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डॉ. अनुराधाः जगा रहीं शिक्षा की ऐसी लौ, कोई बना मैनेजर तो कोई टीचर

Sun, 10 Jul 2016 11:46 PM IST
Updated Sun, 10 Jul 2016 11:46 PM IST
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चंडीगढ़ में गरीब बच्चों के साथ मौजूद डॉ. अनुराधा। - फोटो : अमर उजाला
सभी बच्चे पढ़े लिखे हों। चाहे गरीब का बच्चा हो या फिर अमीर का। यह सपना है लेकर चंडीगढ़ के गवर्नमेंट कॉलेज की डॉ. अनुराधा का। सेक्टर-11 की इस एसोसिएट प्रोफेसर ने एक मुहिम शुरू की थी, जो अब एक बड़ा रूप ले चुकी है। घर के बरामदे में सात बच्चों को पढ़ाने के साथ ही यह मुहिम शुरू की गई थी। 
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प्रशासन से बच्चों को पढ़ाने के लिए मिला है स्कूल
डॉ. अनुराधा ने बताया कि गरीब बच्चों को पढ़ाने के लिए उन्होंने अपने घर से शुरुआत की। पहले 7, फिर 12, फिर 50 हो गए। दो साल के भीतर 100 के करीब बच्चे आने शुरू हो गए। घर पर इतने बच्चों को पढ़ाने में मुश्किल हो रही थी। मैंने उम्मीद का दामन नहीं छोड़ा और एक सरकारी स्कूल में जगह के लिए प्रशासन को पत्र लिखा। भगवान ने सुन ली और सेक्टर-7 के प्राइमरी स्कूल को शाम के वक्त के लिए अलॉट कर दिया गया।
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24 प्रोफेसर जुड़ गए मुहिम में
अभियान को इतनी शिद्दत से शुरू किया गया था कि हर कोई इससे जुड़ने को बेताब था। पहले दो प्रोफेसर जुड़े और अब 24 प्रोफेसर उनका साथ दे रहे हैं। शाम साढ़े तीन बजे से लेकर छह बजे तक इन बच्चों को मैथ, साइंस और इंग्लिश जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं। ईमानदारी से की गई मेहनत का नतीजा है कि आज कई बच्चे बीकॉम व बीबीए की पढ़ाई कर रहे हैं। डॉ. अनुराधा बच्चों के साथ ही पैरेंट्स की भी काउंसलिंग करती हैं।
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