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बैंकों के हालात: घटने के बाद पहली छमाही में फिर बढ़ सकता है एनपीए
Thu, 18 Mar 2021 12:44 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, मुंबई।
एजेंसी, मुंबई।
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 18 Mar 2021 12:44 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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सुधार के बाद इस साल फिर बैंकों की संपत्तियों की गुणवत्ता में गिरावट आ सकती है। फिक्की और भारतीय बैंक संघ (आईबीए) के सर्वे के मुताबिक, 2021 की पहली छमाही में बैंकों का एनपीए बढ़ सकता है। 2020 की दूसरी छमाही में इसमें सुधार दिखा था।
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जुलाई-दिसंबर, 2020 के दौरान बैंकर्स के बीच कराए सर्वे के 12वें चरण में कहा गया है कि बांटे गए कर्ज की वसूली में दिक्कत से एनपीए बढ़ने की आशंका है। इसका असर बैंकों की संपत्ति की गुणवत्ता पर पड़ेगा।
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सरकारी, विदेशी और निजी क्षेत्र के 20 बैंकों पर किए सर्वे में शामिल आधे उत्तरदाताओं ने कहा, 2020 की दूसरी छमाही में एनपीए में कमी आई है। सरकारी बैंकों के करीब 78 फीसदी उत्तरदाताओं ने भी एनपीए में कमी को स्वीकार किया।
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हालांकि, भविष्य के पूर्वानुमान के लिहाज से 68 फीसदी उत्तरदाता बैंकरों ने माना कि 2021 की पहली छमाही में एनपीए 10 फीसदी से ज्यादा होगा। वहीं, करीब 37 फीसदी ने कहा कि एनपीए 12 फीसदी से ज्यादा होगा।
सर्वे के मुताबिक, पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी, एमएसएमई, विमानन और रेस्टोरेंट क्षेत्र को दिए कर्ज पर बड़ा जोखिम है। आरबीआई ने इस साल जनवरी में जारी वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट में कहा था कि सितंबर, 2021 तक बैंकों का एनपीए बढ़कर 13.5 फीसदी तक पहुंच सकता है।