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एक शख्स, जो कभी साइकिल पर किन्नू बेचते थे, आज कमाते हैं करोड़ों
अमित शर्मा/अमर उजाला, मोहाली
Updated Sat, 17 Dec 2016 09:04 AM IST
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किन्नू सैलर सुरिंदर कुमार की सक्सेस स्टोरी
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कभी साइकिल पर किन्नू बेचते थे। आज इनका करोड़ों का बिजनेस है। करीब 400 लोगों को रोजगार दे रहे हैं। दिलचस्प सक्सेस स्टोरी है इस किसान की। दुनिया भर के 12 देशों में इनका कारोबार हैं। यह बिरला या अंबानी के खानदान से नहीं हैं, बल्कि अबोहर निवासी सुरिंदर कुमार हैं। जो अंडर मैट्रिक होने के बावजूद बिजनेस में माहिर हैं।
एयरोसिटी स्थित किसान चैंबर पहुंचे सुरिंदर कुमार ने कहा कि उनका यह सफर चुनौती भरा रहा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। हर मुश्किल उन्हें मंजिल के करीब ले गई। सुरिंदर ने बताया कि 1997 में किसानों या मंडी से किन्नू खरीदकर बेचते थे। इसके बाद उन्होंने बिजनेस का दायरा बढ़ाया। साथ ही उन्होंने दिल्ली, चेन्नई और अन्य मंडियों में किन्नू भेजना शुरू कर दिया। इस दौरान उन्हें काफी मुनाफा हुआ।
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एयरोसिटी स्थित किसान चैंबर पहुंचे सुरिंदर कुमार ने कहा कि उनका यह सफर चुनौती भरा रहा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। हर मुश्किल उन्हें मंजिल के करीब ले गई। सुरिंदर ने बताया कि 1997 में किसानों या मंडी से किन्नू खरीदकर बेचते थे। इसके बाद उन्होंने बिजनेस का दायरा बढ़ाया। साथ ही उन्होंने दिल्ली, चेन्नई और अन्य मंडियों में किन्नू भेजना शुरू कर दिया। इस दौरान उन्हें काफी मुनाफा हुआ।
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दुबई, बांग्लादेश, ब्राजील, यूक्रेन में फैला कारोबार
फल की खरीदारी
इसके बाद उन्होंने देश के साथ विदेश में भी अपना कारोबार फैलाया। दुबई, बांग्लादेश, ब्राजील, यूक्रेन जैसे कई देशों में उनका कारोबार फैला हुआ है। उन्होंने बताया कि वैसे तो किन्नू का सीजन केवल साढ़े तीन महीने का होता है, लेकिन उक्त कारोबार को बढ़िया तरीके से चलाने के लिए उन्होंने खुद ही करोड़ों रुपये की लागत से पैक हाउस व कोल्ड स्टोर विकसित किया। इसके अलावा उनके पास चार एसी ट्रक है। प्रत्येक की कीमत 40 लाख रुपये है।
इस ट्रक से वह ऑफ सीजन में किन्नू दक्षिण भारत में बेचते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी टर्न ओवर करोड़ों में है। उन्होंने बताया कि परिवार में उनकी चार बेटियां है। जिनकी शादी कर चुके हैं। उनका भी बिजनेस है। उन्होंने बताया कि अब वह कैरेट बनाने की फैक्टरी खोलने की तैयारी में हैं। ताकि फलों व अन्य सामान को बढ़िया तरीके से बाहर भेजा जा सके। उन्होंने कहा कि ऐसा कर वह चीन को टक्कर दे पाएंगे।
इस ट्रक से वह ऑफ सीजन में किन्नू दक्षिण भारत में बेचते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी टर्न ओवर करोड़ों में है। उन्होंने बताया कि परिवार में उनकी चार बेटियां है। जिनकी शादी कर चुके हैं। उनका भी बिजनेस है। उन्होंने बताया कि अब वह कैरेट बनाने की फैक्टरी खोलने की तैयारी में हैं। ताकि फलों व अन्य सामान को बढ़िया तरीके से बाहर भेजा जा सके। उन्होंने कहा कि ऐसा कर वह चीन को टक्कर दे पाएंगे।