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जादूगर ओपी शर्मा ने खुद किया खुलासा, कहा- जादू नहीं केवल विज्ञान का है खेल
अरविंद बाजपेयी, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 27 Jun 2018 05:23 PM IST
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जादूगर ओपी शर्मा
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जिसे आप जादू समझते हैं वो जादू नहीं बल्कि विज्ञान का चमत्कार है। यह कहना है विश्व प्रसिद्ध जादूगर ओपी शर्मा का। जादूगर अमर उजाला कार्यालय में पहुंचे तो उन्होंने कुछ ऐसी ही हैरत अंगेज बातों को अमर उजाला से साझा किया।
उनका कहना है कि अक्सर तेज धमाके के बाद लोग कहते हैं कि एकदम से आवाज आई और कुछ देर के लिए आंखों के सामने अंधेरा छा गया। वास्तव में अंधेरा नहीं छाता पर ऐसा कहा जाता है। इसमें कहीं लाइट की थ्योरी तो कहीं साउंड की थ्योरी फिट होती है। उन्होंने बताया कि नजरों को किसी भी वस्तु को ऑब्जर्व करने की एक स्पीड होती है, तभी नजरें उसको पकड़ पाती हैं, हम लोग इतनी स्पीड से काम करते हैं कि नजरें उसे देख नहीं पाती हैं।
जादू दिखाने में साउंड, स्पीड और लाइट्स का सबसे ज्यादा प्रभाव होता है। हमारी इसके लिए 12 लोगों की एक रिसर्च टीम है जो कि हरेक जादू को पहले ऑब्जर्व करती है और फिर वह सामने लाया जाता है। उन्होंने बताया कि म्यूजिक का प्रभाव सीधा दिमाग पर होता है, जादू को तैयार करने में सबसे ज्यादा म्यूजिक प्रभावी होता है। उन्होंने कहा कि जादू दिखाने के पहले कुछ ऐसी फ्रीक्वेंसी डेवलप की जाती हैं जो कि दिमाग को डायवर्ट कर देती हैं। आंखों के लिए स्पीड का लाभ लिया जाता है। इसमें रंगों का भी काफी प्रभाव होता है।
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उन्होंने कहा कि मनोरंजन का यह शानदार माध्यम से है जिसको हरेक व्यक्ति एंज्वाए करता है। उन्होंने बताया कि वह अपने शो में डायनासोर लेकर आए हैं जिसको जापान से मंगवाया गया है। इसका प्रेजेंटेशन इतना शानदार है कि लोग देखते रह जाते हैं। इसके साथ ही उनके शो में पेरिस आफ लिबर्टी और स्वप्न सुंदरी का चैंबर और सिकंदर की तलवार भी खास है।
दो सौ जादूगर निकलते हैं रोजाना
ओपी शर्मा जूनियर ने बताया कि उनकी कानपुर में माया महल मैजिक अकादमी है। जिससे प्रति वर्ष दो सौ जादूगर तैयार होकर निकलते हैं। वास्तव में जादू की कला बचाने के लिए यह सबसे आवश्यक है। उनकी अकादमी में छह कोर्स हैं। उन्होंने बताया कि उनकी मंशा है कि अब मैजिक के लिए भी स्पेशल पाठ्यक्रम तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि वास्तव में जादू कई बातों का मिक्सचर है।
जादू के माध्यम से देते हैं संदेश
ओपी शर्मा जूनियर ने बताया कि ढोंगी बाबाओं के प्रति आम पब्लिक को जागरूक करने के लिए एक बड़ा साधन है जादू का शो। इसमें एक बाबा के भेष में आर्टिस्ट स्टेज पर आता है और वह कुछ मंत्रोच्चार के बाद ऊपर उठने लगता है और उसके बाद अपने चेलों और आडियंस से मुखातिब होकर बताता है कि किस प्रकार से वह ऊपर उठता हुआ लोगों को दिखाई दिया। इसके माध्यम से कम से कम पब्लिक को यह जानकारी मिल रही है कि यह सब तंत्र या मंत्र विद्या न होकर सीधा सादा तरीका है ऊपर उठने का।
अब तक किए हैं 38070 शो
