बेहतरीन रिसर्चः अपराधी को पकड़ना होगा आसान, मिट्टी बताएगी पूरा 'पता', जानिए कैसे
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कोई अपराधी किसी घटना को अंजाम देकर चला जाता है लेकिन सुबूत न मिलने पर पुलिस उस तक नहीं पहुंच पाती। ऐसे अपराधियों को पकड़ने के लिए यह रिसर्च पुलिस की मदद करेगा। पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) के फोरेंसिक विभाग की छात्रा रोहिनी चौहान ने मिट्टी पर रिसर्च किया है। मिट्टी बता देगी कि अपराधी कहां का रहने वाला हैं।
उन्होंने छह राज्यों की मिट्टी पर हुए शोध से फॉरेंसिक जांच के जरिए कंपोनेंट तैयार किए हैं। पुलिस को इन कंपोनेंट से अपराधी तक पहुंचने में काफी मदद मिलेगी। पीयू की छात्रा रोहिनी चौहान ने फॉरेंसिक विभाग के प्रो विशाल शर्मा की गाइडेंस में लगभग साढ़े तीन साल तक इस पर रिसर्च किया है। इसमें डॉ. राजकुमार ने भी रोहिनी चौहान का साथ दिया और रिसर्च के परिणाम बेहतर आए।
नार्थ वेस्ट के राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश के चार-चार शहरों में जाकर मिट्टी के दस-दस नमूने लिए। इन नमूनों का मिट्टी स्टैंडर्ड देखा गया। हर राज्य की मिट्टी का आकार, प्रकार व मिलने वाले कंपोनेंट अलग-अलग थे।
उसकी रिसर्च के जरिए डायरेक्टरी तैयार की। पूरा डाटा बनाया गया। रोहिनी कहती हैं कि कोई भी अपराधी जूते या चप्पलों के जरिए मिट्टी लेकर पहुंचता है या फिर कपड़ों, कुल्हाड़ी, चाकू या कोई हथियार के जरिये भी मिट्टी घटनास्थल तक पहुंचती है। उसी मिट्टी की फॉरेंसिक जांच करने के बाद एक लिंक तैयार हो जाएगा कि वह अपराधी किस राज्य से है।
किस राज्य के किन क्षेत्रों से लिए गए मिट्टी के नमूने
राज्य शहर
राजस्थान अजमेर, जैसलमेर, जोधपुर, उदयपुर
हरियाणा हिसार, अंबाला, फतेहाबाद, रोहतक
पंजाब मुक्तसर, जालंधर, लुधियाना, अबोहर
चंडीगढ़ ट्राईसिटी चंडीगढ़, पंचकूला, मोहाली
दिल्ली एनसीआर दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा
कई राज्यों से मिट्टी के नमूने लेकर उस पर रिसर्च किया गया है। उसके कंपोनेंट तैयार किए गए हैं। फॉरेंसिक जांच से अब यह पता लग जाएगा कि अपराधी किस क्षेत्र से आया है। उसका एक लिंक तैयार कर दिए जाएगा। इसके जरिए पुलिस को काफी मदद मिलेगी। अपराधी तक पहुंचना आसान हो जाएगा। -रोहिनी चौहान, रिसर्च स्कॉलर