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बेमिसालः पीवी सिंधू की राह पर चल पड़ी चंडीगढ़ की गरिमा सिंह, खेल चुकी है 15 नेशनल

Fri, 19 Jul 2019 02:59 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Fri, 19 Jul 2019 02:59 PM IST
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chandigarh badminton player garima singh target to be star player like pv sindhu
बैडमिंटन प्लेयर गरिमा सिंह - फोटो : अमर उजाला
गजब के जुनून को सलाम, चंडीगढ़ की बैडमिंटन प्लेयर गरिमा सिंह भारतीय स्टार पीवी सिंधू की राह पर चल पड़ी हैं। स्कूल लेवल से गरिमा अपना सफर शुरू करते हुए स्टेट, नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर मेडल बटोरने में लगी हैं। सोमवार से बुधवार तक  सेक्टर 38 स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में स्टेट रैंकिंग बैडमिंटन चैंपियनशिप में गरिमा ने ऐसा खेल दिखाया कि वहां उपस्थित हर खिलाड़ी उसका कायल हो गया।
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प्रतियोगिता में गरिमा सिंह ने आखिरी दिन चार गोल्ड मेडल जीते। उन्होंने ये मेडल अंडर 19 सिंगल्स, वुमन सिंगल्स, गर्ल्स डबल्स, वुमन डबल्स वर्ग में जीते। गरिमा सिंह ने हाल ही में 12वीं कक्षा पास की है और पंजाब यूनिवर्सिटी में एक्नोमिक्स में दाखिले की तैयारी कर रही हैं। इनके पिता शमशेर सिंह सेक्टर 16 सरकारी स्कूल में गणित के लेक्चरार हैं और मां आशा सेक्टर 40 सरकारी स्कूल में इलेक्ट्रानिक्स की लेक्चरार हैं।
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15 नेशनल खेल चुकी हैं गरिमा
गरिमा सिंह अभी तक 15 नेशनल खेले हैं। स्कूल समय में कई बार टीम को विजेता बनाया। गरिमा स्टेट लेवल पर कई पदक जीत चुकी हैं। इसके साथ ही 2015 में चेक रिपब्लिक में खेले गए वर्ल्ड जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारतीय टीम को गोल्ड मेडल जीताने में गरिमा सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अब गरिमा सिंह भारतीय स्टार खिलाड़ी पीवी सिंधू की राह पर चलते हुए भारत को इंटरनेशनल लेवल पर पदक दिलाना चाहती हैं।
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बहन खेलती थी, उसका रैकेट हथिया लिया  
गरिमा सिंह की बड़ी बहन बैडमिंटन खेलती थी। घर में उसका रैकेट पड़ा रहता था। बहन को खेलते देख गरिमा की रुचि भी इस खेल में बढ़ती गई। एक दिन गरिमा ने अपनी बहन का रैकेट हथिया लिया और उससे खुद खेलने लगी। मां-पिता ने उसके बैडमिंटन में रुचि को देखते हुए बैडमिंटन प्लेयर बनाने की ठान ली। गरिमा को भारतीय टीम के पूर्व कोच सुरिंदर महाजन के पास ट्रेनिंग दिलाई गई। यहां पर कोच ने कड़ी मेहनत कराई और गरिमा ने प्रतियोगिता में हिस्सा लेते हुए मेडल बटोरने शुरू कर दिए।
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