जादूगर ओपी शर्मा जूनियर ने बताया कि अब तक कुल 38070 शो कर चुके हैं। यह शो बारह देशों में किए हैं। भारत का यह तीसरा राउंड है। उन्होेंने बताया कि उनका उद्देश्य जादू को एक नए मुकाम तक लेकर जाना है। उन्होंने बताया कि कानपुर में उनका निवास भूत बंगला है जिसे उनके पिता जी जादूगर ओपी शर्मा ने डिजाइन किया है।
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उनका कहना है कि अक्सर तेज धमाके के बाद लोग कहते हैं कि एकदम से आवाज आई और कुछ देर के लिए आंखों के सामने अंधेरा छा गया। वास्तव में अंधेरा नहीं छाता पर ऐसा कहा जाता है। इसमें कहीं लाइट की थ्योरी तो कहीं साउंड की थ्योरी फिट होती है। उन्होंने बताया कि नजरों को किसी भी वस्तु को ऑब्जर्व करने की एक स्पीड होती है, तभी नजरें उसको पकड़ पाती हैं, हम लोग इतनी स्पीड से काम करते हैं कि नजरें उसे देख नहीं पाती हैं।
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जादू दिखाने में साउंड, स्पीड और लाइट्स का सबसे ज्यादा प्रभाव होता है। हमारी इसके लिए 12 लोगों की एक रिसर्च टीम है जो कि हरेक जादू को पहले ऑब्जर्व करती है और फिर वह सामने लाया जाता है। उन्होंने बताया कि म्यूजिक का प्रभाव सीधा दिमाग पर होता है, जादू को तैयार करने में सबसे ज्यादा म्यूजिक प्रभावी होता है। उन्होंने कहा कि जादू दिखाने के पहले कुछ ऐसी फ्रीक्वेंसी डेवलप की जाती हैं जो कि दिमाग को डायवर्ट कर देती हैं। आंखों के लिए स्पीड का लाभ लिया जाता है। इसमें रंगों का भी काफी प्रभाव होता है।
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उन्होंने कहा कि मनोरंजन का यह शानदार माध्यम से है जिसको हरेक व्यक्ति एंज्वाए करता है। उन्होंने बताया कि वह अपने शो में डायनासोर लेकर आए हैं जिसको जापान से मंगवाया गया है। इसका प्रेजेंटेशन इतना शानदार है कि लोग देखते रह जाते हैं। इसके साथ ही उनके शो में पेरिस आफ लिबर्टी और स्वप्न सुंदरी का चैंबर और सिकंदर की तलवार भी खास है।
दो सौ जादूगर निकलते हैं रोजाना
ओपी शर्मा जूनियर ने बताया कि उनकी कानपुर में माया महल मैजिक अकादमी है। जिससे प्रति वर्ष दो सौ जादूगर तैयार होकर निकलते हैं। वास्तव में जादू की कला बचाने के लिए यह सबसे आवश्यक है। उनकी अकादमी में छह कोर्स हैं। उन्होंने बताया कि उनकी मंशा है कि अब मैजिक के लिए भी स्पेशल पाठ्यक्रम तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि वास्तव में जादू कई बातों का मिक्सचर है।
जादू के माध्यम से देते हैं संदेश
ओपी शर्मा जूनियर ने बताया कि ढोंगी बाबाओं के प्रति आम पब्लिक को जागरूक करने के लिए एक बड़ा साधन है जादू का शो। इसमें एक बाबा के भेष में आर्टिस्ट स्टेज पर आता है और वह कुछ मंत्रोच्चार के बाद ऊपर उठने लगता है और उसके बाद अपने चेलों और आडियंस से मुखातिब होकर बताता है कि किस प्रकार से वह ऊपर उठता हुआ लोगों को दिखाई दिया। इसके माध्यम से कम से कम पब्लिक को यह जानकारी मिल रही है कि यह सब तंत्र या मंत्र विद्या न होकर सीधा सादा तरीका है ऊपर उठने का।
अब तक किए हैं 38070 शो
जादूगर ओपी शर्मा जूनियर ने बताया कि अब तक कुल 38070 शो कर चुके हैं। यह शो बारह देशों में किए हैं। भारत का यह तीसरा राउंड है। उन्होेंने बताया कि उनका उद्देश्य जादू को एक नए मुकाम तक लेकर जाना है। उन्होंने बताया कि कानपुर में उनका निवास भूत बंगला है जिसे उनके पिता जी जादूगर ओपी शर्मा ने डिजाइन किया है।