IRCTC convenience fee: रेलवे ने 19 घंटे बाद बदला अपना फैसला, 29 फीसदी तक शेयर गिरने के बाद अब रिकवरी
आईआरसीटीसी ने गुरुवार को कहा था कि रेल मंत्रालय ने उसे अपनी वेबसाइट पर बुकिंग से होने वाले अपने राजस्व का 50 प्रतिशत हिस्सा भारतीय रेल के साथ साझा करने के लिए कहा है।
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रेल मंत्रालय ने शुक्रवार को भारतीय रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) सुविधा शुल्क से जुड़ा कल का फैसला वापस ले लिया है। मंत्रालय ने करीब 19 घंटे बाद अपना फैसला बदला है। निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग के सचिव ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा, 'रेल मंत्रालय ने आईआरसीटीसी सुविधा शुल्क पर निर्णय वापस लेने का फैसला किया है।' रेलवे के इस फैसले से ग्राहकों को सस्ता टिकट नहीं मिलेगा। आईआरसीटीसी ने गुरुवार को कहा था कि रेल मंत्रालय ने उसे अपनी वेबसाइट पर बुकिंग से होने वाले अपने राजस्व का 50 प्रतिशत हिस्सा भारतीय रेल के साथ साझा करने के लिए कहा है।
रेल मंत्रालय के फैसले के बाद, शुक्रवार को बीएसई पर आईआरसीटीसी (IRCTC) का स्टॉक 29 फीसदी गिरकर 650.10 रुपये के निचले स्तर पर आ गया। हालांकि, सरकार के स्पष्टीकरण के बाद आईआरसीटीसी के शेयर में 39 फीसदी की रिकवरी हुई और यह 906 रुपये पर स्तर पर पहुंच गया। ग्राहकों से वसूले जाने वाले सुविधा शुल्क से आईआरसीटीसी के लिए एक बड़े राजस्व का सृजन होता है। शुल्क रेल किराए का हिस्सा नहीं है। यह आईआरसीटीसी द्वारा दी जाने वाली ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सेवा के लिए वसूला जाता है। गुरुवार को रेलवे बोर्ड का फैसला आने के बाद आईआरसीटीसी का शेयर 20 फीसदी गिर गया था।
Ministry of Railways has decided to withdraw the decision on IRCTC convenience fee pic.twitter.com/HXIRLxXTlL
विज्ञापन विज्ञापन— Secretary, DIPAM (@SecyDIPAM) October 29, 2021