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कुलजीत सिंह मिंटू: बेटे की बीमारी ने बना दिया मसीहा, सक्सेस स्टोरी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 03 Dec 2016 01:49 PM IST
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कुलजीत सिंह मिंटू की सक्सेस स्टोरी
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मिलिए एक ऐसे शख्स से, जिन्हें बेटे की बीमारी ने थैलेसीमिक पीड़ितों का मसीहा बना दिया। रक्तदान कैंप लगाकर इकट्ठा करते हैं ब्लड। इनका नाम है कुलजीत सिंह मिंटू, जिन्होंने सेक्टर 37 स्थित गुरुद्वारा शाहपुर में शुक्रवार को ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन किया गया।
कैंप में कुल 137 लोगों ने रक्तदान किया। मिंटू ने बताया कि यह उनका तीसरा रक्तदान शिविर है। तीन साल पहले इसी दिन उनके बेटे करमवीर का सक्सेसफुल बोन मैरो ट्रांसप्लांट हुआ था। उनका बड़ा बेटा ही डोनर था।
ट्रांसप्लांट के बाद बड़े बेटे मन साहेब सिंह की इच्छा थी कि किसी को भी रक्त की कोई कमी न हो। उसके बाद से जरूरतमंद की मदद के लिए रक्तदान शिविर का आयोजन शुरू किया गया। उसके बाद भंडारे का आयोजन किया गया। कैंप में पीजीआई की टीम आई हुई थी।
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उसने कुलजीत सिंह मिंटू और उनके बेटे की तारीफ की। इस मौके पर कुलजीत मिंटो ने कहा कि वे गुरुद्वारे में तो कैंप लगाते हैं, साथ ही थैलेसीमिक पीड़ितों की भी मदद करते हैं। अन्य रक्तदानों में भी बढ़चढ़कर मदद करते हैं। उन्होंने कहा कि वे आगे भी इसी तरह से ब्लड डोनेशन कैंप लगाते रहेंगे।
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कैंप में कुल 137 लोगों ने रक्तदान किया। मिंटू ने बताया कि यह उनका तीसरा रक्तदान शिविर है। तीन साल पहले इसी दिन उनके बेटे करमवीर का सक्सेसफुल बोन मैरो ट्रांसप्लांट हुआ था। उनका बड़ा बेटा ही डोनर था।
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ट्रांसप्लांट के बाद बड़े बेटे मन साहेब सिंह की इच्छा थी कि किसी को भी रक्त की कोई कमी न हो। उसके बाद से जरूरतमंद की मदद के लिए रक्तदान शिविर का आयोजन शुरू किया गया। उसके बाद भंडारे का आयोजन किया गया। कैंप में पीजीआई की टीम आई हुई थी।
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उसने कुलजीत सिंह मिंटू और उनके बेटे की तारीफ की। इस मौके पर कुलजीत मिंटो ने कहा कि वे गुरुद्वारे में तो कैंप लगाते हैं, साथ ही थैलेसीमिक पीड़ितों की भी मदद करते हैं। अन्य रक्तदानों में भी बढ़चढ़कर मदद करते हैं। उन्होंने कहा कि वे आगे भी इसी तरह से ब्लड डोनेशन कैंप लगाते रहेंगे।