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बेमिसालः उम्र 85 पार और रिकॉर्ड इतने कि राष्ट्रपति से मिला नेशनल अवार्ड
संजीव पंगोत्रा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 14 Sep 2017 02:42 PM IST
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एथलीट गुरजीवन सिंह
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कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो उम्र मायने नहीं रखती। मिलिए ऐसे शख्स से जिनकी उम्र 85 पार, लेकिन रिकॉर्ड इतने कि राष्ट्रपति से नेशनल अवार्ड मिला। रिटायरमेंट के बाद अक्सर लोग खुद को फ्री और आराम पसंद बना लेते हैं। वहीं ऐसे कई लोग हैं जो रिटायरमेंट के बाद खेलों के जरिए अपने आप चुस्त-फुर्त रखने में लगे हुए है। अमर उजाला की ओर से शुरू की गई ऐसे ही लोगों पर सीरीज में आज हम कैप्टन गुरजीवन सिंह के बारे में बताने जा रहे हैं...
उम्र 85 हैमर थ्रो, शॉटपुट, ज्वेलियन थ्रो, डिस्क्स थ्रो में एशियन रिकार्ड होल्डर है। मैदान में एक बार आ गए तो विदेशी खिलाड़ियों को पछाड़ने में नही हटते। खेलों के प्रति अपनी दिवानगी के कारण वर्ष 2016 में देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के हाथों नेशनल अवार्ड से सम्मानित हो चुके हैं। ज्वाइंट डायरेक्टर पब्लिक रिलेशन पंजाब से रिटायर्ड होने के बाद आर्मी में शॉट टाइम सर्विस की। कॉलेज टाइम में शॉट पुट खेलते थे। इसके बाद बैडमिंटन, एथलेटिक्स में आलराउंडर खिलाड़ी के नाम से जाने जाते रहे। नौकरी पेशे की वजह से खेल को कुछ समय केलिए भूल गए।
कैप्टन गुरजीवन सिंह ने बताया कि रिटायरमेंट के बाद एक दिन घर में सफेदी के दौरान समान इधर उधर बिखरा था। जब उसे संभाला गया तो उसमें से मेरे कॉलेज के समय के स्पोर्ट्स के सर्टिफिकेट देखकर बच्चे दंग रह गए। उन्होंने कहा कि आप वेटरंस खेलों में हिस्सा क्यों नही लेते। उसके कुछ दिन बाद ही शहर में मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पहली बार हिस्सा लेते हुए शॉट पुट में पहले ही प्रयास में गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद कभी पीछे मुड़कर नही देखा और आज तक लगातार देश और विदेशों में होने वाले इवेंट में हिस्सा लेते हुए मेडल जीत रहा हूं।
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चीन में दिखाएंगे दम-खम
कैप्टन गुरजीवन सिंह इसी महीने चीन में खेले जाने वाली 20वीं एशियन मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपिनयशिप के लिए चयनित हुए हैं। यह गेम्स 24-28 सितंबर तक खेली जाएंगी। इस इवेंट में गुरजीवन सिंह मास्टर्स एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की अगुवाई कर रहे हैं। कैप्टन गुरजीवन सिंह ने बताया कि वह सोसाइटी को मैसेज देना चाहते हैं, खासकर युवाओं को कि वह गलत आदतें छोड़कर खेल कूद में अपना ध्यान लगाएं। क्योंकि खेलोगे कूदोगे तभी तो आगे बढ़ोगे जनाब।
ये हैं रिकार्ड
- शॉटपुट में 4 बार एशियन गोल्ड मेडलिस्ट एवं रिकार्ड होल्डर।
- हैमर थ्रो में 2 बार एशियन गोल्ड मेडलिस्ट एवं रिकार्ड होल्डर ।
- हेमर थ्रो में सात बार गोल्ड मेडलिस्ट।
- शॉटपुट में 13 बार नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट।
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उम्र 85 हैमर थ्रो, शॉटपुट, ज्वेलियन थ्रो, डिस्क्स थ्रो में एशियन रिकार्ड होल्डर है। मैदान में एक बार आ गए तो विदेशी खिलाड़ियों को पछाड़ने में नही हटते। खेलों के प्रति अपनी दिवानगी के कारण वर्ष 2016 में देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के हाथों नेशनल अवार्ड से सम्मानित हो चुके हैं। ज्वाइंट डायरेक्टर पब्लिक रिलेशन पंजाब से रिटायर्ड होने के बाद आर्मी में शॉट टाइम सर्विस की। कॉलेज टाइम में शॉट पुट खेलते थे। इसके बाद बैडमिंटन, एथलेटिक्स में आलराउंडर खिलाड़ी के नाम से जाने जाते रहे। नौकरी पेशे की वजह से खेल को कुछ समय केलिए भूल गए।
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कैप्टन गुरजीवन सिंह ने बताया कि रिटायरमेंट के बाद एक दिन घर में सफेदी के दौरान समान इधर उधर बिखरा था। जब उसे संभाला गया तो उसमें से मेरे कॉलेज के समय के स्पोर्ट्स के सर्टिफिकेट देखकर बच्चे दंग रह गए। उन्होंने कहा कि आप वेटरंस खेलों में हिस्सा क्यों नही लेते। उसके कुछ दिन बाद ही शहर में मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पहली बार हिस्सा लेते हुए शॉट पुट में पहले ही प्रयास में गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद कभी पीछे मुड़कर नही देखा और आज तक लगातार देश और विदेशों में होने वाले इवेंट में हिस्सा लेते हुए मेडल जीत रहा हूं।
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चीन में दिखाएंगे दम-खम
कैप्टन गुरजीवन सिंह इसी महीने चीन में खेले जाने वाली 20वीं एशियन मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपिनयशिप के लिए चयनित हुए हैं। यह गेम्स 24-28 सितंबर तक खेली जाएंगी। इस इवेंट में गुरजीवन सिंह मास्टर्स एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की अगुवाई कर रहे हैं। कैप्टन गुरजीवन सिंह ने बताया कि वह सोसाइटी को मैसेज देना चाहते हैं, खासकर युवाओं को कि वह गलत आदतें छोड़कर खेल कूद में अपना ध्यान लगाएं। क्योंकि खेलोगे कूदोगे तभी तो आगे बढ़ोगे जनाब।
ये हैं रिकार्ड
- शॉटपुट में 4 बार एशियन गोल्ड मेडलिस्ट एवं रिकार्ड होल्डर।
- हैमर थ्रो में 2 बार एशियन गोल्ड मेडलिस्ट एवं रिकार्ड होल्डर ।
- हेमर थ्रो में सात बार गोल्ड मेडलिस्ट।
- शॉटपुट में 13 बार नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट।