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12 साल से ये बेटी दौड़ा रही बस, गांव में नहीं थी सुविधा तो थाम लिया स्टेयरिंग, अब मिला अवार्ड

Sun, 05 May 2019 11:38 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरसा(हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरसा(हरियाणा) Published by: खुशबू गोयल Updated Sun, 05 May 2019 11:38 AM IST
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award to haryana first lady bus driver pankaj devi
बस ड्राइवर पंकज देवी
गांव के अड्डे पर बस न रुकना क्षेत्र की एक बेटी को इतना नागवार गुजरा कि उसने खुद ही चालक बनने की ठान ली, जिसके लिए अब उसे अवार्ड भी मिला। पिछले करीब 12 सालों से बस दौड़ा रही हरियाणा प्रदेश की पहली महिला बस चालक पंकज देवी को दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रथम स्व. परिकर अवॉर्ड 2019 से सम्मानित किया गया।
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पंकज देवी सिरसा जिले के गांव मेहनाखेड़ा निवासी है। दिल्ली टैलेंट इन इंडिया ग्रैंड फिनाले के तहत उक्त कार्यक्रम सिविल लाइन दिल्ली के शाह ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में हरियाणा से सम्मानित होने वाली बस चालक पंकज देवी एकमात्र महिला थीं। कार्यक्रम में जज की भूमिका में कई जाने माने टीवी कलाकार व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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पुरस्कार देने वाले अधिकारियों ने पंकज देवी के जज्बे की तहेदिल से सराहना की और उन्हें भविष्य में भी सरकार की ओर से पुरस्कृत व सम्मान देने का आश्वासन दिया।
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कई छात्राओं को बस चलाने की ट्रेनिंग दे चुकी हैं

इससे पहले प्रदेश की पहली महिला बस चालक पंकज देवी को प्रदेश के सीएम मनोहरलाल, सिरसा लोकसभा से भाजपा प्रत्याशी सुनीता दुग्गल व दर्जनों बार जिला प्रशासन सम्मानित कर चुका है। वहीं सम्मान समरोह में पंकज देवी ने कहा कि महिलाएं किसी से कम नहीं हैं।

जरूरत है तो बस उन्हें अपने हुनर को तराशकर बाहर निकालने की। महिलाओं को पुराने ख्यालातों से बाहर आकर समय के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना चाहिए, ताकि वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकें। बता दें कि गांव मेहनाखेड़ा निवासी पंकज देवी को शुरू से ही वाहन चलाने का शौक था।

शुरूआत में अपने खेतों में वह ट्रैक्टर चलाती थी। इसके बाद धीरे-धीरे बस का स्टेयरिंग थामा। वर्ष 2007 से लेकर पिछले करीब 12 सालों से पंकज देवी महिला कॉलेज की बस में छात्राओं को घर से लेकर आती हैं और छुट्टी के बाद उन्हें वापस छोड़कर आती हैं। बड़ी बात ये है कि बस चलाने के साथ-साथ पंकज देवी करीब 40 छात्राओं को चालक की ट्रेनिंग भी दे चुकी हैं। 
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