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बेमिसाल पिताः कारपेंटर का काम छोड़ ट्रेनिंग दी और बेटी को बनाया चैम्पियन

Tue, 30 Aug 2016 09:13 AM IST
संजीव पंगोत्रा/अमर उजाला, चंडीगढ़
संजीव पंगोत्रा/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 30 Aug 2016 09:13 AM IST
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कारपेंटर का काम छोड़कर इस पिता ने बेटी को बनाया चैम्पियन
बेटी के लिए पिता बने मिसाल। कारपेंटर का काम छोड़कर बेटी को कैरम की ट्रेनिंग दी। नतीजा, आज वो चैम्पियन है और वर्ल्ड कप खेलने जा रही है। चंडीगढ़ की कैरम स्टार तुबा सेहर के पिता एक मामूली परिवार से ताल्लुक रखते हैं और लकड़ी का काम करते थे। पिता महजर खान को कैरम खेलना पसंद था। उन्हें जब भी अपने काम से मौका मिलता, वह बड़े बेटे हसन, बेटी फरहीन और सबसे छोटी बेटी तुबा सेहर के साथ घर में कैरम खेलते।
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घर से मिली ट्रेनिंग के बाद तीनों नेशनल लेवल के चैंपियन हैं। अपने बड़े भाई और बहन से प्रेरणा लेकर तुबा ने कड़ी मेहनत की और आज वह भारतीय कैरम टीम में शामिल होकर देश का नाम रोशन कर रही है। इस समय मजहर कैरम की कोचिंग भी देते हैं। चंडीगढ़ के सेक्टर-45 स्थित बुड़ैल में इनका परिवार रहता है।
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मालदीव में दिलाई जीत
मालदीव में आयोजित टेस्ट सीरीज में भारत को जीत दिलाने में तुबा ने अहम भूमिका निभाई। सीरीज मालदीव के शहर माली में 21 से 24 अगस्त तक खेली गई। इसमें भारतीय पुरुष और महिला टीमाें ने हिस्सा लिया। विजेता महिला टीम में तुबा सेहर सिटी से एक मात्र खिलाड़ी हैं। इनके अलावा तीन अन्य, काजल कुमारी बिहार की, पूर्वा हैदराबाद, प्रोमिला तमिलनाडु की हैं। मालदीव की टीम वर्ल्ड कैरम में तीसरे पायदान पर है। इस टीम को भारत ने टेस्ट सीरीज में 5-0 से शिकस्त देकर विजेता ट्रॉफी अपने नाम की।
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लंदन वर्ल्ड कप के लिए हुआ चयन

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कैरम
दिल्ली में 13 अगस्त को मालदीव और वर्ल्ड कप के लिए संयुक्त रूप से ट्रायल हुआ था। जिनमें पुरुष और महिला वर्ग में टॉप 6-6 रैकिंग के खिलाड़ियों को बुलाया गया था। इसके बाद महिला वर्ग में टॉप चार खिलाड़ी चुनी गईं।

चुने गए खिलाड़ियों को मालदीव और लंदन वर्ल्ड कप के लिए भारतीय कैरम में जगह दी र्गई। टीम में जगह पाने वालों में सिटी की तुबा एकमात्र खिलाड़ी हैं। अब वर्ल्ड कप नवंबर में लंदन में होना है।

स्कूल से मिलती है मदद
तुबा सेंट स्टीफंस स्कूल 45 की छात्रा है। पिता मजहर खान ने बताया कि वह कभी ख्वाब में नहीं सोच सकते थे कि मेरी बेटी इतने अच्छे स्कूल में पढ़ सकेगी। तुबा के खेल को देखते हुए ही सेंट स्टीफंस स्कूल उसे कक्षा पांचवीं से निशुल्क शिक्षा दे रहा है।

क्वीन ऑफ कैरम
तुबा सेहर ने बताया कि वह भारत की वर्ल्ड चैंपियन रश्मि की तरह क्वीन ऑफ कैरम बनना चाहती है।
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