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कोरोना ने चौपट किया कारोबार, आगरा में हर दिन 150 करोड़ का 'सन्नाटा'
Tue, 24 Mar 2020 12:04 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 24 Mar 2020 12:04 AM IST
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आगरा का किनारी बाजार बंद
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में कोरोना वायरस से कारोबार को बड़ा झटका लग सकता है। अलग-अलग ट्रेड में कोरोना के खौफ के कारण 40 से 70 फीसदी तक कारोबार प्रभावित था, लेकिन अगर लॉकडाउन अगर 31 मार्च तक बढ़ता है तो 1500 करोड़ रुपये का असर अकेले आगरा में ही होने का अनुमान है।
हर दिन 150 करोड़ रुपये का लेन-देन चौपट हो रहा है। जनता कर्फ्यू के बाद लॉकडाउन के पहले ही दिन शहर में व्यापार बंद होने से 150 करोड़ का झटका लगा, लेकिन व्यापारी कोरोना वायरस से बचाव को इस नुकसान से ज्यादा महत्वपूर्ण मान रहे हैं।
कोरोना वायरस के तीसरे चरण में आने के बाद सोशल डिस्टेंसिंग के कारण रेल, हवाई उड़ान, बसें, बाजार, मेट्रो, अंतर्राज्यीय परिवहन बंद करने के कारण व्यापारियों को 25 मार्च तक बड़ा नुकसान झेलना पड़ेगा।
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अगर स्थिति सामान्य नहीं हुई और लॉकडाउन 31 तक बढ़ गया तो सराफा, इलेक्ट्रिकल्स, मोबाइल और मोबाइल एसेसरीज, जूता, पर्यटन, हस्तशिल्प व्यवसाय समेत कारोबार पर 31 मार्च तक करीब 1500 करोड़ रुपये का असर पड़ सकता है।
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हर दिन 150 करोड़ रुपये का लेन-देन चौपट हो रहा है। जनता कर्फ्यू के बाद लॉकडाउन के पहले ही दिन शहर में व्यापार बंद होने से 150 करोड़ का झटका लगा, लेकिन व्यापारी कोरोना वायरस से बचाव को इस नुकसान से ज्यादा महत्वपूर्ण मान रहे हैं।
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कोरोना वायरस के तीसरे चरण में आने के बाद सोशल डिस्टेंसिंग के कारण रेल, हवाई उड़ान, बसें, बाजार, मेट्रो, अंतर्राज्यीय परिवहन बंद करने के कारण व्यापारियों को 25 मार्च तक बड़ा नुकसान झेलना पड़ेगा।
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अगर स्थिति सामान्य नहीं हुई और लॉकडाउन 31 तक बढ़ गया तो सराफा, इलेक्ट्रिकल्स, मोबाइल और मोबाइल एसेसरीज, जूता, पर्यटन, हस्तशिल्प व्यवसाय समेत कारोबार पर 31 मार्च तक करीब 1500 करोड़ रुपये का असर पड़ सकता है।
नवरात्र में सराफा कारोबारियों को झटका
लॉकडाउन के दौरान नवरात्र पड़ रहे हैं। ऐसे में सराफा कारोबार को जोर का झटका लग सकता है। श्री सराफा कमेटी के मंत्री देवेंद्र गोयल का कहना है कि पहले मंदी, ओलावृष्टि के कारण खरीदार कम थे, लेकिन अब कोरोना ने सब चौपट कर दिया है।
मुंबई, राजकोट समेत सभी सप्लाई खत्म हैं। नवरात्र में बाजार उठने की उम्मीद थी। शेयर बाजार में गिरावट के बाद सोने और चांदी की बिक्री नवरात्र में होने का अनुमान था, लेकिन कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन से करोड़ों का कारोबार प्रभावित हो सकता है।
मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री बंद
लॉकडाउन के असर से इलेक्ट्रोनिक्स, मोबाइल और एसेसरीज के बाजार भी अछूते नहीं है। हालांकि ऑन लाइन डिलीवरी के कारण पहले ही कारोबार को झटका था, लेकिन अब लॉक डाउन के दौरान नवरात्र में न ऑन लाइन और न ही ऑफ लाइन ही इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल की बिक्री हो पाएगी।
मोबाइल फोन विक्रेता लोकेंद्र अग्रवाल का कहना है कि नवरात्र में बाजार की मंदी दूर होने की सभी उम्मीदें धराशाई हो गईं। हालांकि उनका मानना है कि कोरोना वायरस केकहर के आगे बाजार बंद करना ठीक कदम है। बंदी के अलावा कोई अन्य विकल्प भी नहीं है।
मुंबई, राजकोट समेत सभी सप्लाई खत्म हैं। नवरात्र में बाजार उठने की उम्मीद थी। शेयर बाजार में गिरावट के बाद सोने और चांदी की बिक्री नवरात्र में होने का अनुमान था, लेकिन कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन से करोड़ों का कारोबार प्रभावित हो सकता है।
मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री बंद
लॉकडाउन के असर से इलेक्ट्रोनिक्स, मोबाइल और एसेसरीज के बाजार भी अछूते नहीं है। हालांकि ऑन लाइन डिलीवरी के कारण पहले ही कारोबार को झटका था, लेकिन अब लॉक डाउन के दौरान नवरात्र में न ऑन लाइन और न ही ऑफ लाइन ही इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल की बिक्री हो पाएगी।
मोबाइल फोन विक्रेता लोकेंद्र अग्रवाल का कहना है कि नवरात्र में बाजार की मंदी दूर होने की सभी उम्मीदें धराशाई हो गईं। हालांकि उनका मानना है कि कोरोना वायरस केकहर के आगे बाजार बंद करना ठीक कदम है। बंदी के अलावा कोई अन्य विकल्प भी नहीं है।
जूता फैक्टरियों में उत्पादन ठप, बिक्री बंद
सर्दी के बाद गर्मियों के लिए नए सीजन के जूतों का उत्पादन आगरा में चल रहा था। पहले रॉ मैटेरियल की कमी के कारण कारोबार प्रभावित था, लेकिन अब लॉक डाउन के कारण जूता फैक्ट्रियों में उत्पादन ठप है।
आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन के अध्यक्ष गागनदास रामानी ने 25 मार्च तक फैक्टरियों की बंदी की घोषणा की है। लॉक डाउन में 31 मार्च तक बाजार बंद रहेंगे। कोरोना का असर पूरे देश में है, ऐसे में फुटवियर के आर्डर ही बंद हैं। देश भर में जूतों के उत्पादन का 65 फीसदी हिस्सा आगरा में बनता है।
आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन के अध्यक्ष गागनदास रामानी ने 25 मार्च तक फैक्टरियों की बंदी की घोषणा की है। लॉक डाउन में 31 मार्च तक बाजार बंद रहेंगे। कोरोना का असर पूरे देश में है, ऐसे में फुटवियर के आर्डर ही बंद हैं। देश भर में जूतों के उत्पादन का 65 फीसदी हिस्सा आगरा में बनता है।
जिस खतरनाक तरीके से कोरोना कहर बरपा रहा है, उसे देखते हुए आर्थिक नुकसान तो झेल लेंगे, लेकिन जान का नुकसान नही झेल पाएंगे। आर्थिक नुकसान की भरपाई तो बाद में भी की जा सकती है। - टीएन अग्रवाल, अध्यक्ष, आगरा व्यापार मंडल