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जज्बे को सलामः आंखें रोशन नहीं, फिर भी गोल्ड पर मारा पंच, नेशनल खेलेगी
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
Updated Wed, 14 Dec 2016 12:40 PM IST
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हिसार की ब्लाइंड जूडो प्लेयर बुलबुल की सक्सेस स्टोरी
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लड़की के जज्बे को सलाम कीजिए। आंखों में रोशनी नहीं, फिर भी गोल्ड मेडल जीता और अब नेशनल खेलने के लिए जाएगी। बात हो रही है, हरियाणा के हिसार की जूडो खिलाड़ी बुलबुल की। जिस स्कूल में पढ़ाते-पढ़ाते अचानक पिता का देहांत हो गया था। उसी स्कूल में पढ़ते हुए ब्लाइंड बेटी बुलबुल ने राज्य स्तर पर गोल्ड जीतकर हर किसी को अचंभे में डाल दिया है।
गांव पाबड़ा की ब्लाइंड लड़की बुलबुल चंद दिनों की ट्रेनिंग में यह जीत हासिल कर हरियाणा की पहली ब्लाइंड लड़की बन गई है। जो नेशनल स्तर पर किसी टूर्नामेंट में भाग लेगी। मन में पैरालंपिक खेलने का सपना संजोए 8वीं कक्षा की बुलबुल के हौसले बुलंद हैं। गांव पाबड़ा की 13 वर्षीय बुलबुल ने गुरुग्राम में बीते सोमवार को हुई दूसरी हरियाणा स्टेट जूडो चैंपियनशिप ब्लाइंड एंड डीफ में गोल्ड मेडल जीता है।
गांव के गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ने वाली बुलबुल ने स्कूल में डीपी नीलम आर्या से जूडो की कोचिंग ली। कोच नीलम ने बताया कि वह सुबह केवल डेढ़ घंटा प्रैक्टिस करवाती थी। इसके बाद शाम को बुलबुल अन्य दो लड़कियों के साथ अपने आप प्रैक्टिस करती थी।
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इसी स्कूल में टीचर थे बुलबुल के पिता
जिस गवर्नमेंट गर्ल्स स्कूल में बुलबुल पढ़ती है। उसी में उसके पिता सतीश कुमार भी टीचर थे। जब बुलबुल चौथी कक्षा में थी तो पिता की मौत हो गई। स्कूल में डीपी नीलम आर्या ने बताया कि उसके पिता बेहद शालीन इंसान थे। इस कारण भी स्कूल के सभी टीचर उनकी ब्लाइंड बेटी से लगाव रखते हैं। उन्होंने बताया कि बुलबुल तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी है। केवल वही इस स्कूल में पढ़ती है। उसकी मां सरोज गृहिणी हैं।
हर काम में अव्वल है बुलबुल
98 प्रतिशत ब्लाइंड बुलबुल की कोच नीलम ने बताया कि वह हर प्रकार के प्रतियोगिताओं में अव्वल रहती है। सिंगिंग, राइटिंग, आर्ट एंड क्राफ्ट में भी बुलबुल हमेशा प्रथम रहती है। बुलबुल की जीत की खुशी में स्कूल में खुशी मनाई गई और उसे सम्मानित किया गया।
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गांव पाबड़ा की ब्लाइंड लड़की बुलबुल चंद दिनों की ट्रेनिंग में यह जीत हासिल कर हरियाणा की पहली ब्लाइंड लड़की बन गई है। जो नेशनल स्तर पर किसी टूर्नामेंट में भाग लेगी। मन में पैरालंपिक खेलने का सपना संजोए 8वीं कक्षा की बुलबुल के हौसले बुलंद हैं। गांव पाबड़ा की 13 वर्षीय बुलबुल ने गुरुग्राम में बीते सोमवार को हुई दूसरी हरियाणा स्टेट जूडो चैंपियनशिप ब्लाइंड एंड डीफ में गोल्ड मेडल जीता है।
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गांव के गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ने वाली बुलबुल ने स्कूल में डीपी नीलम आर्या से जूडो की कोचिंग ली। कोच नीलम ने बताया कि वह सुबह केवल डेढ़ घंटा प्रैक्टिस करवाती थी। इसके बाद शाम को बुलबुल अन्य दो लड़कियों के साथ अपने आप प्रैक्टिस करती थी।
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इसी स्कूल में टीचर थे बुलबुल के पिता
जिस गवर्नमेंट गर्ल्स स्कूल में बुलबुल पढ़ती है। उसी में उसके पिता सतीश कुमार भी टीचर थे। जब बुलबुल चौथी कक्षा में थी तो पिता की मौत हो गई। स्कूल में डीपी नीलम आर्या ने बताया कि उसके पिता बेहद शालीन इंसान थे। इस कारण भी स्कूल के सभी टीचर उनकी ब्लाइंड बेटी से लगाव रखते हैं। उन्होंने बताया कि बुलबुल तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी है। केवल वही इस स्कूल में पढ़ती है। उसकी मां सरोज गृहिणी हैं।
हर काम में अव्वल है बुलबुल
98 प्रतिशत ब्लाइंड बुलबुल की कोच नीलम ने बताया कि वह हर प्रकार के प्रतियोगिताओं में अव्वल रहती है। सिंगिंग, राइटिंग, आर्ट एंड क्राफ्ट में भी बुलबुल हमेशा प्रथम रहती है। बुलबुल की जीत की खुशी में स्कूल में खुशी मनाई गई और उसे सम्मानित किया गया।