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डॉ. कश्यप: डॉक्टर की नौकरी छोड़ संभाली हरियाणवी कल्चर बचाने की डोर

Mon, 01 Aug 2016 10:07 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार(हरियाणा) Updated Mon, 01 Aug 2016 10:07 PM IST
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dr. satish kashyap, who left doctor profession for haryana culture preservation
हरियाणवी सांग कलाकार डॉ. सतीश कश्यप - फोटो : फाइल फोटो
हरियाणा की संस्कृति के प्रति प्यार में एक शख्स ने डॉक्टर की नौकरी छोड़ स्वांग की दुनिया को अपनाया लिया और इसी में कॅरिअर बनाते हुए नाटक, सीरियल, फिल्मों तक के निर्देशक बन गए। ये शख्स हैं लोक नाटक एवं स्वांग कलाकार डॉ. सतीश कश्यप। डॉ. कश्यप को हरियाणवी संस्कृति से लगाव बचपन से ही हो गया था। उन्होंने स्कूल से लेकर कॉलेज तक हर बार बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड जीता।
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डॉ. कश्यप ने बताया कि उन्हें बचपन में ही हरियाणवी संस्कृति का माहौल मिला। पिता शिवकुमार अध्यापक थे। उन्होंने गाना-बजाना और नाचना बचपन से ही सिखा दिया। हालांकि वे चाहते थे कि वह डॉक्टर बनें, लेकिन हरियाणवी संस्कृति का मोह ऐसा लगा कि डॉ. बनने के बाद भी उन्होंने सरकारी नौकरी तक को छोड़ दिया और स्वांग करने लगे।
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हाल ही में एमडीयू में डॉ. कश्यप को हरियाणवी कल्चर और स्वांग के लिए दादा लख्मीचंद अवॉर्ड देकर सम्मानित किया गया है। उन्होंने बताया कि स्वांग भारत की प्राचीनतम लोक नाट्य परंपरा है। बाकि सब विधाओं का जन्म इसके बाद ही हुआ है।
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पेशे से पशु चिकित्सक हैं सतीश कश्यप
डॉ. कश्यप पेशे से पशु चिकित्सक हैं। उन्होंने शुरुआती शिक्षा से लेकर उच्चतर शिक्षा भी हिसार में ही ली। 1991 में एचएयू से बैचलर इन वेटिनरी साइंस की डिग्री ली। इसके बाद 1993 में उन्होंने पोस्ट ग्रेजुएशन भी यहीं से की।

इसके बाद वे राजस्थान सरकार में बाड़मेर में पशु चिकित्सक बन गए, लेकिन नौकरी छोड़कर स्वांग के साथ हरियाणा की संस्कृति को बचाने के लिए प्रयास करने लगे। स्वांग को अपनी प्रतिष्ठा वापस दिलाने में डॉ. कश्यप की बड़ी भूमिका रही है।

कहानी घर-घर की के डायरेक्टर बने
डॉ. कश्यप, एकता कपूर के सीरियल कहानी घर-घर की और कर्म अपना-अपना के डायरेक्टर रह चुके हैं। उन्होंने बताया कि वे एकता कपूर के प्रोडक्शन हाउस बालाजी टेली फिल्मस में डायरेक्टर रह चुके हैं। यही नहीं इरफान खान और सनी दयोल की फिल्म राइट और रॉंग में उन्होंने असिस्टेंट डायरेक्टर की भूमिका निभाई। वे देश और विदेश में कार्टूनिस्ट तक रह चुके हैं।


ये बड़ी सफलता
- 2015 में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय द्वारा आयोजित देश के सबसे बड़े अंतर्राष्ट्रीय उत्सव में उन्होंने राजा विक्रमादित्य स्वांग निर्देशित किया। वे उत्तर भारत के अकेले डायरेक्टर थे, जो वहां सिलेक्ट हुए।
- 2016 में उन्हें हरियाणा सरकार द्वारा हरियाणा सरकार द्वारा हरियाणा गौरव का अवॉर्ड दिया गया।
- मशहूर स्वांग ज्ञानी चोर के देश-विदेश में 50 से अधिक शो कर चुके हैं।
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