फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Government will ensure uninterrupted electricity supply

आज का साक्षात्कार : बिना रोक-टोक बिजली आपूर्ति संभव करेगी सरकार

Mon, 26 Nov 2018 06:35 AM IST
पीयूष पांडेय, नई दिल्ली
पीयूष पांडेय, नई दिल्ली Updated Mon, 26 Nov 2018 06:35 AM IST
विज्ञापन
Government will ensure uninterrupted electricity supply
डीवी सिंह, अध्यक्ष एवं एमडी, टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड - फोटो : THDC India Limited

टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड बिजली की निर्बाध आपूर्ति मुहैया कराने, पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और बिजली चोरी रोकने को लेकर केंद्र सरकार के साथ लगातार काम कर रही है। बिजली की कीमतों को काबू में रखने और उपभोक्ताओं को बिजली मुहैया कराने वाले पूरे तंत्र में सुधार के मुद्दों पर सरकारी क्षेत्र की यह कंपनी अहम राय रखती है। ऊर्जा क्षेत्र के विकास, उसकी चिंताओं और अन्य मुद्दों पर पीयूष पांडेय ने कॉरपोरेशन के अध्यक्ष एवं एमडी डीवी सिंह से खास बातचीत की। पेश है अंश :

विज्ञापन

प्रश्न : कोयला महंगा होने से बिजली की कीमतें बढ़ती जा रही हैं। इस पर आपका क्या कहना है? 

उत्तर :
ऐसा कहना उचित नहीं है कि बिजली की कीमतों लगातार बढ़ रही हैं क्योंकि अक्षय ऊर्जा में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इससे बड़े पैमाने पर बिजली की कीमतों में कमी आएगी। देखिए, पहले सौर ऊर्जा प्लेटें काफी महंगी थीं, जो अब सस्ती हो गई हैं। उनका प्रयोग लगातार बढ़ रहा है। मेरा मानना है कि तकनीक के अपग्रेड होने, ट्रांसमिशन सिस्टम एवं सब-स्टेशन में सुधार होने, डिस्कॉम के नुकसान में कमी लाने और चोरी पर रोक लगने से बिजली की कीमतें कम होंगी। गौर करने वाली बात है कि डिस्कॉम बिजली चोरी को कहीं-न-कहीं से निकालेगा। ऐसे में कीमतें बढ़ाना एकमात्र विकल्प होता है। इसके अलावा गरीब परिवारों को बिजली मुहैया कराने के लिए किराया कम रखा जाता है, जबकि ज्यादा खपता वालों का किराया अधिक रखा जाता है। कुल मिलाकर कीमतों का आकलन सिर्फ  कोयले पर निर्भर नहीं है।

प्रश्न : बिजली अचानक गुल होना बड़ी समस्या है। इसे रोकने को सरकारें तमाम दावे करती हैं, लेकिन इनकी हकीकत क्या है?

उत्तर :
यह गौर करने वाली बात है कि चार साल पहले उत्तर प्रदेश, बिहार और हरियाणा समेत पूरे देश में बिजली की स्थिति क्या थी। इसे बेहतर करने के लिए संयुक्त प्रयास किए गए हैं। इन वर्षों में ट्रांसमिशन स्सिटम को अपग्रेड करने, सब-स्टेशन के नुकसान की जांच करने और बिजली चोरी को रोकने जैसे कदम उठाए गए हैं। सरकार ने बिजली चोरी रोकने के लिए अंडरग्राउंड केबलिंग योेजना शुरू की है। भविष्य में स्पष्ट रूप से इसका प्रभाव दिखेगा। सुधार एक सतत प्रक्रिया है, जिसकी शुरुआत हो चुकी है। पूरी तरह सुधार होने में अब महज कुछ ही साल लगेंगे। मेरी नजर में गुणवत्तापूर्ण आपूर्ति अति महत्वपूर्ण है। ऊर्जा मंत्रालय की ओर से इस दिशा में तमाम कदम उठाए गए हैं और अब भी उठाए जा रहे हैं। देश के जिन इलाकों में बिजली नहीं थी, वहां ढांचागत व्यवस्था कर बिजली मुहैया कराई जा रही है। हमलोग जब मंत्रालय जाते हैं तो विभिन्न स्तरों पर चर्चा होती है। केंद्र सरकार राज्यों से आमतौर पर छोटे से छोटे या दूर-दराज इलाकों में बिजली आपूर्ति बिना रोकटोक मुहैया कराने पर लगातार विमर्श करती है।  

प्रश्न : मौजूदा समय देश में अतिरिक्त बिजली है। ऐसे में अब किस तरह के कदम उठाए जाने की जरूरत है? 

