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देशभक्ति का अनोखा अंदाज, संजो रखे हैं नेताजी के चित्रों वाले 62 सिक्के
ब्यूरो/अमर उजाला, शाहबाद(हरियाणा)
Updated Sat, 22 Oct 2016 07:34 PM IST
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सुभाष चंद्र बोस की तस्वीरों वाले सिक्कों का कलेक्शन
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आजादी के परवानों को नमन करने का हर किसी का अपना-अपना ढंग होता है। धर्मवीर हंस ने भी नेताजी सुभाष चंद्र बोस को नमन करते हुए उनके चित्रों के 62 सिक्के एकत्रित किए हैं। धर्मवीर हंस ने सुभाष चंद्र बोस के इन सिक्कों को सुभाष चंद्र बोस की 71वीं वर्षगांठ पर प्रदर्शित किया और अपने व्यापारी स्थल पर प्रदर्शनी लगाकर युवाओं को देशभक्ति का संदेश दिया।
धर्मवीर हंस के पिता हरभगवान हंस स्वतंत्रता सेनानी थे और अपने पिता के पदचिह्नों पर चलते हुए उनमें भी देशभक्ति की भावना कूट-कूट के भरी है। धर्मवीर हंस अध्यात्मिक कार्यक्रमों के साथ-साथ प्रतिदिन स्कूली विद्यार्थियों को देशभक्ति का संदेश देते नजर आते हैं। उन द्वारा एकत्रित दुर्बल सिक्कों को देखकर हर कोई आश्चर्य चकित था।
धर्मवीर हंस ने जानकारी दी कि इन सिक्कों को 1997 में भारत सरकार द्वारा एक बार जारी किया गया था और उस धरोहर को उन्होंने आज तक संभाल कर रखा है। उन्होंने बताया कि अब तक वह लोकनायक जयप्रकाश नारायण के सिक्कों की प्रदर्शनी भी लगा चुके हैं।
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हंस का कहना है कि उनके पास बहुत से महापुरुषों व सरकार द्वारा जारी समरिक विषयों के सिक्कों का अद्भुत संग्रह है जिसे वह समय-समय पर प्रदर्शित कर नयी पीढ़ी को प्रेरित करते हैं।
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धर्मवीर हंस के पिता हरभगवान हंस स्वतंत्रता सेनानी थे और अपने पिता के पदचिह्नों पर चलते हुए उनमें भी देशभक्ति की भावना कूट-कूट के भरी है। धर्मवीर हंस अध्यात्मिक कार्यक्रमों के साथ-साथ प्रतिदिन स्कूली विद्यार्थियों को देशभक्ति का संदेश देते नजर आते हैं। उन द्वारा एकत्रित दुर्बल सिक्कों को देखकर हर कोई आश्चर्य चकित था।
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धर्मवीर हंस ने जानकारी दी कि इन सिक्कों को 1997 में भारत सरकार द्वारा एक बार जारी किया गया था और उस धरोहर को उन्होंने आज तक संभाल कर रखा है। उन्होंने बताया कि अब तक वह लोकनायक जयप्रकाश नारायण के सिक्कों की प्रदर्शनी भी लगा चुके हैं।
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हंस का कहना है कि उनके पास बहुत से महापुरुषों व सरकार द्वारा जारी समरिक विषयों के सिक्कों का अद्भुत संग्रह है जिसे वह समय-समय पर प्रदर्शित कर नयी पीढ़ी को प्रेरित करते हैं।