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वाणी दीवान: बचपन के शौक को बना लिया बिजनेस का जरिया, बनाई अपनी एक खास पहचान
रीतिका पठानियां, अमर उजाला, पंचकूला
Updated Thu, 01 Nov 2018 03:39 PM IST
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आर्टिस्ट वाणी दीवान
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बचपन से क्राफ्ट का शौक था, लेकिन कभी सोचा नहीं था कि टैलेंट समाज में अलग पहचान दिलाएगा। यह कहना है सेक्टर-16 निवासी स्टार्टअप कर रही वाणी दीवान का। अमर उजाला से बातचीत करते हुए वाणी दीवान ने बताया कि उन्हें बचपन से ही आर्ट एंड क्राफ्ट का शौक था, जोकि उम्र के साथ-साथ और भी बेहतरीन होता गया। पहले मालूम नहीं था कि वह इस टैलेंट से बिजनेस भी कर सकती हैं, लेकिन शादी के बाद ससुराल वालों व दोस्तों का प्रोत्साहन मिला तो थोड़ी उम्मीद जागी।
कॉफी से करती हैं पेंटिंग
वाणी के अनुसार उन्होंने दो साल पहले ही अपनी मौसी से पेंटिंग करने की नई कला सीखी, जिसमें वह कॉफी के माध्यम से पेंटिंग करती हैं। उनकी इसी कला को लोगों ने बेहद पसंद भी किया। वाणी ने बताया कि एग्जीबिशन में उनके द्वारा तैयार किए गए प्रोडक्टों में सबसे अधिक बिकने वाला प्रोडक्ट कॉफी पेंटिंग है।
पहली बार मिली निराशा
वाणी ने बताया कि जब उन्होंने पहली बार स्कूलों में एग्जीबिशन लगाई तो उन्हें काफी निराशा मिली। वह कुछ समय के लिए डिप्रेस भी रहीं, लेकिन फैमिली का इतना सहयोग मिला कि मेरे अंदर फिर से कुछ करने की चाह पैदा हुई। उन्होंने दूसरी एग्जीबिशन सिटी के स्थानीय होटल में करवाचौथ के दौरान लगाई, जिसका काफी अच्छा रिस्पांस भी देखने को मिला।
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घर में ही देती हैं बच्चों को पेंटिंग क्लास
वाणी ने बताया कि वह घर में ही स्टूडेंट्स को पेंटिंग व क्राफ्ट की क्लास देती है। पहले उनके पास कम ही स्टूडेंट आते थे, लेकिन जैसे-जैसे लोगों को उनके टैलेंट के बारे में पता चला। उनके पास आने वाले स्टूडेंट्स की संख्या भी बढ़ गई। रविवार वाले दिन उनके पास ऑफिस कर्मी भी पेंटिंग सीखने आते है। वाणी क्राफ्ट आइटमस में कांच की बोतलों व ट्रे, जार, शगुन के लिफाफे डिजाइन करने के साथ-साथ कुशन कवर पर पेंटिंग बनाती है। वाणी घर पर ही यह सब चीजें तैयार करती है।
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कॉफी से करती हैं पेंटिंग
वाणी के अनुसार उन्होंने दो साल पहले ही अपनी मौसी से पेंटिंग करने की नई कला सीखी, जिसमें वह कॉफी के माध्यम से पेंटिंग करती हैं। उनकी इसी कला को लोगों ने बेहद पसंद भी किया। वाणी ने बताया कि एग्जीबिशन में उनके द्वारा तैयार किए गए प्रोडक्टों में सबसे अधिक बिकने वाला प्रोडक्ट कॉफी पेंटिंग है।
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पहली बार मिली निराशा
वाणी ने बताया कि जब उन्होंने पहली बार स्कूलों में एग्जीबिशन लगाई तो उन्हें काफी निराशा मिली। वह कुछ समय के लिए डिप्रेस भी रहीं, लेकिन फैमिली का इतना सहयोग मिला कि मेरे अंदर फिर से कुछ करने की चाह पैदा हुई। उन्होंने दूसरी एग्जीबिशन सिटी के स्थानीय होटल में करवाचौथ के दौरान लगाई, जिसका काफी अच्छा रिस्पांस भी देखने को मिला।
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घर में ही देती हैं बच्चों को पेंटिंग क्लास
वाणी ने बताया कि वह घर में ही स्टूडेंट्स को पेंटिंग व क्राफ्ट की क्लास देती है। पहले उनके पास कम ही स्टूडेंट आते थे, लेकिन जैसे-जैसे लोगों को उनके टैलेंट के बारे में पता चला। उनके पास आने वाले स्टूडेंट्स की संख्या भी बढ़ गई। रविवार वाले दिन उनके पास ऑफिस कर्मी भी पेंटिंग सीखने आते है। वाणी क्राफ्ट आइटमस में कांच की बोतलों व ट्रे, जार, शगुन के लिफाफे डिजाइन करने के साथ-साथ कुशन कवर पर पेंटिंग बनाती है। वाणी घर पर ही यह सब चीजें तैयार करती है।