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देखिए ये शख्स कर रहा ऐसा काम, युवाओं को मिल रहा रोजगार और लोगों को ज्ञान

Wed, 19 Apr 2017 07:06 PM IST
देवेश कुमार शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
देवेश कुमार शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 19 Apr 2017 07:06 PM IST
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amazing success story of painter parminder jeet singh
पेंटर परमिंदर जीत सिंह
आइए आपको मिलाते हैं उस शख्स से, जो बड़ा ही अनोखा काम कर रहा है। उसके इस काम से जहां युवाओं को रोजगार मिलता है, वहीं समाज को नई दिशा मिलती है। इनका नाम है 42 वर्षीय परमिंदर जीत सिंह। इस कलाकार ने अपनी पेंटिंग्स के माध्यम से उन कारणों और जन समस्याओं को उठाने का बीड़ा उठाया है, जोकि सड़क हादसों को जन्म देते हैं।
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रविवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-17 में परमिंदर जीत सिंह ने सड़क हादसों का सबब बन रहे मवेशियों पर लाइव पेंटिंग बनाकर अपने मिशन की शुरुआत की। मानवीय गलतियों के कारण हो रही घटनाओं को कैनवास पर उतारने वाले परमिंदर सिंह मूलतः अमृतसर के रहने वाले हैं। उन्हें बचपन से ही पेंटिंग्स से लगाव रहा। अपने शौक के चलते 1996 में आर्ट एंड क्राफ्ट के दो वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश लेकर विशेष ट्रेनिंग ली। पिछले 30 वर्षों से पेंटिंग्स बना रहे पर‌मिंदर जीत के परिवार में मां, पत्नी और एक डेढ़ साल की एक बेटी भी है।
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नौकरी के इंटरव्यू में मिले थे जीरो नंबर
परमिंदर सिंह को 2001 में अकाली दल सरकार की ओर से आर्ट एंड क्राफ्ट विषय के लिए निकली सरकारी भर्ती के लिए हुए साक्षात्कार में जीरो नबंर देकर फेल कर दिया गया था।  साक्षात्कार कर्ताओं ने उस मौके पर कहा था कि तुम्हें पेंटिंग्स के बारे कुछ पता ही नहीं है। उसके बाद परमिंदर से कभी नौकरी के लिए आवेदन नहीं किया और जनसमस्याओं पर पेंटिंग बनाना शुरू कर दिया।
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गुरुद्वारे में लगी है पेंटिंग
अमृतसर के वल्लाह साहब गुरुद्वारे में भी परमिंदर जीत सिंह की बनाई पेंटिंग्स लगी है।

बेरोजगारों को देते हैं प्रशिक्षण
परमिंदर खाली समय में बेरोजगारों को निशुल्क प्रशिक्षण देते हैं। वे अब तक 400 से अधिक युवाओं को फोटोशॉप, कोरल ड्रा, क्ले मॉड‌ल और पेंटिंग बनाने की ट्रेनिंग दे चुके हैं। परमिंदर जीत का मानना है कि कंप्यूटर और कला के बिना व्यक्ति का जीवन अधूरा है।


आरोपियों के स्कैच भी बनाए
परमिंदर जीत सिंह ने पंजाब पुलिस के लिए अपराधियों के स्कैच बनाते रहे हैं। परमिंदर ने वाघा बार्डर परेड के मॉडल और देवी-देवताओं के हैंडमेड कलाकृतियां भी बनाई हैं।  इनसे होने वाली आमदनी ही इनकी आजीविका का माध्यम है। साथ ही ऑन डिमांड लैंडस्केप, पोट्रेट और लोगों के चित्र भी बनाते हैं।
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