फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   India and China drive shift from G7 to BRICS in global trade dynamics: EY report

Trade: वैश्विक व्यापार में ब्रिक्स देशों की बढ़ रही भागीदारी, जी-7 राष्ट्रों के बजाय समूह का बढ़ रहा दबदबा

Thu, 31 Oct 2024 04:29 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Thu, 31 Oct 2024 04:29 PM IST
सार

ईवाई इंडिया के मुख्य नीति सलाहकार डी.के. श्रीवास्तव के मुताबिक, ब्रिक्स प्लस की निर्यात में बढ़ती भागीदारी वैश्विक व्यापार में इसके प्रभाव को मजूबत कर रही है।

विज्ञापन
India and China drive shift from G7 to BRICS in global trade dynamics: EY report
ब्रिक्स सम्मेलन - फोटो : एक्स/विदेश मंत्रालय

विस्तार

भारत और चीन का वैश्विक व्यापार में प्रभाव बढ़ रहा है। इससे जी-7 देशों के बजाय ब्रिक्स समूह को महत्व बढ़ रहा है। जी-7 देशों अमेरिका, जापान, जर्मनी जैसे देश शामिल हैं। ईवाई इंडिया की एक हालिया रिपोर्ट में यह बात कही गई है।  

विज्ञापन


रिपोर्ट के मुताबिक, इस बदलाव में मुख्य भूमिका भारत और चीन की है। इसमें कहा गया है कि ब्रिक्स प्लस समूह की वैश्विक व्यापार में हिस्सेदारी बढ़ी है। साल 2000 में ब्रिक्स देशखों का निर्यात का हिस्सा केवल 10.7 फीसदी थी। यह हिस्सेदारी 2023 में बढ़कर 23.3 फीसदी हो गई। वहीं, जी-7 देशों की हिस्सेदारी इसी अवधि में 45.1 फीसदी से घटकर 28.9 फीसदी रह गया। 
विज्ञापन


इसमें कहा गया है कि 2026 ताकत ब्रिक्स प्लस समूह का निर्यात जी-7 समूह से अधिक हो सकता है, अगर इसमें नए देश शामिल होते हैं। ईवाई इंडिया के मुख्य नीति सलाहकार डी. के. श्रीवास्तव के मुताबिक, ब्रिक्स प्लस की निर्यात में बढ़ती भागीदारी वैश्विक व्यापार में इसके प्रभाव को मजूबत कर रही है। चीन का इस बदलाव में सबसे बड़ा योगदान है, जहां ब्रिक्स प्लस निर्यात में उसका हिस्सा 2000 में 36.1 फीसदी से बढ़कर 2023 में 62.5 फीसदी हो गया। भारत ने भी 2023 में ब्रिक्स प्लस निर्यात में 7.9 फीसदी का योगदान दिया है।  
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके अलावा, ब्रिक्स प्लस देशों के उच्च-तकनीकी उत्पादो के निर्यात में भारी वृ्द्धि हुई है, जो 2000 में पांच फीसदी से बढ़कर 32.8 फीसदी पहुंच गई। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अमेरिकी डॉलर की वैश्विक मुद्रा के रूप में स्थिति कमजोर हुई है। 2000 में इसका हिस्सा 71.5 फीसदी था, जो 2024 में घटकर 58.2 फीसदी रह गया। यह बताता है कि भविष्य में एक बहु राष्ट्रीय मुद्राणी प्रणाली का उदय हो सकता है। 

संबंधित वीडियो- 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed