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कुक के बेटे की सफलता की दिलचस्प कहानी, आपको भी गर्व महसूस होगा पढ़कर
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 30 Jan 2017 09:43 AM IST
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नेशनल जिम्नास्टिक चैम्पियनशिप में कुक के बेटे ने जीता गोल्ड
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कुक पिता के इस होनहार बेटे को सलाम। इसकी सफलता की कहानी इतनी दिलचस्प है कि पढ़कर आपको भी जोश आ जाएगा और गर्व महसूस करेंगे। जिंदगी में लक्ष्य पाने का जज्बा हो तो मंजिल पाना मुश्किल नहीं। 17 साल के आकाश आर्य का सपना ओलंपिक में देश को जिमनास्टिक में गोल्ड मेडल दिलाना है।
साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले आकाश को पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनोर ने गणतंत्र दिवस पर राजभवन में आयोजित ऐट होम में 21 हजार का पुरस्कार से सम्मानित किया। सेक्टर-26 स्थित गुरु गोबिंद सिंह कोलिजिएट स्कूल में 10वीं क्लास के छात्र आकाश जिमनास्टिक में देश को बुलंदियों पर ले जाना चाहते हैं।
अमर उजाला से बातचीत में आकाश ने बताया कि अभी तक उन्होंने स्टेट और नेशनल स्तर पर 50 से अधिक मेडल और सर्टिफिकेट हासिल किए है। 6 से 10 जनवरी तक सोनीपत स्थित राई में आयोजित नेशनल इवेंट में आकाश ने जिमनास्टिक में एक गोल्ड और एक कांस्य पदक हासिल किया। सेक्टर-7 के 850 नंबर मकान में रहने वाले आकाश के पिता भूपाल चंद्र पंजाब राजभवन में कुक के पद पर कार्यरत हैं।
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चौथी क्लास से जिमनास्टिक शुरू करने वाले आकाश के लिए सफलता का सफर आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि वह प्रतिदिन सुबह और शाम 4 से 5 घंटे सेक्टर-7 स्पोर्ट्स स्टेडियम में प्रेक्टिस करते हैं। अपनी सफलता का श्रेय अपने पेरेंट्स के साथ अपने कोच एन शशि को देते हैं। जिन्होंने उनकी प्रतिभा को निखारने में काफी मदद की।
आकाश ने बताया कि उनकी छोटी बहन कावेरी भी जिमनास्टिक में कई मेडल जीत चुकी हैं। आकाश की प्रतिभा और उनके मेडल के कारण यूटी प्रशासन ने उन्हें हर साल 4 हजार रुपये स्कालॅरशिप दी जाती है। खेल के साथ आकाश पढ़ाई में भी काफी अच्छा कर रहे हैं।
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साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले आकाश को पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनोर ने गणतंत्र दिवस पर राजभवन में आयोजित ऐट होम में 21 हजार का पुरस्कार से सम्मानित किया। सेक्टर-26 स्थित गुरु गोबिंद सिंह कोलिजिएट स्कूल में 10वीं क्लास के छात्र आकाश जिमनास्टिक में देश को बुलंदियों पर ले जाना चाहते हैं।
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अमर उजाला से बातचीत में आकाश ने बताया कि अभी तक उन्होंने स्टेट और नेशनल स्तर पर 50 से अधिक मेडल और सर्टिफिकेट हासिल किए है। 6 से 10 जनवरी तक सोनीपत स्थित राई में आयोजित नेशनल इवेंट में आकाश ने जिमनास्टिक में एक गोल्ड और एक कांस्य पदक हासिल किया। सेक्टर-7 के 850 नंबर मकान में रहने वाले आकाश के पिता भूपाल चंद्र पंजाब राजभवन में कुक के पद पर कार्यरत हैं।
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चौथी क्लास से जिमनास्टिक शुरू करने वाले आकाश के लिए सफलता का सफर आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि वह प्रतिदिन सुबह और शाम 4 से 5 घंटे सेक्टर-7 स्पोर्ट्स स्टेडियम में प्रेक्टिस करते हैं। अपनी सफलता का श्रेय अपने पेरेंट्स के साथ अपने कोच एन शशि को देते हैं। जिन्होंने उनकी प्रतिभा को निखारने में काफी मदद की।
आकाश ने बताया कि उनकी छोटी बहन कावेरी भी जिमनास्टिक में कई मेडल जीत चुकी हैं। आकाश की प्रतिभा और उनके मेडल के कारण यूटी प्रशासन ने उन्हें हर साल 4 हजार रुपये स्कालॅरशिप दी जाती है। खेल के साथ आकाश पढ़ाई में भी काफी अच्छा कर रहे हैं।