उत्तर : बिजली उत्पादन में वृद्धि जीडीपी में बढ़ोत्तरी की तर्ज पर होनी चाहिए। देखिए, आप जीडीपी वृद्धि के लिए उद्योग-धंधे समेत तमाम व्यवस्थाओं को सुसज्जित करने का अनुमान लगाते हैं। इन उद्योगों को चलाने के लिए बिजली अति महत्वपूर्ण है। यही वजह है कि जीडीपी के साथ ही बिजली उत्पादन बढ़ाने का अनुमान स्पष्ट रखा जाता है। हमारे यहां यह काम राष्ट्रीय इलेक्ट्रिसिटी योजना तैयार करने वाली सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी करती है। इसमें अथॉरिटी तय करती है कि वर्तमान में क्या क्षमता है और पांच साल बाद कितनी बिजली चाहिए। साथ ही यह भी देखती है कि कितने निर्माणाधीन प्लांट हैं, कितने पुराने हैं और कितने चल रहे हैं। नए नियम के मुताबिक, 25-30 साल पुराने बहुत से प्लांट रिटायरमेंट के दायरे में आ जाएंगे। इन प्लांट में कोयले की ज्यादा खपत होती है।

प्रश्न : बिजली चोरी रोकने के लिए सरकार ने क्या विभिन्न हिस्सेदारों से राय ली थी?

उत्तर :
बिल्कुल। आपने उदय योजना का नाम सुना ही होगा। इस योजना के तहत बिजली चोरी रोकने के लिए सभी हिस्सेदारों से राय ली गई थी। इसमें बिजली चोरी रोकने के लिए प्रचार-प्रसार करने के साथ दंडात्मक प्रावधान भी है। इस योजना का सबसे बड़ा कदम स्मार्ट मीटर लगाना है। इस मीटर में तमाम खूबियां हैं, जो बिजली चोरी रोकने में काफी कारगर हैं। बिजली चोरी रोकने के लिए ये तमाम सुधार तेजी से चल रहे हैं। भविष्य में इसका सबसे ज्यादा लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा।

प्रश्न : पर्यावरण के लिए प्रोजेक्ट तैयार करने में नुकसान पर आपके क्या विचार हैं? 

उत्तर :
देखिए, मैं यह जानता हूं कि 2013 में जब उत्तराखंड त्रासदी हुई तो टिहरी बांध ने नुकसान को कम करने में अहम भूमिका निभाई थी। दरअसल, टिहरी बांध भागीरथी पर है। अलकनंदा पर कोई बांध नहीं है। दोनों में बराबर पानी का बहाव था, लेकिन टिहरी ने भागीरथी के पानी को संभाल लिया और सिर्फ कुछ फीसदी ही छोड़ा। त्रासदी के वक्त 7,500 क्यूसेक पानी भागीरथी में आ रहा था, जबकि उसकी क्षमता 7,000 क्यूसेक की है। ऐसे में सिर्फ 15.20 फीसदी पानी ही छोड़ा जा रहा था। साथ ही मैं स्पष्ट कर दूं कि जो हाइड्रो प्रोजेक्ट तैयार होते हैं, उनके निर्माण से पहले पर्यावरण पर प्रभाव का आकलन किया जाता है। इनसे मेरी नजर में कोई नुकसान नहीं होता। अप्रत्यक्ष तौर पर फायदा जरूर हो सकता है, जैसा टिहरी ने त्रासदी के दौरान बचाव किया था। 

प्रश्न : खुर्जा पावर प्लांट पर उठी आशंकाओं पर आपका क्या कहना है?

उत्तर :
खुर्जा पावर प्लांट पर आशंका जताने वाली आईईईएएफ एजेंसी ने सही तथ्य नहीं लिए और हमसे तो कुछ पूछा ही नहीं। दरअसल, उसने खराब ग्रेड के कोयले के आधार पर रिपोर्ट तैयार की थी, जबकि खुर्जा प्लांट के लिए अमेलिया में अच्छे ग्रेड के कोयले वाले कोल ब्लॉक आवंटन हुआ है। उस रिपोर्ट पर हमने सवाल उठाए थे, जिसमें हमने स्पष्ट किया था बिजली महंगी होने का सवाल तो पैदा ही नहीं होता क्योंकि हमारा बिजली का मूल्य 3.61 रुपये है। इनका दूसरा मुद्दा प्रदूषण था, जो पूरी तरह गलत है क्योंकि तकनीक और ढांचागत तरीके से इस प्लांट में प्रदूषण से निपटा जा सकेगा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानक से आधा भी प्रदूषण इस प्लांट से नहीं होगा। एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा था कि प्लांट दिल्ली को और प्रदूषित करेगा, जबकि खुर्जा दिल्ली से 90 किलोमीटर दूर है। आईआईटी, कानपुर ने भी दिल्ली पर अध्ययन किया, जिसमें स्पष्ट था कि हवा का रुख दिल्ली से खुर्जा की ओर है न कि खुर्जा से दिल्ली की ओर। ऐसे में दिल्ली और प्रदूषित होगी, यह दावा हवा-हवाई है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed