चॉकलेट वाली कूटनीति: पीएम मोदी के लिए बेल्जियम के प्रधानमंत्री ला रहे थे 'इंडिया गेट', जानें फिर क्या हुआ
बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने पीएम मोदी के लिए विशेष बेल्जियन चॉकलेट से 'इंडिया गेट' का शानदार मॉडल बनवाया था, जो भारत लाते समय पिघल गया। जानिए भारत और बेल्जियम का साझा इतिहास और चॉकलेट कूटनीति का यह अनूठा किस्सा।
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भारत और बेल्जियम के बीच रणनीतिक और ऐतिहासिक संबंधों को एक मीठा कूटनीतिक स्पर्श का प्रयास अधूरा रह गया। दरअसल बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए एक बेहतर खास तोहफा लेकर आ रहे थे पर वह भारत नहीं पहुंच पाया। बेल्जियम के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने बताया कि वे अपनी भारत यात्रा के दौरान पीएम मोदी के लिए प्रसिद्ध बेल्जियन चॉकलेट से बना 'इंडिया गेट' का एक भव्य मॉडल साथ ला रहे थे। हालांकि, लंबी दूरी की यात्रा नाजुक चॉकलेट सहन नहीं कर सकी।
सफर के दौरान बेल्जियम के प्रधानमंत्री के खास तोहफे के साथ क्या हुआ?
बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने पीएम मोदी के सामने खुद इस दिलचस्प लेकिन निराशाजनक घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वह प्रधानमंत्री मोदी को बेहतरीन बेल्जियन चॉकलेट से तैयार किया गया इंडिया गेट का मॉडल सौंपना चाहते थे। लेकिन भारत पहुंचने से पहले ही रास्ते के सफर में यह नाजुक तोहफा पूरी तरह खराब हो गया। प्रधानमंत्री डी वेवर ने चुटीले अंदाज में अपनी इस कूटनीतिक विफलता को स्वीकार करते हुए कहा, "चॉकलेट कूटनीति के लिए तो अच्छी है, लेकिन कूटनीतिक यात्रा के लिए उतनी अच्छी नहीं है।" उन्होंने यह भी बताया किया कि दिल्ली में स्थित असली इंडिया गेट तो लगभग एक सदी से शान से खड़ा है, लेकिन चॉकलेट से बना उसका यह छोटा मॉडल भारत तक का अपना सफर भी पूरा नहीं कर सका। हालांकि, उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी है और बताया कि इसका एक दूसरा मॉडल बेल्जियम में सुरक्षित रखा है, जिसे वह जल्द ही सही-सलामत पीएम मोदी तक पहुंचाने का रास्ता निकालेंगे।
इस अनोखे उपहार के लिए इंडिया गेट के मॉडल को ही क्यों चुना गया था?
चॉकलेट से बने इस उपहार के लिए इंडिया गेट के मॉडल का चयन कोई इत्तेफाक नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक बहुत ही गहरा राजनयिक और ऐतिहासिक संदेश छिपा था। प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के अनुसार, इंडिया गेट का यह मॉडल जानबूझकर चुना गया था क्योंकि यह सीधे तौर पर भारत और बेल्जियम के साझा इतिहास और भविष्य की मजबूत साझेदारी से जुड़ा हुआ है। यह मॉडल दोनों देशों के बीच के उन पुराने ऐतिहासिक संबंधों का प्रतीक है, जिनकी नींव एक सदी पहले रखी गई थी।
प्रथम विश्व युद्ध और बेल्जियम की धरती से इस तोहफे का क्या संबंध है?
दरअसल, जो चॉकलेट मॉडल बेल्जियम के प्रधानमंत्री भारत ला रहे थे वह प्रथम विश्व युद्ध के उन वीर भारतीय सैनिकों की याद में तैयार किया गया था, जिन्होंने बेल्जियम की रक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया था। बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने श्रद्धापूर्वक उन्हें याद करते हुए कहा कि एक सदी से भी अधिक समय पहले, हजारों भारतीय सैनिक अपनी मातृभूमि से हजारों मील दूर जाकर बेल्जियम की धरती (फ्लैंडर्स फील्ड्स) पर बहादुरी से लड़े थे और वहां शहादत दी थी। बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि बेल्जियम ने भारतीय सैनिकों के इस अदम्य साहस, बहादुरी और उनके महान बलिदान को आज तक भुलाया नहीं है और यह गौरवशाली गाथा दोनों देशों के साझा इतिहास का एक अटूट हिस्सा है।