फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Gaurav Chand Parihar Success Story

गजब का जज्बाः छोटी सी उम्र, पहले खुद पसीना बहाया और अब हैं करोड़ों के मालिक

Thu, 26 Jul 2018 04:11 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 26 Jul 2018 04:11 PM IST
विज्ञापन
Gaurav Chand Parihar Success Story
गौरव चंद परिहार
मिलिए एक ऐसे शख्स से, जिसने छोटी सी उम्र में पहले खुद पसीना बहाया और आज वो करोड़ों के मालिक हैं। इनकी सफलता की कहानी बेहद दिलचस्प है। रॉयल फैमिली से संबंध रखने वाले अपने परिवार से भले दूर होते हैं, लेकिन राजसी ठाठबाट दूर नहीं होने देते। कुछ ऐसे भी हैं जो सत्ता से दूर आ जाने के बाद अपनी मेहनत के दम पर अपनी मंजिल हासिल करते हैं।
विज्ञापन


ऐसे ही चंडीगढ़ के टिक्का गौरव चंद परिहार। जो हिमाचल के खनेटी स्टेट (शिमला से साठ किलोमीटर दूर) से संबंध रखते हैं पर उनको अपनी शिक्षा के लिए चंडीगढ़ आना पड़ा। गौरव परिहार ने बताया कि वह कक्षा एक में थे तो अपनी मां के साथ पढ़ाई के लिए चंडीगढ़ आ गए। यहां डीएवी कालेज सेक्टर-10 से एजूकेशन हासिल की और उसके बाद एमबीए कर ली।
विज्ञापन


खुद अपने दम पर स्टैंड होना चाहते थे इसलिए उन्होंने एक कंपनी में साढ़े तीन हजार रुपये की नौकरी शुरू की। वह इस कंपनी में एक प्रमोटर के तौर पर काम करते थे। उन्होंने कहा कि कुछ समय बाद उनका मन कंपनी से हट गया और नई नौकरी तलाशी। चंडीगढ़ की एक कार डीलरशिप में काम शुरू किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


जब काम शुरू किया तो उनको अच्छा लगा कि यहां उनके लिए कुछ नया करने को था। वह इस कंपनी में मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव थे और उनको जो टारगेट दिया जाता वह पूरा कर लेते। गौरव ने कहा कि काम करने में कोई परेशानी नहीं है, लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि हर दिन कुछ नया होना चाहिए।

गौरव ने बताया कि उन्होंने एकबार फिर फैसला लिया और कार डीलरशिप से नौकरी छोड़ दी। उन्होंने अपना सारा अनुभव अब अपनी ही कंपनी में लगाने का फैसला किया और एक कंपनी खोल दी। इवेंट किंगडम नामक उनकी कंपनी का कारोबार तीस हजार रुपये से शुरू हुआ। गौरव बताते हैं कि न तो उस समय कर्मचारी रखने की स्थिति थी न पैसा था।


कंपनी के लिए काम भी खुद दौड़भाग कर ही करना पड़ता था। गौरव ने बताया कि कई बार रात को दौड़ना पड़ता तो कई बार सुबह चार बजे सेट लगाने के लिए जाना पड़ता था। गौरव ने कहा कि धीरे धीरे मेहनत रंग लाने लगी। उनका काम लोगों को पसंद आने लगा। उन्होंने कहा कि लाइट्स, कैमरा और एलईडी जैसी महत्वपूर्ण प्रोडक्ट को उन्होंने इकट्ठा कर लिया। गौरव ने कहा कि अब उनका टर्नओवर सालाना करीब डेढ़ करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।

कामयाबी के टिप्स
1-पूरी मेहनत से काम करना चाहिए।
2-विजन सबसे ज्यादा जरूरी है।
3-हर काम कुछ न कुछ सिखाता है
4-हारने से कभी हौसला न खत्म होने दें।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed