसिटी में प्रमुख समाज सेवियों का सर्वे करवाया गया, जिसमें बॉबी सिंह की सेवाओं को देखते हुए उन्हें सर्वोपरि समझा गया। गोल्डन अचीवर अवार्ड्स को लेकर बॉबी सिंह से बात की गई तो उन्होंने कांफ्रेंस द्वारा समाज सेवा के क्षेत्र में सराहनीय योगदान के लिए चयनित किए जाने पर वाहे गुरु का शुक्राना अदा किया।
उन्होंने कहा कि समाज सेवा वे अपने मन की शांति के लिए करते हैं, परंतु अगर किसी संस्था द्वारा उन्हें सम्मानित किया जाता है तो समाज सेवा की भावना और बढ़ जाती है और दूसरों को भी प्रेरणा मिलती है।