न्यूजीलैंड सरकार का हिस्सा बना हरियाणा का छोरा, गीता पर हाथ रखकर ली शपथ
अंबाला सिटी के टैगोर गार्डन के मूल निवासी 22 वर्षीय शैल कौशल न्यूजीलैंड में स्थानीय सरकार का हिस्सा बन गए हैं। अक्तूबर 2016 में हुए चुनावों में वे ऑकलैंड के रॉसकिल एरिया से जीते हैं।
वे ऑकलैंड काउंसिल के सबसे युवा चेयरपर्सन हैं। उन्होंने लेबर पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर जीत हासिल की है। ऑकलैंड यूनिवर्सिटी से ही उन्होंने पॉलिटिक्स एंड इंटरनेशनल रिलेशन में डिग्री हासिल की है।
शैल कौशल के दादा रिटायर्ड कैप्टन कृष्ण चंद ने बताया कि शैल के पिता सनी कौशल बिजनेसमैन हैं। दिल्ली में एक होटल में बिजनेस के गुर सीखने के बाद विदेश चले गए।
शुरू से ही न्यूजीलैंड की राजनीति में काफी दिलचस्पी लेते रहे शैल
शैल की माता सोनिया भी बिजनेस में हैं। शैल की पढ़ाई न्यूजीलैंड में ही हुई। शैल शुरू से ही प्रखर वक्ता रहे हैं और न्यूजीलैंड की राजनीति में काफी दिलचस्पी लेते रहे। कृष्णचंद ने बताया कि 16 साल की उम्र में शैल कौशल को न्यूजीलैंड का युवा सदस्य चुना गया।
इसके बाद 17 साल में उनका चयन देश के उन दस युवाओं में हुआ, जिनको वहां की सरकार ने देश के भावी नेतृत्व का प्रशिक्षण दिया। 18 साल की उम्र में उनको स्थानीय चुनावों में बतौर कैंपेनर की जिम्मेदारी सौंपी गई।
शैल कौशल ने 19 साल की उम्र में पहला चुनाव रॉसकिल क्षेत्र से लड़ा, जिसमें उनको न्यूजीलैंड के बाहर जन्मे और चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों में सबसे ज्यादा वोट हासिल हुए। अक्तूबर 2016 में हुए ऑकलैंड के लोकल गवर्नमेंट चुनावों में रॉसकिल क्षेत्र से जीत हासिल की। शैल कौशल ने भागवत गीता पर हाथ रखकर पद की शपथ ली।