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पीएसबी को 2.1 लाख करोड़ तक पूंजी की जरूरत: मूडीज
Sat, 22 Aug 2020 07:42 AM IST
संजीव कुमार झा
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sat, 22 Aug 2020 07:42 AM IST
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मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने शुक्रवार को कहा कि कमजोर पूंजीगत भंडार को देखते हुए सरकारी बैंकों (पीएसबी) को दो साल में 2.1 लाख करोड़ रुपये तक बाहरी पूंजी की जरूरत होगी। इसके लिए सरकारी समर्थन सबसे अधिक भरोसेमंद स्रोत होगा। पीएसबी का पूंजीगत भंडार 1.9 लाख करोड़ रुपये है।
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मूडीज की उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ ऋण अधिकारी अल्का अंबरासू ने कहा, भारतीय अर्थव्यवस्था में तेज गिरावट और कोरोना महामारी के प्रकोप से पीएसबी की परिसंपत्तियों की गुणवत्ता को नुकसान होगा एवं कर्ज की लागत बढ़ेगी। उन्होंने कहा, भारत की बैंकिंग प्रणाली में पीएसबी का दबदबा है।
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ऐसे में उनकी किसी भी तरह की विफलता वित्तीय स्थिरता को खतरे में डाल सकती है। हम उम्मीद करते हैं कि सरकार का समर्थन आगे भी जारी रहेगा। मूडीज ने ‘कोरोना के कारण बैंकों के पास एक बार फिर होगी पूंजी की कमी’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा, खासतौर से खुदरा और छोटे कारोबारी ऋणों से परिसंपत्ति की गुणवत्ता बिगड़ जाएगी।
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2021-22 में अर्थव्यवस्था में मामूली सुधार
मूडीज ने कहा, भारत की अर्थव्यवस्था में 2020-21 के दौरान तेजी से गिरावट आएगी। हालांकि, 2021-22 में अर्थव्यवस्था में मामूली सुधार देखने को मिल सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कर्ज की लागत बढ़ने से बैंकों को बड़ी पूंजी की कमी का सामना करना पड़ेगा।
कुल पूंजी आवश्यकता राशि में पीएसबी को करीब 70 फीसदी एनपीएल (नॉन परफॉर्मिंग लोन) को कर्ज-हानि प्रावधानों का निर्माण करने के लिए करीब एक लाख करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी।