उपलब्धि : चंडीगढ़ के संधू सिंह को मिला सिडनी आर्ट शो में सम्मान
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सिटी ब्यूटीफुल से कनाडा जाकर बसे आर्टिस्ट संधू सिंह ने अपनी उपलब्धियों की लिस्ट को और लंबा कर लिया है। पिछले माह संपन्न हुए सिडनी आर्ट शो में संधू की तीन कलाकृतियां चुनी गईं हैं।
पेशे से मेल नर्स संधू सिंह के लिए वाटर कलर पेंटिंग एक जुनून है। सिडनी आर्ट शो में एक हजार से ज्यादा एंट्री मुकाबले में आती हैं और एक कलाकार अधिकतम तीन पेंटिंग पेश कर सकता है। संधू सिंह उन चुने हुए भागीदारों में रहे जिनकी तीनों पेंटिंग्स चुन ली गईं।
चंडीगढ़ के सेक्टर 10 के डीएवी कॉलेज से बीए करने के बाद संधू सिंह नब्बे के दशक के आरंभ में कनाडा जाकर बस गए थे। वहां विक्टोरिया बीसी में उन्होंने कॅरियर का शुरुआती संघर्ष किया और कुकिंग और गार्डनिंग में हाथ आजमाने के बाद मेल नर्स बनने की ठानी।
बाकायदा ट्रेनिंग ली और 2002 में रजिस्टर्ड नर्स के तौर पर कार्डियाक नर्सिंग का अपना सफर शुरू किया। एक विशेष बातचीत में संधू सिंह ने अमर उजाला को बताया कि कुछ बरस पहले उन्होंने हॉबी के तौर पर वाटर कलर को आजमाया और उसके बाद इस विधा से उन्हें आत्मीय प्रेम हो गया।
'क्वपेंटिंग वर्क लाइफ बैलेंस बिठाने में करती है मदद'
वे अब पहले फोटो खींचते हैं और उसके बाद उसे वाटर कलर से कैनवास पर उतार देते हैं। संधू कहते हैं, -- क्वपेंटिंग मुझे वर्क लाइफ बैलेंस बिठाने में मदद करती है।
ठीक उसी तरह जैसे चटख रंगों से मैं कैनवास पर पिक्चर को बैलेंस करता हूं। मेरी पेंटिंग्स रोजमर्रा की जिंदगी की सादगी को चित्रित कर पाएं - यही मेरा मकसद रहता है।
संधू सिंह का काम ब्रिटिश कोलंबिया की आर्ट गैलरियों में प्रदर्शित होता रहा है। उनकी वेबसाइट www.sandhusingh.com पर उन्हें मिले अनेक प्रतिष्ठित अवार्ड दर्ज हैं।
अमेरिका, आस्ट्रेलिया और यूरोप में उनका काम काफी सराहा और खरीदा गया है। वे बताते हैं कि जल्दी ही वे चंडीगढ़ आएंगे और यहां के कलाप्रेमियों के समक्ष अपनी कलाकृतियां पेश करेंगे।