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वाह क्या बात! मात्र 11 साल की उम्र में बन गया इंटरनेशनल चैम्पियन
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 28 Dec 2016 06:30 PM IST
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चंडीगढ़ का गोल्फर अयान गुप्ता
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नन्हीं सी उम्र में गजब का हुनर। मात्र 11 साल की उम्र में इंटरनेशनल चैम्पियन बन गया चंडीगढ़ का गोल्फर। नाम है अयान गुप्ता। स्ट्राबेरी फिलड्स के इस युवा गोल्फर अयान ने पोंडक इंटरनेशनल जूनियर गोल्फ चैंपियनशिप की विजेता ट्राफी को जीतने में कामयाबी पाई। यह चैंपियनशिप जर्काता में 19-22 दिसंबर तक खेली गई, जिसमें 15 देशों के 120 जूनियर गोल्फर्स ने हिस्सा लिया।
अयान ने चार दिवसीय इस टूर्नामेंट में जूनियर वर्ग में पहले दिन ही अपना दबदबा कायम रखते हुए टॉप लेवल के जूनियर गोल्फर्स को पछाड़ते हुए कुल 160 अंक हासिल किए। इन अंकों के साथ अयान शीर्ष स्थान हासिल करते हुए विजेता बने। इस जीत के बाद भी अयान रुकने वाले नहीं। उन्होंने बताया कि अब मेरा फोक्स नए साल में होने वाले आईजीयू के टूर्नामेंट पर रहेगा। जिनमें इसी तरह के प्रदर्शन को दोहराने की पूरी कोशिश रहेगी।
पांच साल से खेलना शुरू
अयान स्कूली समय से खेलों में अव्वल रहे हैं। स्कूल में फुटबॉल, एथलेटिक्स,बैडमिंटन, चेस में भी हमेशा आगे रहे। इन्हें पिता पुनीत ने गोल्फ के खेल से अवगत कराया। यहीं से अयान को इस खेल में रुचि हुई। इसके बाद अयान ने कभी पीछे मुड़कर नही देखा। पांच साल की उम्र से गोल्फ खेलना शुरू किया और नेशनल लेवल के साथ साथ इंटरनेशनल लेवल तक अपनी सफलता के झंडे फहरा रहा है। इस दौरान इस युवा गोल्फर ने कई टूर्नामेंट में 40 से अधिक ट्राफियां जीती।
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टाईगर वुड्स की तरह ग्रीन ब्लेजर पहनना है
अयान कहते हैं कि इस मुकाम तक पहुंचने में उनकी मां अकांक्षा, पिता पुनीत और कोच अक्षय शर्मा का काफी अहम योगदान हैं। अयान चंडीगढ़ गोल्फ क्लब में अपने कोच की देखरेख में अभ्यास करते है। इनके मेंटर ओलंपियन संदीप वर्मा हैं। इन्हें मानिसक तौर पर मजूबत बनने में इरिना सिंह मदद करती हैं। अयान के अनुसार, वह टाइगर वुड्स को अपना आदर्श मानते हैं और उनकी तरह ग्रीन ब्लेजर पहनना चाहते हैं। ग्रीन ब्लेजर गोल्फ में वर्ल्ड लेवल पर शीर्ष स्थान हासिल करने वाले गोल्फर को ही मिलता हैं।
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अयान ने चार दिवसीय इस टूर्नामेंट में जूनियर वर्ग में पहले दिन ही अपना दबदबा कायम रखते हुए टॉप लेवल के जूनियर गोल्फर्स को पछाड़ते हुए कुल 160 अंक हासिल किए। इन अंकों के साथ अयान शीर्ष स्थान हासिल करते हुए विजेता बने। इस जीत के बाद भी अयान रुकने वाले नहीं। उन्होंने बताया कि अब मेरा फोक्स नए साल में होने वाले आईजीयू के टूर्नामेंट पर रहेगा। जिनमें इसी तरह के प्रदर्शन को दोहराने की पूरी कोशिश रहेगी।
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पांच साल से खेलना शुरू
अयान स्कूली समय से खेलों में अव्वल रहे हैं। स्कूल में फुटबॉल, एथलेटिक्स,बैडमिंटन, चेस में भी हमेशा आगे रहे। इन्हें पिता पुनीत ने गोल्फ के खेल से अवगत कराया। यहीं से अयान को इस खेल में रुचि हुई। इसके बाद अयान ने कभी पीछे मुड़कर नही देखा। पांच साल की उम्र से गोल्फ खेलना शुरू किया और नेशनल लेवल के साथ साथ इंटरनेशनल लेवल तक अपनी सफलता के झंडे फहरा रहा है। इस दौरान इस युवा गोल्फर ने कई टूर्नामेंट में 40 से अधिक ट्राफियां जीती।
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टाईगर वुड्स की तरह ग्रीन ब्लेजर पहनना है
अयान कहते हैं कि इस मुकाम तक पहुंचने में उनकी मां अकांक्षा, पिता पुनीत और कोच अक्षय शर्मा का काफी अहम योगदान हैं। अयान चंडीगढ़ गोल्फ क्लब में अपने कोच की देखरेख में अभ्यास करते है। इनके मेंटर ओलंपियन संदीप वर्मा हैं। इन्हें मानिसक तौर पर मजूबत बनने में इरिना सिंह मदद करती हैं। अयान के अनुसार, वह टाइगर वुड्स को अपना आदर्श मानते हैं और उनकी तरह ग्रीन ब्लेजर पहनना चाहते हैं। ग्रीन ब्लेजर गोल्फ में वर्ल्ड लेवल पर शीर्ष स्थान हासिल करने वाले गोल्फर को ही मिलता हैं।