फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   PMLA court grants bail to formar ceo of yes bank Rana Kapoor in rs 200 crore loan case

Rana Kapoor: 200 करोड़ रुपये के ऋण मामले में राणा कपूर को जमानत, जानें फिर भी क्यों जेल में ही रहना होगा बंद

Wed, 12 Apr 2023 11:00 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 12 Apr 2023 11:00 PM IST
सार

अदालत ने जमानत देते हुए कहा कि बिना मुकदमे के आगे कैद की अनुमति केवल सीबीआई के इन शब्दों के आधार पर नहीं दी जा सकती है कि जांच लंबित है। 

विज्ञापन
PMLA court grants bail to formar ceo of yes bank Rana Kapoor in rs 200 crore loan case
ED अदालत से बाहर निकलते राणा कपूर - फोटो : PTI

विस्तार

विशेष पीएमएलए अदालत ने 200 करोड़ रुपये के ऋण के मामले में यस बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी राणा कपूर को जमानत दे दी। अदालत ने जमानत देते हुए कहा कि बिना मुकदमे के आगे कैद की अनुमति केवल सीबीआई के इन शब्दों के आधार पर नहीं दी जा सकती है कि जांच लंबित है। 

विज्ञापन


अदालत ने कहा, क्या सीबीआई को बिना किसी प्रगति रिपोर्ट के अंतिम रिपोर्ट दाखिल करने में सात साल का समय लेने की अनुमति देना और तब तक एक त्वरित सुनवाई के लिए विचाराधीन कैदी के अधिकार को निलंबित करना कानूनी रूप से स्वीकार्य है? विशेष न्यायाधीश एमजी देशपांडे ने मंगलवार को अपने आदेश में कहा, यह गंभीर है। 
विज्ञापन


हालांकि, कपूर अभी जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे, क्योंकि उनके खिलाफ दर्ज कुछ अन्य मामलों में उन्हें अभी जमानत नहीं मिली है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) द्वारा दर्ज एक निर्दिष्ट अपराध के आधार पर कपूर के खिलाफ 200 करोड़ रुपये के छह ऋणों के संबंध में धनशोधन के आरोपों की जांच कर रहा है, जो यस बैंक ने 2011 और 2016 के बीच मेसर्स मैक स्टार मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड के जरिए एचडीआईएल को दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


वकील विजय अग्रवाल और राहुल अग्रवाल के जरिए दायर अपनी जमानत याचिका में कपूर ने दावा किया कि कथित ऋण धोखाधड़ी के लिए सीबीआई द्वारा दर्ज प्राथमिकी में उनका नाम नहीं है। उन्होंने कहा कि इसलिए उनके खिलाफ कोई अपराध दर्ज नहीं है।


अदालत ने मैक स्टार मार्केटिंग को दिए गए ऋण में कथित अनियमितताओं की जांच की स्थिति पर सीबीआई से एक रिपोर्ट मांगी थी। हालांकि, केंद्रीय एजेंसी ने अपने जवाब में केवल इतना कहा कि उनकी जांच अभी भी प्रगति पर है। इस पर विशेष न्यायाधीश ने कहा, 'आवेदक (कपूर) को बिना मुकदमे के दो साल, दो महीने और तीन दिन तक अनुचित तरीके से कैद में रखना वह कीमत थी जो उन्होंने (कपूर ने) केवल आर्थिक अपराधों की कथित गंभीरता, परिमाण और अलग-अलग प्रकृति के कारण चुकाई है।'


और भी पढ़ें....

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed