पेट्रोलः टैक्स से 5 साल में 3 गुनी हुई कमाई, 2011 में कच्चा तेल था 118.64 डॉलर, पेट्रोल 58.37 रुपये
किसी वस्तु पर टैक्स से महज पांच साल में तीन गुनी कमाई बढ़ना, सुनने में बड़ा अजीब लगता है। लेकिन पेट्रोल-डीजल एवं अन्य पेट्रोलियम उत्पादों पर लगे टैक्स से केंद्र सरकार की कमाई पांच साल में करीब तीन गुनी बढ़ गई है।
यह कर वसूली ऐसे हालात में हो रही है जब इंडियन बॉस्केट कच्चे तेल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल का मनोवैज्ञानिक स्तर पार कर गई है। इस समय डीजल की कीमतें एतिहासिक शीर्ष स्तर पर जबकि पेट्रोल की कीमतें आसमान छू रही हैं। अप्रैल 2011 में 118.64 डॉलर के एतिहासिक शीर्ष स्तर पर थी, तब भी दिल्ली में पेट्रोल 58.37 रुपये जबकि डीजल 37.75 रुपये प्रति लीटर बिका था।
ऐसे बढ़ती गई कमाई
वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2013-14 में केंद्र सरकार को पेट्रोलियम पदार्थों पर टैक्स एवं सेस के मद में 88,600 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था। यह 2014-15 में बढ़ कर 1,05,653 करोड़ रुपये, 2015-16 में 1,85,956 करोड़ रुपये, 2016-17 में 2,53,254 करोड़ रुपये और वर्ष 2017-18 में दिसंबर तक 2,01,592 करोड़ रुपये पर आ गया था। 2018-19 के बजट में कुल 2,57,850 करोड़ रुपये के राजस्व वसूली का लक्ष्य तय किया है। यह वर्ष 2013-14 में हुई कुल वसूली के मुकाबले 2.91 गुना ज्यादा है।
अप्रैल 2011 में सबसे महंगा था क्रूड
पेट्रोलियम मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, अभी तक इंडियन बॉस्केट का सबसे महंगा क्रूड अप्रैल 2011 में खरीदा गया है। उस समय यह प्रति बैरल 118.64 डॉलर पर था। उस समय दिल्ली में पेट्रोल 58.37 रुपये जबकि डीजल 37.75 रुपये प्रति लीटर बिक रहे थे। जब मई 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार आई तो क्रूड के भाव 106.85 डॉलर प्रति बैरल पर थे। उस समय दिल्ली में पेट्रोल 71.41 रुपये और डीजल 56.71 रुपये प्रति लीटर बिका था।
अप्रैल 2016 में सबसे सस्ता था क्रूड
अप्रैल 2016 में तो इंडियन बॉस्केट क्रूड की कीमत घट कर 28.08 डॉलर प्रति बैरल तक घट गई थी। उस समय दिल्ली में पेट्रोल के दाम 59.35 रुपये और डीजल 45.03 रुपये प्रति लीटर था।
क्रूड 73 डॉलर के आसपास लेकिन कीमतें आसमान पर
इस समय इंडियन बॉस्केट क्रूड की कीमत 73 डॉलर के आसपास चल रही है लेकिन दिल्ली में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें आसमान पर हैं। डीजल की कीमतें जहां ऐतिहासिक 65.93 रुपये प्रति लीटर पर है तो पेट्रोल 74.67 रुपये पर। हालांकि दोनों ईंधनों की कीमतें पिछले तीन दिनों से स्थिर हैं।
चालू वर्ष में पेट्रोल पदार्थों से कर राजस्व
बेसिक एंड स्पेशल एक्साइज ड्यूटी 94,000
स्पेशल एडिशनल ड्यूटी 36,000
क्रूड पर सेस 14,850
रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस 1,13,000
कुल 2,57,850
-करोड़ रुपये में-