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जीएसटी : माइग्रेशन नहीं तो कैंसल होगा पंजीकरण
ब्यूरो अमर उजाला आगरा
Updated Thu, 04 May 2017 10:56 AM IST
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एक जुलाई से प्रस्तावित जीएसटी में हर महीने बिक्री का रिटर्न 10 तारीख को, खरीद का रिटर्न 15 को और समायोजन का रिटर्न 20 तारीख तक करना अनिवार्य है। जीएसटीएन पोर्टल पर ही हर महीने तीनों रिटर्न दाखिल करने होंगे। रिवाइज रिटर्न का प्रावधान नहीं होगा लेकिन भूल होने पर रेक्टीफिकेशन 30 सितंबर तक ही संभव है। माइग्रेशन नहीं होने पर पंजीकरण कैंसल हो जाएगा।
जीएसटी पर जीवनी मंडी स्थित नेशनल चेंबर सभागार में हुई वर्कशॉप में सीए आलोक फरसैया ने यह जानकारी दी। व्यापारियों की भ्रांतियों को दूर करने और जागरूक करने के लिए आयोजित वर्कशॉप में उन्होंने बताया कि हर व्यापारी को स्टॉक रजिस्टर मेंटेन करना होगा। सीजीएसटी और एसजीएसटी के बीच का अंतर भी बताया।
सीए ब्रजेश वर्मा ने बताया कि 30 जून तक बकाया स्टॉक का व्यापारी पर एक्साइज इनवॉयस उपलब्ध नहीं है तो उसे कुल स्टॉक का 40 फीसदी रिफंड ही मिल पाएगा। माल परिवहन के लिए बिल अवश्य लगाने होंगे। अगर बिल नहीं लगेंगे तो जुर्माने का प्रावधान है। व्यापारी का स्टॉक रजिस्टर अब गुप्त नहीं रहेगा। अपने कंप्यूटर पर ही जीएसटी के सभी ब्यौरे देने होंगे। वर्कशॉप में अध्यक्ष नरिंदर सिंह, अनूप गोयल, मनोज बंसल, दिनेश जैन, कमलकांत, दीपक राठौर, आरएल गौर आदि मौजूद रहे।
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एक जुलाई से प्रस्तावित जीएसटी में 31 मई तक जीएसटीएन में पंजीकरण किए जाने हैं। वाणिज्य कर कमिश्नर मुकेेश कुमार मेश्राम ने जोनल एडीशनल कमिश्नर को निर्देश दिए हैं कि विभाग में पंजीकृत सभी एक्टिव व्यापारियों को जीएसटीएन में आखिरी तारीख से पहले पंजीकृत करा दें। आगरा में 80 सस्पेंडेड डीलर हैं। पांच मई तक उनके सस्पेंड टिन नंबर को या तो एक्टिव किया जाए या फिर कैंसिल किया जाए। जीएसटी में माइग्रेशन सभी व्यापारियों को कराना होगा।
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जीएसटी पर जीवनी मंडी स्थित नेशनल चेंबर सभागार में हुई वर्कशॉप में सीए आलोक फरसैया ने यह जानकारी दी। व्यापारियों की भ्रांतियों को दूर करने और जागरूक करने के लिए आयोजित वर्कशॉप में उन्होंने बताया कि हर व्यापारी को स्टॉक रजिस्टर मेंटेन करना होगा। सीजीएसटी और एसजीएसटी के बीच का अंतर भी बताया।
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सीए ब्रजेश वर्मा ने बताया कि 30 जून तक बकाया स्टॉक का व्यापारी पर एक्साइज इनवॉयस उपलब्ध नहीं है तो उसे कुल स्टॉक का 40 फीसदी रिफंड ही मिल पाएगा। माल परिवहन के लिए बिल अवश्य लगाने होंगे। अगर बिल नहीं लगेंगे तो जुर्माने का प्रावधान है। व्यापारी का स्टॉक रजिस्टर अब गुप्त नहीं रहेगा। अपने कंप्यूटर पर ही जीएसटी के सभी ब्यौरे देने होंगे। वर्कशॉप में अध्यक्ष नरिंदर सिंह, अनूप गोयल, मनोज बंसल, दिनेश जैन, कमलकांत, दीपक राठौर, आरएल गौर आदि मौजूद रहे।
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एक जुलाई से प्रस्तावित जीएसटी में 31 मई तक जीएसटीएन में पंजीकरण किए जाने हैं। वाणिज्य कर कमिश्नर मुकेेश कुमार मेश्राम ने जोनल एडीशनल कमिश्नर को निर्देश दिए हैं कि विभाग में पंजीकृत सभी एक्टिव व्यापारियों को जीएसटीएन में आखिरी तारीख से पहले पंजीकृत करा दें। आगरा में 80 सस्पेंडेड डीलर हैं। पांच मई तक उनके सस्पेंड टिन नंबर को या तो एक्टिव किया जाए या फिर कैंसिल किया जाए। जीएसटी में माइग्रेशन सभी व्यापारियों को कराना होगा।